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Jhajjar-Bahadurgarh News: पांच माह से शोपीस बनीं लिफ्ट
Sun, 01 Sep 2024 04:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 01 Sep 2024 04:20 AM IST
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-फोटो 55 : नागरिक अस्पताल में बंद पड़ी लिफ्ट। संवाद
बहादुरगढ़। शहर के नागरिक अस्पताल में मरीजों की सहूलियत के लिए लगाई गई लिफ्ट पिछले पांच माह से शोपीस बन कर रह गई हैं।
इससे अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के प्रथम तल पर लेबर रूम, नेत्र विभाग और द्वितीय दल पर दंत विभाग है।
लेबर रूम में जाने के लिए गर्भवती महिलाओं को रैंप से चढ़ना पड़ता है। बुजुर्गों को भी इलाज के लिए दिक्कत झेलनी पड़ती है। वहीं, अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि लिफ्ट चालू करवाने को लेकर बीएमई को पत्र व्यवहार किया गया है। इस बारे में उनसे जानकारी ली जाएगी।
नागरिक अस्पताल में 10 वर्ष पहले दो लिफ्ट लगाई गई थी। मगर अब ये लिफ्ट पांच माह से बंद है और शोपीस बन कर रह गई है। यह देखरेख के अभाव में बंद है या अन्य किसी तकनीकी वजह से खराब है, इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन और बायो मेडिकल इंजीनियर (बीएमई) तक स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। वहीं मरीजों व तीमारदारों ने भी सवाल उठाए हैं। चलने-फिरने में लाचार मरीजों, तीमारदारों को दिक्कतें हो रही है।
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सबसे ज्यादा परेशानी तो गर्भवती महिलाओं को होती है। कई बार प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल के प्रथम तल पर बने प्रसूति गृह (लेबर रूम) तक ही पहुंचना मुश्किल हो जाता है। अस्पताल में आए नई बस्ती निवासी विकास कुमार, काठ मंडी निवासी सुरेश शर्मा, छिकारा कॉलोनी निवासी बुजुर्ग ज्ञान सिंह नेे बताया कि इन दिनों अस्पताल में अव्यवस्था हो रही है।
कभी सारी दवाइयां नहीं मिलती तो कभी पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं। 24 घंटे लिफ्ट चलने की सुविधा होनी चाहिए, मगर ओपीडी के समय भी लिफ्ट बंद रहती है।
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इससे अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के प्रथम तल पर लेबर रूम, नेत्र विभाग और द्वितीय दल पर दंत विभाग है।
लेबर रूम में जाने के लिए गर्भवती महिलाओं को रैंप से चढ़ना पड़ता है। बुजुर्गों को भी इलाज के लिए दिक्कत झेलनी पड़ती है। वहीं, अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि लिफ्ट चालू करवाने को लेकर बीएमई को पत्र व्यवहार किया गया है। इस बारे में उनसे जानकारी ली जाएगी।
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नागरिक अस्पताल में 10 वर्ष पहले दो लिफ्ट लगाई गई थी। मगर अब ये लिफ्ट पांच माह से बंद है और शोपीस बन कर रह गई है। यह देखरेख के अभाव में बंद है या अन्य किसी तकनीकी वजह से खराब है, इसको लेकर अस्पताल प्रबंधन और बायो मेडिकल इंजीनियर (बीएमई) तक स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। वहीं मरीजों व तीमारदारों ने भी सवाल उठाए हैं। चलने-फिरने में लाचार मरीजों, तीमारदारों को दिक्कतें हो रही है।
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सबसे ज्यादा परेशानी तो गर्भवती महिलाओं को होती है। कई बार प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल के प्रथम तल पर बने प्रसूति गृह (लेबर रूम) तक ही पहुंचना मुश्किल हो जाता है। अस्पताल में आए नई बस्ती निवासी विकास कुमार, काठ मंडी निवासी सुरेश शर्मा, छिकारा कॉलोनी निवासी बुजुर्ग ज्ञान सिंह नेे बताया कि इन दिनों अस्पताल में अव्यवस्था हो रही है।
कभी सारी दवाइयां नहीं मिलती तो कभी पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं। 24 घंटे लिफ्ट चलने की सुविधा होनी चाहिए, मगर ओपीडी के समय भी लिफ्ट बंद रहती है।