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Jhajjar-Bahadurgarh News: इस बार 9,500 की बजाय 12,500 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
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02jjrp15- शहर के शिव चौक पर कई दिनों से कूड़ा उठान न होने के कारण पड़ी गंदगी। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
झज्जर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की टूल किट लॉन्च कर दी गई है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 12,500 अंक का होगा। इस बार की नई थीम स्वच्छता की नई पहल बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ रखी गई है। पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण 9,500 अंक का था।
पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में झज्जर नगर परिषद की रैंकिंग गिरी थी। इस बार स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाया जाए इसलिए नगर परिषद की तरफ से जल्द ही इस पर काम किया जाएगा। फिलहाल स्वच्छता को लेकर नगर परिषद की स्थिति अच्छी नहीं है।
शहर में घर-घर कूड़ा उठान का काम सही नहीं हो रहा और न ही नगर परिषद अपना नियमित टेंडर चालू कर पाई है। सरकार की तरफ से अनुमति मिल चुकी है लेकिन स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय की तरफ से फाइनल रेट अप्रूवल का पत्र अब तक नहीं मिला है। इसके चलते नई फर्म ने अपना काम शुरू नहीं किया है।
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इसके अलावा रोड स्वीपिंग का टेंडर भी तक शुरू नहीं हो पाया है। उसके रेट अप्रूवल की फाइल भी कई माह से मुख्यालय को भेजी गई है लेकिन अब तक अप्रूवल नहीं मिल सकी है। रोल और नियमित कर्मी ही रोड स्वीपिंग का काम देख रहे हैं ऐसे में प्रतिदिन रोड और कॉलोनियों की सफाई का काम नहीं हो पा रहा है।
पिछले साल गिरी थी रैंकिग
शहरी और आवास मंत्रालय की तरफ से जुलाई 2025 में स्वच्छता रैंकिंग जारी की गई थी। इसमें झज्जर नगर परिषद प्रदेश में 11 पायदान पीछे खिसक गई थी। 2024 में नगर परिषद झज्जर स्वच्छता रैंकिंग के एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहर में प्रदेश में पांचवें स्थान पर था लेकिन 2025 में 16वां रैंक मिला था। झज्जर नगर परिषद को निवासीय स्थानों पर सफाई में शत प्रतिशत, मार्किट एरिया की सफाई में शत प्रतिशत, नाले, नालियों की सफाई में शत प्रतिशत, पब्लिक टॉयलेट की सफाई में शत प्रतिशत, वेस्ट जनरेशन और प्रोसेसिंग पर शत प्रतिशत, डपिंग साइट की सफाई पर शत प्रतिशत नंबर मिले थे जबकि घर-घर कूड़ा उठान में 64 प्रतिशत और कूड़ा निष्पादन में 25 प्रतिशत अंक ही मिले थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण में किस मद के कितने नंबर...
1. ओडीएफ सर्टिफिकेशन : 1 हजार
2. गारबेज फ्री सिटी: 1 हजार
3. 10 हजार 500 ऑन ग्राउंड असेसमेंट के रहेंगे।
सर्वे में इस बार जोड़े गए नए प्वॉइंट्स
1. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे वर्ष नागरिकों की प्रतिक्रिया जानना।
2. नागरिकों की प्रतिक्रिया को अधिक महत्व देना।
3. गंगा नगरों का नदी नगरों में विस्तार।
4. तटीय क्षेत्रों के लिए अलग मैट्रिक्स।
5. स्वच्छ शहर जोड़ियों के लिए 5 नई पुरस्कार श्रेणियां
6. खुले में शौच और पेशाब करने की रोकथाम के लिए 6 नए संकेतक जोड़े गए।
7. पर्यटन स्थलों/विरासत स्थलों/धार्मिक स्थलों और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
8. स्कूलों में व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम पर 8 नए संकेतक
वर्जन
