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Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   The performance of the contract to stop alcohol

शराब का ठेका बंद कराने को किया प्रदर्शन

Sun, 10 Aug 2014 12:00 AM IST
jhjhar
jhjhar Updated Sun, 10 Aug 2014 12:00 AM IST
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 गांव खरहर में अवैध शराब की बिक्री से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को ठेकों पर इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। शराब ठेकों के खिलाफ सबसे अधिक गुस्सा महिलाओं में दिखाई दिया। ग्रामीणों ने ठेका संचालकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ठेका बंद करने के लिए एक दिन का अल्टीमेटम दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर रविवार तक ठेके बंद नहीं होते तो वे इन पर स्वयं ताला जड़ देंगे। 

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गांव की हरिजन कॉलोनी में शराब के दो अवैध ठेके खुले हैं। इनके पास ही एक हाई स्कूल और बीएड कॉलेज है। ऐसे में यहां विद्यार्थियों का आना जाना लगा रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकों पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। शराबी नशे की हालत में बहु-बेटियों पर फब्तियां कसते हैं। इस बारे में कई बार ठेका संचालकों को आगाह किया गया, लेकिन परेशानी जस की तस बनी है।
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 ऐसे में शनिवार को लोगों के सब्र का बांध टूट गया। सुबह सात बजे करीब 70-80 पुरुष और महिलाएं ठेकों के आगे एकत्रित हो गए। ग्रामीणों के इकट्ठा होते ही कारिंदों ने दुकान के शटर नीचे कर दिए। ग्रामीणों ने ठेकों के बाहर जमकर नारेबाजी की। करीब साढ़े तीन घंटे प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीण ठेका संचालकों को यह चेतावनी देकर लौट गए कि अगर एक दिन के भीतर ठेका बंद नहीं हुआ तो वे सोमवार को स्वयं इस पर ताला जड़ देंगे।
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ग्रामीणों की व्यथा
ग्रामीण प्रदीप ने कहा कि मार्च में ठेके  के टेंडर छोड़े जाते हैं, लेकिन इस बार गांव में शराब के ठेके का कोई टेंडर नहीं छोड़ा गया। पहले यहां अवैध रूप से एक ठेका खुला और कुछ दिन बाद एक और खुल गया। पुलिस ने एक-दो बार ठेके के कारिंदों को हिरासत मेें भी लिया, लेकिन बाद में वे छूटकर बाहर आ गए। ठेकों पर शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।

 वे यहीं शराब पीते हैं और उत्पात मचाते हैं। हरिजन कॉलोनी के लोगों के साथ बदतमीजी करते हैं और उन्हें जातिसूचक शब्द भी बोलते हैं। पूर्व पंच राकेश और मनोज ने कहा कि यहां एक स्कूल और कॉलेज है और विद्यार्थियों का आना-जाना रहता है। शिक्षण संस्थानों के आसपास शराब के ठेके नहीं होने चाहिए, इससे माहौल खराब होता है। महिला सरोज ने कहा कि शाम के वक्त शराबी हुड़दंग मचाते हैं और गाली गलौच करते हैं।

 यहां से गुजर रही महिलाओं पर छींटाकशी करते हैं। महिला कांता ने नशेड़ियों की वजह से छोटे बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने करीब साढ़े तीन घंटे तक प्रदर्शन जारी रखा और ठेका संचालक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में ठेका संचालक मौके पर पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई। संचालकों ने ग्रामीणों से एक दिन का समय मांगा, तब ग्रामीणाें ने प्रदर्शन समाप्त किया।

 ग्रामीणों ने चेताया कि यदि रविवार शाम तक ठेके  बंद नहीं हुए तो वे ठेकों पर ताला जड़ देंगे। प्रदर्शन में पंच संदीप, संजय, प्रीतम, बलराज, रवि, अजीत, रणबीर नंबरदार, दयानंद, निर्मला, मुकेश देवी, मूर्ति, बबिता, सरोज, ओमपति, गुड्डी, प्रेमो, सुजाता, निर्मला, शीला, रेखा, संतोष, बीरमति और बिमला आदि मौजूद थे।


गांव खरहर में शराब के इन ठेकों को लेकर प्रशासन का पक्ष जानने के लिए एसडीएम पंकज कुमार सेतिया से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने काल रिसीव नहीं की।


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