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विभाग ने तैयार किए 46 प्रोजेक्ट, सरकार से मांगे 124 करोड़
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झज्जर। इस बार मानसून के सीजन में अधिक बारिश होने के कारण क्षेत्र में बनी जलभराव की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने 46 नए प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। इसके लिए 124 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट सरकार को मंजूरी के लिए भेजे हैं। ताकि आने वाले समय में ऐसी स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।
इनमें रोहतक डिविजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लिए 34 व झज्जर डिविजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लिए 12 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। 12 प्रोजेक्ट के लिए 17.44 करोड़ रुपये व रोहतक डिविजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के 34 प्रोजेक्टों के लिए सरकार से 106 करोड़ 69 लाख रुपये की डिमांड की गई है। ताकि इन प्रोजेक्टों के तैयार होने के बाद जिले के किसानों व आमजन को जलभराव की स्थिति का सामना न करना पड़े। सिंचाई विभाग की तरफ से लिंक ड्रेनों को जोड़ने, नई लिंक ड्रेन बनाने, पंप सेट स्थापित करने आदि के अलावा मशीनरी आदि खरीदने के प्रोजेक्ट इसमें शामिल किए हैं।
इस बार क्षेत्र में अधिक बारिश होने के कारण हजारों एकड़ भूमि में किसानों की फसल खराब हो गई थी और रिहायशी क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। फिलहाल भी बेरी क्षेत्र के व नेशनल हाईवे 71 के आसपास और जवाहरलाल नेहरू कैनाल आदि के आसपास जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे सरसों की बिजाई समय पर नहीं हो पाई और गेहूं की बिजाई भी काफी क्षेत्र में नहीं हो सकेगी। इस कारण गेहूं की बिजाई का रकबा भी घटने की संभावना है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार करीब 10 से 15000 एकड़ भूमि में बिजाई नहीं होने की संभावना है।
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वर्जन
आने वाले समय में लोगों को जलभराव की स्थिति से निजात दिलाने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से 46 प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। जिसके लिए सरकार से मंजूरी मांगी गई है।
- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।
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इनमें रोहतक डिविजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लिए 34 व झज्जर डिविजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लिए 12 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। 12 प्रोजेक्ट के लिए 17.44 करोड़ रुपये व रोहतक डिविजन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के 34 प्रोजेक्टों के लिए सरकार से 106 करोड़ 69 लाख रुपये की डिमांड की गई है। ताकि इन प्रोजेक्टों के तैयार होने के बाद जिले के किसानों व आमजन को जलभराव की स्थिति का सामना न करना पड़े। सिंचाई विभाग की तरफ से लिंक ड्रेनों को जोड़ने, नई लिंक ड्रेन बनाने, पंप सेट स्थापित करने आदि के अलावा मशीनरी आदि खरीदने के प्रोजेक्ट इसमें शामिल किए हैं।
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इस बार क्षेत्र में अधिक बारिश होने के कारण हजारों एकड़ भूमि में किसानों की फसल खराब हो गई थी और रिहायशी क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। फिलहाल भी बेरी क्षेत्र के व नेशनल हाईवे 71 के आसपास और जवाहरलाल नेहरू कैनाल आदि के आसपास जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे सरसों की बिजाई समय पर नहीं हो पाई और गेहूं की बिजाई भी काफी क्षेत्र में नहीं हो सकेगी। इस कारण गेहूं की बिजाई का रकबा भी घटने की संभावना है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार करीब 10 से 15000 एकड़ भूमि में बिजाई नहीं होने की संभावना है।
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वर्जन
आने वाले समय में लोगों को जलभराव की स्थिति से निजात दिलाने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से 46 प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। जिसके लिए सरकार से मंजूरी मांगी गई है।
- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।