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Jhajjar-Bahadurgarh News: बॉर्डरों पर नहीं लगेगा जाम, एमसीडी बूथों पर बिना रुके कटेगा टोल
Fri, 29 May 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 29 May 2026 01:06 AM IST
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फोटो-52: बहादुरगढ़ के झाड़ौदा बॉर्डर पर एमसीडी टोल प्लाजा पर शुल्क कटवाता कार चालक। संवाद
बहादुरगढ़। दिल्ली-बहादुरगढ़ बॉर्डर से रोजाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को जल्द राहत मिलने वाली है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने टोल बूथों पर आधुनिक मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रही है।
इस नई व्यवस्था के तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने या गति कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गाड़ियां सामान्य रफ्तार से गुजरेंगी और टोल के साथ एनवायरनमेंट कंपन्सेशन चार्ज (ईसीसी) अपने आप कट जाएगा। बहादुरगढ़ में वैसे तो दिल्ली से जुड़े 13 बॉर्डर हैं लेकिन झाड़ौदा के दो और टिकरी बॉर्डर मुख्य मार्ग माने जाते हैं।
इन रास्तों से प्रतिदिन करीब एक लाख वाहन दिल्ली और बहादुरगढ़ के बीच आवाजाही करते हैं। मौजूदा समय में टोल बूथों पर लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात है लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन चालकों को इस परेशानी से राहत मिलेगी।
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एमसीडी दिल्ली के करीब 50 टोल बूथों पर यह अत्याधुनिक तकनीक लागू करेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पहले ही कई टोल प्लाजा पर इस सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू कर चुका है।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार यह पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। इससे टोल बूथों पर वाहनों की भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। लगातार रुकने और चलने से होने वाली परेशानी खत्म होने से सफर भी अधिक सुगम और तेज हो जाएगा।
बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपप्रधान नरेंद्र छिकारा ने बताया कि टिकरी बॉर्डर पर टोल की वजह से जाम लगता है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इससे दिल्ली-बहादुरगढ़ मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और रोजाना लगने वाले जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी।
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इस नई व्यवस्था के तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने या गति कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गाड़ियां सामान्य रफ्तार से गुजरेंगी और टोल के साथ एनवायरनमेंट कंपन्सेशन चार्ज (ईसीसी) अपने आप कट जाएगा। बहादुरगढ़ में वैसे तो दिल्ली से जुड़े 13 बॉर्डर हैं लेकिन झाड़ौदा के दो और टिकरी बॉर्डर मुख्य मार्ग माने जाते हैं।
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इन रास्तों से प्रतिदिन करीब एक लाख वाहन दिल्ली और बहादुरगढ़ के बीच आवाजाही करते हैं। मौजूदा समय में टोल बूथों पर लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम की समस्या आम बात है लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद वाहन चालकों को इस परेशानी से राहत मिलेगी।
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एमसीडी दिल्ली के करीब 50 टोल बूथों पर यह अत्याधुनिक तकनीक लागू करेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पहले ही कई टोल प्लाजा पर इस सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू कर चुका है।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार यह पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। इससे टोल बूथों पर वाहनों की भीड़ कम होगी, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। लगातार रुकने और चलने से होने वाली परेशानी खत्म होने से सफर भी अधिक सुगम और तेज हो जाएगा।
बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के वरिष्ठ उपप्रधान नरेंद्र छिकारा ने बताया कि टिकरी बॉर्डर पर टोल की वजह से जाम लगता है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इससे दिल्ली-बहादुरगढ़ मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और रोजाना लगने वाले जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी।