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Jhajjar-Bahadurgarh News: कुत्तों का बढ़ रहा आतंक...भैंस की पूंछ काटी, अस्पताल में वैक्सीन भी नहीं
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28jjrp13- कुत्ते द्वारा काटी गई भैंस की पूछ को दिखाता पशुपालक। स्रोत-पशुपालक
साल्हावास। मातनहेल, साल्हावास क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। झुंड बनाकर घूम रहे आवारा कुत्तों से लोग परेशान हैं। खानपुर खुर्द निवासी पशुपालक पवन गहलावत ने बताया कि शनिवार को आवारा कुत्ते ने उनकी भैंस की पूंछ को लगभग चार इंच काट दिया।
जब वे अपनी दुधारू भैंस को राजकीय पशु अस्पताल में लेकर गए तो वीएलडी डॉक्टर दीपक ने बताया कि वैक्सीन नहीं है। उन्होंने घाव साफ करके मरहम पट्टी कर दी और कहा कि वैक्सीन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। मेडिकल स्टोर से लेकर आना होगा।
उन्होंने महंगे दामों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर अपने पशु का इलाज करवाना पड़ा है। पशुपालक पिंकी ने बताया कि भैंस के पूंछ को काटने से महंगे दामों पर निजी डॉक्टर से अपने पशु का इलाज करवाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों की ओर से प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़कर गांव से बाहर करने की मांग भी की है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। गांव बहु, खानपुर कलां, खानपुर खुर्द, गोरिया, खोरडा, झामरी, झाड़ली गांव में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।
ग्रामीण रमेश शर्मा, अत्तर सिंह, राजेश, संजय सिंह, लीला, मंजीत, जसबीर ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लोग आवारा कुत्तों के खौफ में जी रहे हैं। क्षेत्र के लोगों के लिए आवारा कुत्तों का खतरा हर साल बढ़ता जा रहा है।
पालतू कुत्ते का समय पर कराए टीकाकरण
राजकीय पशु अस्पताल खानपुर खुर्द के वीएलडी डॉक्टर दीपक ने बताया कि अस्पताल में वैक्सीन नहीं है न ही अस्पताल में कभी वैक्सीन आई है। पालतू कुत्ते का समय-समय पर टीकाकरण कराना पड़ता है जिससे रैबीज का खतरा नहीं बढ़ेगा। कुत्ते को पालने के लिए अनुमति भी लेनी होती है जिसमें सभी मानकों को पूरा करना होता है।
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जब वे अपनी दुधारू भैंस को राजकीय पशु अस्पताल में लेकर गए तो वीएलडी डॉक्टर दीपक ने बताया कि वैक्सीन नहीं है। उन्होंने घाव साफ करके मरहम पट्टी कर दी और कहा कि वैक्सीन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। मेडिकल स्टोर से लेकर आना होगा।
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उन्होंने महंगे दामों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर अपने पशु का इलाज करवाना पड़ा है। पशुपालक पिंकी ने बताया कि भैंस के पूंछ को काटने से महंगे दामों पर निजी डॉक्टर से अपने पशु का इलाज करवाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों की ओर से प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़कर गांव से बाहर करने की मांग भी की है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। गांव बहु, खानपुर कलां, खानपुर खुर्द, गोरिया, खोरडा, झामरी, झाड़ली गांव में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।
ग्रामीण रमेश शर्मा, अत्तर सिंह, राजेश, संजय सिंह, लीला, मंजीत, जसबीर ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लोग आवारा कुत्तों के खौफ में जी रहे हैं। क्षेत्र के लोगों के लिए आवारा कुत्तों का खतरा हर साल बढ़ता जा रहा है।
पालतू कुत्ते का समय पर कराए टीकाकरण
राजकीय पशु अस्पताल खानपुर खुर्द के वीएलडी डॉक्टर दीपक ने बताया कि अस्पताल में वैक्सीन नहीं है न ही अस्पताल में कभी वैक्सीन आई है। पालतू कुत्ते का समय-समय पर टीकाकरण कराना पड़ता है जिससे रैबीज का खतरा नहीं बढ़ेगा। कुत्ते को पालने के लिए अनुमति भी लेनी होती है जिसमें सभी मानकों को पूरा करना होता है।