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Jhajjar-Bahadurgarh News: डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का टेंडर रद्द, नगर परिषद ने संभाली जिम्मेदारी
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फोटो-60: बहादुरगढ़ में नगर परिषद के गेट पर धरना देकर नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
बहादुरगढ़।
नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का टेंडर रद्द कर दिया गया है। अब कूड़ा उठान की जिम्मेदारी नगर परिषद ने खुद संभाल ली है। नगर परिषद ने इसके लिए 40 ट्रैक्टर-ट्रालियां, 2 जेसीबी मशीनें और 80 कर्मचारियों की व्यवस्था की है।
इनमें 40 ट्रैक्टर चालक, एक-एक हेल्पर और 2 जेसीबी चालक शामिल हैं। नगर परिषद का दावा है कि शनिवार से कूड़ा उठान की नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। वहीं ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर के अधिकांश इलाकों में सफाई कार्य ठप रहा और कूड़ा उठान नहीं हो सका। शहर से प्रतिदिन करीब 110 टन कूड़ा उठाया जाता है। हड़ताल के कारण दो दिनों में लगभग 220 टन से ज्यादा कूड़ा सड़कों और गलियों में जमा हो गया है।
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जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और दुर्गंध फैलने लगी है। धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी विजय, अलीन, मोनू और इकाई प्रधान राजेश बालगुहेर ने बताया कि उनकी मुख्य मांग ठेका प्रथा को समाप्त कर उन्हें नगर परिषद में अनुबंध के आधार पर भर्ती करने की है।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है और करीब एक साल से उनका शोषण किया जा रहा है।
सामान्य बोर्ड की बैठक में हुआ था प्रस्ताव पास
बता दें 17 दिसंबर को हुई नगर परिषद की सामान्य बोर्ड की बैठक में सफाई ठेके को रद्द करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था। इसके तहत एक जनवरी से नगर परिषद को सफाई व्यवस्था संभालनी थी। चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया था कि अब 200 सफाई कर्मचारी लगाए जाएंगे। सफाई ठेके के तहत लगे सफाई कर्मचारियों में से ही उनका चयन किया जाएगा।
कोर्ट ने लगाया था स्टे
प्रस्ताव को लेकर ठेकेदार ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद इस पूरी प्रक्रिया पर स्टे कर दिया। नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि फिलहाल सफाई व्यवस्था ठेकेदार के पास ही रहेगी। इसको लेकर एक जनवरी को सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
स्थायी नियुक्ति की मांग संभव नहीं
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि सफाई कर्मचारियों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग सरकार की नीति के अनुसार संभव नहीं है। सैलरी को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी की ओर से बिल मिलते ही पेमेंट अप्रूवल कमेटी की बैठक बुलाकर वेतन जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कूड़ा उठान का कार्य अब नगर परिषद स्वयं करेगी और शनिवार से व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी।
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नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का टेंडर रद्द कर दिया गया है। अब कूड़ा उठान की जिम्मेदारी नगर परिषद ने खुद संभाल ली है। नगर परिषद ने इसके लिए 40 ट्रैक्टर-ट्रालियां, 2 जेसीबी मशीनें और 80 कर्मचारियों की व्यवस्था की है।
इनमें 40 ट्रैक्टर चालक, एक-एक हेल्पर और 2 जेसीबी चालक शामिल हैं। नगर परिषद का दावा है कि शनिवार से कूड़ा उठान की नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। वहीं ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर के अधिकांश इलाकों में सफाई कार्य ठप रहा और कूड़ा उठान नहीं हो सका। शहर से प्रतिदिन करीब 110 टन कूड़ा उठाया जाता है। हड़ताल के कारण दो दिनों में लगभग 220 टन से ज्यादा कूड़ा सड़कों और गलियों में जमा हो गया है।
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जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और दुर्गंध फैलने लगी है। धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी विजय, अलीन, मोनू और इकाई प्रधान राजेश बालगुहेर ने बताया कि उनकी मुख्य मांग ठेका प्रथा को समाप्त कर उन्हें नगर परिषद में अनुबंध के आधार पर भर्ती करने की है।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है और करीब एक साल से उनका शोषण किया जा रहा है।
सामान्य बोर्ड की बैठक में हुआ था प्रस्ताव पास
बता दें 17 दिसंबर को हुई नगर परिषद की सामान्य बोर्ड की बैठक में सफाई ठेके को रद्द करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था। इसके तहत एक जनवरी से नगर परिषद को सफाई व्यवस्था संभालनी थी। चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया था कि अब 200 सफाई कर्मचारी लगाए जाएंगे। सफाई ठेके के तहत लगे सफाई कर्मचारियों में से ही उनका चयन किया जाएगा।
कोर्ट ने लगाया था स्टे
प्रस्ताव को लेकर ठेकेदार ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद इस पूरी प्रक्रिया पर स्टे कर दिया। नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि फिलहाल सफाई व्यवस्था ठेकेदार के पास ही रहेगी। इसको लेकर एक जनवरी को सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
स्थायी नियुक्ति की मांग संभव नहीं
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरुण नांदल ने बताया कि सफाई कर्मचारियों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग सरकार की नीति के अनुसार संभव नहीं है। सैलरी को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी की ओर से बिल मिलते ही पेमेंट अप्रूवल कमेटी की बैठक बुलाकर वेतन जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कूड़ा उठान का कार्य अब नगर परिषद स्वयं करेगी और शनिवार से व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी।

फोटो-60: बहादुरगढ़ में नगर परिषद के गेट पर धरना देकर नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी। संवाद- फोटो : अमर उजाला