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Jhajjar-Bahadurgarh News: धर्म नगरी बेरी में दमकल केंद्र नहीं, हर साल आग से फसलों को होता है नुकसान

Mon, 04 Sep 2023 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 04 Sep 2023 01:17 AM IST
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There is no fire station in Dharmanagari Beri, every year crops are damaged by fire.
बेरी। प्रथम मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा की जन्म स्थली और धर्मनगरी कही जाने वाली बेरी और उसके आसपास क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। 40 किमी दूर बहादुरगढ़ से दमकल वाहन मंगाना पड़ता है जब तक काफी नुकसान हो जाता है। क्षेत्रवासियों ने अग्निशमन केंद्र बनाने की मांग की है।
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बेरी को उपमंडल का दर्जा मिले करीब 13 वर्ष हो गए है, लेकिन इतने बड़े क्षेत्र में दमकल केंद्र तक सुविधा नहीं है। अगर बेरी क्षेत्र में आगजनी की घटना हो जाती है तो करीब 13 किलोमीटर झज्जर या फिर करीब 40 किलोमीटर दूर बहादुरगढ़ से दमकल गाड़ी मंगवानी पड़ती है। झज्जर या बहादुरगढ़ से घटना स्थल पर जब तक गाड़ी पहुंचती है, तब तक तो जलकर सबकुछ राख हो जाता है। कस्बावासियों ने प्रशासन से बेरी में दमकल केंद्र की सुविधा दिलाने की मांग की है। प्रशासन की ओर से हर साल आगजनी की घटनाओं को रोकने के दावे किए जाते है। लेकिन परिणाम वहीं ढाक के तीन पात वाली कहावत बन कर रह जाती है। गेंहू कटाई के सीजन में अक्सर घटना होती है। उसके बाद प्रशासन की ओर से बेरी में दमकल की सुविधा नही दी जा रही है।
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यह बोले कस्बावासी
बेरी को उपमंडल का दर्जा मिले करीब 13 वर्ष हो गई है, लेकिन दमकल केंद्र की कोई सुविधा नही है। झज्जर व बहादुरगढ़ से मंगवानी पड़ती है। जब तक काफी नुकसान हो जाता है।
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-प्रमोद ।
कहने को तो धर्मनगरी बेरी को उपमंडल का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन सुविधाएं नहीं है। हर साल गेहूं के सीजन में नुकसान होता है। कोई ध्यान नहीं दे रहा।
-वेदपाल ।
गेंहू कटाई के सीजन सबसे ज्यादा किसानों को दिक्कत होती है। जब भी गेंहू की फसल में आगजनी की घटना होती है तो झज्जर से
गाड़ी मंगवानी पड़ती है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए की बेरी में दमकल केंद्र खुलवाया जाए।
-रविंद्र कादयान
बेरी में दमकल केंद्र खुलवाने की मांग पिछले कई वर्षो से की जा रही है। लेकिन दमकल केंद्र न होने की वजह से लोगों को काफी
दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
-संजीव कौशिक
यहां हो चुके है हादसे
करीब 11 वर्ष पहले बेरी के मेन बाजार में शॉर्ट-सार्किट से दुकान में आग लग गई थी। जब तक दमकल की गाड़ी झज्जर से घटनास्थल तक पहुंची थी, तब तक दुकान का सारा सामान जल कर नष्ट हो गया था। वहीं करीब 8 साल पहले बेरी में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में शॉर्ट-सार्किट होने से आग लगने से काफी नुकसान हो गया था।

वर्ष में दो बार लगता है मेला
बेरी में माता भीमेश्वरी देवी का मेला हर छठे महीने लगता है। नवरात्रों में लाखों श्रद्धालु मंदिर में आते है। इस लिहाज से भी यहां फायर स्टेशन होना जरूरत है। ग्रामीण लगातार मांग कर रहे हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए बेरी में दमकल केंद्र खुलवाया जाए। जिससे बेरी व क्षेत्र में होने वाली आगजनी की घटना पर समय रहते काबू पाया जा सके।
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