कुछ दिन पहले ही स्वच्छता सर्वेक्षण की टूल किट जार की गई है। उसकी गाइड लाइन को समझा जा रहा है। घर-घर कूड़ा उठान की मंजूरी मिल गई है। उसका मुख्यालय से पत्र आना बाकी है। रोड स्वीपिंग के टेंडर की रेट अप्रूवल आनी बाकी है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग लाने का काम किया जाएगा।
अविनाश सिंगला, चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर, नगर परिषद
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पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में झज्जर नगर परिषद की रैंकिंग गिरी थी। इस बार स्वच्छता रैंकिंग को बढ़ाया जाए इसलिए नगर परिषद की तरफ से जल्द ही इस पर काम किया जाएगा। फिलहाल स्वच्छता को लेकर नगर परिषद की स्थिति अच्छी नहीं है।
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शहर में घर-घर कूड़ा उठान का काम सही नहीं हो रहा और न ही नगर परिषद अपना नियमित टेंडर चालू कर पाई है। सरकार की तरफ से अनुमति मिल चुकी है लेकिन स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय की तरफ से फाइनल रेट अप्रूवल का पत्र अब तक नहीं मिला है। इसके चलते नई फर्म ने अपना काम शुरू नहीं किया है।
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इसके अलावा रोड स्वीपिंग का टेंडर भी तक शुरू नहीं हो पाया है। उसके रेट अप्रूवल की फाइल भी कई माह से मुख्यालय को भेजी गई है लेकिन अब तक अप्रूवल नहीं मिल सकी है। रोल और नियमित कर्मी ही रोड स्वीपिंग का काम देख रहे हैं ऐसे में प्रतिदिन रोड और कॉलोनियों की सफाई का काम नहीं हो पा रहा है।
पिछले साल गिरी थी रैंकिग
शहरी और आवास मंत्रालय की तरफ से जुलाई 2025 में स्वच्छता रैंकिंग जारी की गई थी। इसमें झज्जर नगर परिषद प्रदेश में 11 पायदान पीछे खिसक गई थी। 2024 में नगर परिषद झज्जर स्वच्छता रैंकिंग के एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहर में प्रदेश में पांचवें स्थान पर था लेकिन 2025 में 16वां रैंक मिला था। झज्जर नगर परिषद को निवासीय स्थानों पर सफाई में शत प्रतिशत, मार्किट एरिया की सफाई में शत प्रतिशत, नाले, नालियों की सफाई में शत प्रतिशत, पब्लिक टॉयलेट की सफाई में शत प्रतिशत, वेस्ट जनरेशन और प्रोसेसिंग पर शत प्रतिशत, डपिंग साइट की सफाई पर शत प्रतिशत नंबर मिले थे जबकि घर-घर कूड़ा उठान में 64 प्रतिशत और कूड़ा निष्पादन में 25 प्रतिशत अंक ही मिले थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण में किस मद के कितने नंबर...
1. ओडीएफ सर्टिफिकेशन : 1 हजार
2. गारबेज फ्री सिटी: 1 हजार
3. 10 हजार 500 ऑन ग्राउंड असेसमेंट के रहेंगे।
सर्वे में इस बार जोड़े गए नए प्वॉइंट्स
1. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरे वर्ष नागरिकों की प्रतिक्रिया जानना।
2. नागरिकों की प्रतिक्रिया को अधिक महत्व देना।
3. गंगा नगरों का नदी नगरों में विस्तार।
4. तटीय क्षेत्रों के लिए अलग मैट्रिक्स।
5. स्वच्छ शहर जोड़ियों के लिए 5 नई पुरस्कार श्रेणियां
6. खुले में शौच और पेशाब करने की रोकथाम के लिए 6 नए संकेतक जोड़े गए।
7. पर्यटन स्थलों/विरासत स्थलों/धार्मिक स्थलों और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
8. स्कूलों में व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम पर 8 नए संकेतक
वर्जन
कुछ दिन पहले ही स्वच्छता सर्वेक्षण की टूल किट जार की गई है। उसकी गाइड लाइन को समझा जा रहा है। घर-घर कूड़ा उठान की मंजूरी मिल गई है। उसका मुख्यालय से पत्र आना बाकी है। रोड स्वीपिंग के टेंडर की रेट अप्रूवल आनी बाकी है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग लाने का काम किया जाएगा।
अविनाश सिंगला, चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर, नगर परिषद