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छात्राओं की समस्या देख शिक्षामंत्री ने रोका अपना काफिला

Thu, 04 Sep 2014 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जध-बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जध-बहादुरगढ़ Updated Thu, 04 Sep 2014 12:23 AM IST
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The problem_ students_ convoy_ stop_ Education minister

सड़क किनारे बसों के इंतजार में खड़े विद्यार्थी उस समय हैरान रह गए, जब उनके सामने अचानक शिक्षामंत्री की गाड़ी आकर रुकी।

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शिक्षामंत्री गाड़ी से नीचे उतरी और विद्यार्थियों उनकी समस्या जानने का प्रयास किया। छात्राओं ने उन्हें बसों की समस्या से अवगत कराया।

शिक्षामंत्री ने भी तुरंत अधिकारियों को फोन लगाए और कॉलेज की छुट्टी के समय बसों को चलाने की व्यवस्था करने को कहा। बाद में उन्होंने रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि छात्राओं की समस्या को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलाई जाएं।
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इसके बाद वहां बसें भी पहुंची और विद्यार्थी उनमें रवाना हुए। इससे पूर्व छात्राओं ने जब अपनी समस्या बताई तो शिक्षामंत्री भी चौंक गईं।

छात्राओं ने कहा कि उन्हें बसों में बैठने के लिए तो क्या, खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती। शिक्षा मंत्री ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि जल्द उनकी इस समस्या का समाधान होगा।
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बाद में, उन्होंने कहा कि सरकार यह बात अपनी शिक्षा पॉलिसी में शामिल कर रही है कि बड़े शिक्षण संस्थानों की ओर से अपनी बसें भी चलाई जाएंगी। कायदा इन शिक्षण संस्थानों के बजट में बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थी सीधे कॉलेज आ सकें।

20 मिनट सुनी व्यथा

शिक्षामंत्री गीता भुक्कल ने बीच सड़क करीब 20 मिनट तक छात्र-छात्राओं से बात की। छात्राओं ने उन्हें बताया कि सुबह के समय तो झज्जर से छात्राओं के लिए कॉलेज तक अलग से बस आती है, लेकिन दोपहर में इस तरह की सेवा नहीं है।

इस कारण उन्हें सामान्य बसों में ही चढ़ना पड़ता है। भीड़ होने के होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्र मोनिका, गायत्री आदि ने बताया कि उन्हें झज्जर बस स्टैंड तक पहुंचने के बाद आगे भी गांव में जाना होता है।

इसलिए घर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में छुट्टी के वक्त बसों की व्यवस्था होनी जरूरी है। पलड़ा की प्रिया यादव का कहना था कि बसें समय से मिल जाएं तो आने-जाने में समय बच जाए। छात्राओं ने कहा कि मजबूरी में उन्हें आटो लेना पड़ता है, जिससे काफी खर्चा आता है।  

शिक्षामंत्री के आगे बस की छत पर चढ़े विद्यार्थी
विद्यार्थी जिस समय शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान वहां से एक प्राईवेट बस गुजरी। बस देखते ही देखते वहां खड़े दर्जनों छात्र बस की छत पर जा चढ़े।

यह नजारा शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के समक्ष ही हुआ। छात्राओं ने शिक्षामंत्री से कहा कि यह तो यहां की रोज की बात है। इस तरह की परेशानी गांवों से आने वाले विद्यार्थियों के साथ रोजाना होती है। विद्यार्थियों ने शिक्षामंत्री को बस दिखाते हुए बताया कि उन्हें इस तरह से ही जाना पड़ता है।


पॉलिसी बनाई जाएगी
बाद में, शिक्षामंत्री ने कहा कि छात्राओं की समस्या को देखते हुए सरकार ने पहले से कई प्रमुख स्थानों से अलग से बसें चलाने की व्यवस्था की है।

अब सरकार पॉलिसी में इसे शामिल करने जा रही है कि जो भी सरकार बड़े संस्थान होंगे, उनके बजट में बसों का प्रावधान भी किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

उन्होंने परिवहन अधिकारी को फोन पर हिदायतें दी हैं कि छात्राओं की सुविधा के लिए बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। छात्राओं को हर मुमकिन सुविधाएं दी जाएंगी।

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