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रातोंरात बदला नुकसान के आंकलन का प्रोफॉर्मा, व्यापारियों की तनी भौंह
अमर उजाला झज्जर/ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2016 12:46 AM IST
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उपद्रव के दौरान दुकानों को पहुंचे नुकसान के आंकलन के लिए आया फार्म रातों रात बदल गया। व्यापारियों को कल जो फार्म दिए गए थे, उनकी तुलना में बुधवार को नया प्रोफार्मा मिला तो व्यापारी व दुकानदारों की भौहें तन गई।
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एसडीएम भी खफा हो गए और बोले की सरकार का काम है, मानना पड़ेगा। इस बीच एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े नेताओं ने दुकानदारों को फार्म न भरने की अपील की।
उसके बाद तो एसडीएम आगबबूला हो गए और कहते हुए निकल गए कि मैं बस स्टैंड के सामने बैठा हूं, जिसे नुकसान के आंकलन के लिए फार्म भरना हो वहीं आए।
जानकारी के अनुसार बुधवार को सुबह पंजाबी धर्मशाला में व्यापारियों ने बैठक की। व्यापारियों के साथ बैठक में एसडीएम पंकज सेतिया भी मौजूद थे।
व्यापारियों की बैठक दो दौर में चली। शाम की बैठक में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वीरवार को बाजार की सभी दुकानों को बंद रखने का फैसला लिया।
साथ ही कहा गया कि प्रशासन नुकसान के मुआवजे के नाम पर खेल कर रहा है। इससे परेशान होकर वीरवार को व्यापारी सब्जी मंडी को भी बंद कराएंगे।
इससे पहले वे छावनी मोहल्ले में उन परिवारों से भी मिलेंगे, जिनके यहां उपद्रव में जान माल का नुकसान हुआ है। बैठक में प्रमुख तौर पर व्यापारी नरेंद्र चावला, राकेश अरोड़ा, सेेहन गुर्जर, विजय गर्ग, तोमा गुर्जर, महेंद्र बंसल, प्रकाश चंद्र गर्ग, रामसिंह कुच्छल, सुभाष गुर्जर आदि रहे।
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प्रोफॉर्मा भरने में भी नेताओं ने शुरू की राजनीति
पंजाबी धर्मशाला में हुई बैठक में एसडीएम पंकज सेतिया ने व्यापारियों व दुकानदारों को उनके प्रतिष्ठानों में नुकसान के आंकलन को लेकर प्रोफॉर्मा भरने को दिया। एक प्रोफॉर्मा कल भी दिया गया था। दोनों में अंतर देख कर व्यापारियों ने सवाल खड़े कर दिए। नए प्रोफॉर्मा में गड़बड़ी बताई गई। इसी बीच राजनीति भी शुरू हो गई।
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