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Jhajjar-Bahadurgarh News: पोस्टमार्टम न होने से मातम में रहे पीड़ित
Fri, 26 Jul 2024 04:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 26 Jul 2024 04:55 AM IST
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नागरिक अस्पताल में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती नर्स।
बहादुरगढ़। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डाक्टरों की अनिश्चितकालीन व नर्सिंग ऑफिसर की दो घंटे की हड़ताल से वीरवार को नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। चिकित्सकों ने नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम नहीं किया। इससे मृतक के परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस व्यक्ति की मौत ट्रेन से कटकर हुई थी और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल में एनएचएम के तहत कार्यरत डाक्टरों, आयुष विभाग, दंत रोग विभाग में कार्यरत डाक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। अधिकारियों के अनुसार, 32 डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे। हालांकि कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों व कुछ अन्य डॅॉक्टर ने हड़ताल से दूरी ही बनाई। हड़ताल के कारण ट्रेन की चपेट में आने से बालौर निवासी मोजीराम की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव नागरिक अस्पताल में लाया गया। मगर चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। इससे मृतक के परिजन काफी परेशान रहे। बता दें कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर वीरवार से सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में कई डाक्टर सामूहिक अवकाश पर रहे। एनएचएम के तहत कार्यरत कई डॉक्टरों व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं का कार्यभार संभाला। एसोएिसशन से जुड़े डॉक्टर एसएमओ की डायरेक्ट भर्ती नहीं करने, डॉक्टर का स्पेशल कैडर बनाने, एसीपी लागू करने और बॉन्ड प्रक्रिया सरल करने की मांग कर रहे हैं। एचसीएमएस झज्जर जिला प्रधान डाॅ. ममता चहल ने बताया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गौर नहीं कर रही। बार-बार एसोसिएशन प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से वार्ता भी हुई है मगर उसके बावजूद डॉक्टरों की मांगों को सरकार ने अभी तक नहीं पूरा किया है। इसलिए डाॅक्टर मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए हैं। यदि सरकार उनकी मांगों को मानती है तो हड़ताल समाप्त होगी अन्यथा चलती रहेगी। फिलहाल डाॅक्टरों ने 2 दिन की कैजुअल लीव ली है। वहीं पिछले दो दिन से काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग ऑफिसर भी वीरवार को दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर रही। उन्होंने सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग के बाहर दरी बिछाकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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अस्पताल में एनएचएम के तहत कार्यरत डाक्टरों, आयुष विभाग, दंत रोग विभाग में कार्यरत डाक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। अधिकारियों के अनुसार, 32 डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे। हालांकि कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों व कुछ अन्य डॅॉक्टर ने हड़ताल से दूरी ही बनाई। हड़ताल के कारण ट्रेन की चपेट में आने से बालौर निवासी मोजीराम की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए शव नागरिक अस्पताल में लाया गया। मगर चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया। इससे मृतक के परिजन काफी परेशान रहे। बता दें कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर वीरवार से सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में कई डाक्टर सामूहिक अवकाश पर रहे। एनएचएम के तहत कार्यरत कई डॉक्टरों व वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं का कार्यभार संभाला। एसोएिसशन से जुड़े डॉक्टर एसएमओ की डायरेक्ट भर्ती नहीं करने, डॉक्टर का स्पेशल कैडर बनाने, एसीपी लागू करने और बॉन्ड प्रक्रिया सरल करने की मांग कर रहे हैं। एचसीएमएस झज्जर जिला प्रधान डाॅ. ममता चहल ने बताया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गौर नहीं कर रही। बार-बार एसोसिएशन प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से वार्ता भी हुई है मगर उसके बावजूद डॉक्टरों की मांगों को सरकार ने अभी तक नहीं पूरा किया है। इसलिए डाॅक्टर मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए हैं। यदि सरकार उनकी मांगों को मानती है तो हड़ताल समाप्त होगी अन्यथा चलती रहेगी। फिलहाल डाॅक्टरों ने 2 दिन की कैजुअल लीव ली है। वहीं पिछले दो दिन से काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग ऑफिसर भी वीरवार को दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर रही। उन्होंने सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ट्रामा सेंटर की बिल्डिंग के बाहर दरी बिछाकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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