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Jhajjar-Bahadurgarh News: सड़कों पर न कैट आई न रिफ्लेक्टर, कोहरे बढ़ाएगा परेशानी

Fri, 22 Nov 2024 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Fri, 22 Nov 2024 11:41 PM IST
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There are no cat eyes or reflectors on the roads, fog will increase problems
22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद
झज्जर।
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सर्दी का मौसम चल रहा है। सुबह और रात के समय हल्का कोहरा भी पड़ रहा है। ऐसे में शहर के अधिकतर हिस्सों में न तो सड़कों पर कैट आई नजर आ रही हैं और न ही वाहनों व अन्य स्थानों पर लगाए जाने वाले रिफ्लेक्टर नजर आए हैं। इस कारण वाहन चालकों को कोहरे में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय में कैट आई और रिफ्लेक्टर वाहन चालकों के लिए मार्गदर्शक का काम करते हैं। कैट आई और रिफ्लेक्टर के कारण वाहन चालकों को वाहन चलाने में आसानी रहती है, लेकिन शहर के अधिकतर मार्ग ऐसे हैं, जिन पर न तो कैट आई है और न ही रिफ्लेक्टर। शहर में मिनी बाईपास पर भी न तो कैट आई है और न ही अधिकतर स्थानों पर रिफ्लेक्टर नजर आ रहे हैं। मिनी बाईपास पर छोटे वाहनों के साथ भारी वाहनों का भी आवागमन रहता है। आगामी समय में धुंध और कोहरा बढ़ सकता है। अब तक प्रशासन ने भी इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। पहले भी धुंध और कोहरे के कारण कई हादसे हो चुके हैं।
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शहर के अधिकतर मार्गों पर कैट आई और रिफ्लेक्टर नजर नहीं आ रहे हैं। इस कारण ऑटो चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सुरेंद्र, ऑटो चालक


शहर में धुंध व कोहरे के समय में कैट आई और रिफ्लेक्टर मार्गदर्शक का काम करते हैं। सड़कों पर कैट आई न होने से हादसा होने का डर भी बना रहता है।
नवीन, ऑटो चालक


सड़क मार्गों के साथ वाहनों पर रिफ्लेक्टर होने चाहिए, जिसके कारण वाहन अन्य वाहनों की पहचान की जा सके। प्रशासन को इसकी ओर भी ध्यान देना चाहिए।
अनूप, ऑटो चालक

बगैर रिफलेक्टर के वाहनों से हादसे का डर
बहादुरगढ़।
सर्दी में हर साल कोहरे का प्रकोप रहता है, ऐसे में नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे सहित अन्य मार्गों पर चलने वाले बगैर रिफलेक्टर के वाहन हादसों का कारण बन सकते हैं। यदि बगैर रिफलेक्टर लगे वाहनों की बात करें तो इनमें सबसे अधिक संख्या ट्रैक्टर ट्रालियों की होती है। इनसे कहीं ज्यादा दुर्घटनाएं होती है। प्रशासन भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। शहर में सड़कों पर भी किसी तरह के रिफलेक्टर नहीं लगे हैं, कैट आई भी पूरी तरह गायब है।
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व्यवसायिक वाहनों के पीछे संकेतक के लिए रेडियम व रिफ्लेक्टर नहीं दिख रहे। शहर की अग्रवाल कॉलोनी निवासी मुकेश बंसल का कहना है कि रात के समय सड़क पर चलने या खड़ी ट्रालियों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगा होने से यह दिखाई नहीं देते हैं। इससे वाहनों की ट्रालियों से टकराने की आशंका रहती है। बंसल का कहना है कि पुलिस अभियान चलाकर सभी वाहनों में रिफलेक्टर अनिवार्य करें, जिससे हादसों से बचा जा सके। शहरवासियों का कहना है कि जब कोहरा घना हो जाता है तो सड़कों में बने गड्ढे वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। ऐसे में वह इसकी चपेट में आ जाते हैं। इस कारण हर साल काफी छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। सड़कों पर कैट आई और रिफ्लेक्टर तो दूर सफेद पट्टी भी नहीं बनाई गई है। जो कोहरे मेें वाहन चालकों के काफी काम आती है।

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

22jjrp21- बहादुरगढ़। शहर में झज्जर मोड़ पर सड़क पर कहीं नहीं लगाए गए हैं रिफलेक्टर। संवाद

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