फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   The agitators should not be afraid of lawsuits, only the front will fight: BKU

मुकदमों से न घबराएं आंदोलनकारी, मोर्चा ही लड़ेगा : भाकियू

Thu, 11 Feb 2021 12:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 12:47 AM IST
विज्ञापन
The agitators should not be afraid of lawsuits, only the front will fight: BKU
नया गांव के नजदीक ऑटो मार्केट मैदान पर किसानों के बीच एक छोटा किसान भी झंडा उठाकर समर्थन करते हुए? - फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के महासचिव ओमकार सिंह ने कहा कि आंदोलनकारी किसानों को मुकदमों से घबराने की जरूरत नहीं है। इन मुकदमों में किसानों की पैरवी संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बनाए गए पैनल के वकील नि:शुल्क करेंगे। वह बुधवार को टीकरी बॉर्डर पर किसानों को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

बुधवार को सिंघु बॉर्डर धरने से टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा में संयुक्त किसान मोर्चा की 40 सदस्यीय कमेटी के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल को आना था, लेकिन वह नहीं आ पाए तो वहां से यूनियन के महासचिव ओमकार सिंह पहुंचे। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को दिल्ली में गिरफ्तार किए गए किसानों को छुड़वाने के लिए बनाए गए दिल्ली और चंडीगढ़ के वकीलों के पैनल में अनुभवी वकील शामिल किए गए हैं। इस पैनल का दफ्तर दिल्ली के रकाबगंज गुरुद्वारे में बनाया गया है। ये वकील किसानों के मुकदमोें की निशुल्क पैरवी करेंगे। उन्होंने बताया कि जेलों में बंद किसानों से मुलाकात करने के लिए वकीलों के पैनल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अनुमति मांगी थी, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना का हवाला देकर मिलाने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन

ओमकार ने कहा कि घबराने की बात नहीं है, सच की जीत होगी। उन्होंने बताया कि बलबीर सिंह राजेवाल ने आंदोलन के संबंध में बुधवार को चंडीगढ़ में रिटायर्ड पुलिस और सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। किसानों को आंदोलनजीवी कहने पर प्रधानमंत्री मोदी की अलोचना करते हुए कहा कि पीएम ने किसानों की गंदगी के कीड़ों से तुलना की है, जिसका किसान आने वाले समय में जवाब देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब 7 जाएंगे और 7 आएंगे
पंजाब के किसान संगठनों के नेताओं की बुधवार को किसानों के पड़ाव में मेट्रो पिलर नंबर 756 के पास बैठक हुई। जिसमें आंदोलन की योजना पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को किसान नेता राकेश टिकैत का भी हरेक मंच पर स्वागत करने के निर्देश दिए गए। एक राय से लिए गए फैसले के अनुसार टीकरी बॉर्डर पर आंदोलनरत पंजाब के किसानों के हर एक जत्थे से अब हर रोज सात किसान अपने घर जाएंगे और पंजाब से इतने ही किसान हर रोज टीकरी बॉर्डर पहुंचेंगे। इससे पहले इस क्रम में केवल तीन किसान जाते थे और तीन आते थे। बुधवार को हुई बैठक में मानसा भाकियू के रलदू सिंह, बलदेव सिंह व गुरविंदर सिंह भी हाजिर थे। बैठक की अध्यक्ष भाकियू (लखोवाल) के हरेंद्र सिंह ने की।

किसानों ने अर्द्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
बॉर्डर पर कुछ किसानों ने अर्द्ध नग्न हो कर प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रोहतक जिले के गांव रूखी, मुंढाल, हिसार जिले के बरवाला, सोनीपत व रोहतक से आई महिलाओं ने आंदोलन को समर्थन दिया। तमिलनाडु से सांसद रवि कुमार, मुंबई से आए मजदूर नेता देवेंद्र पाल और चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान, रोहतक के राजाराम व पूर्व प्राचार्य प्रेम सिंह राठी ने भी सभा में अपने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed