फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Textile traders will protest against increasing GST

जीएसटी बढ़ाने का कपड़ा व्यापारी करेंगे विरोध

Fri, 01 Oct 2021 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
Textile traders will protest against increasing GST
कपड़े खरीदतीं महिलाएं। - फोटो : Jhjhar
पहले कोरोना की मार से व्यापारी ही नहीं हर वर्ग कराह है। अब बची हुई कसर जीएसटी पूरी कर देखा। रेडीमेड कपड़ों पर आगामी वर्ष में केद्र सरकार की ओर जीएसटी को सात प्रतिशत तक बढ़ाया जा रहा है जिसके कारण कपड़ा व्यापारियों को परेशानी में डाल दिया है। यह बातें शहर के व्यापारी कह रहे हैं। फिलहाल रेडीमेड कपड़ों पर 5 प्रतिशत जीएसटी सरकार की ओर से लागू किया है।
विज्ञापन

करीब दो वर्षों से कोरोना के काल के दौरान वर्तमान में व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले हैं और व्यापारियों व ग्राहकों पर कोरोना की मार साफ तौर पर दिखाई दे रही है जिसके चलते बाजारों में पहले जैसी ग्राहकी नहीं दिखाई दे रहे हैं। बाजारों में रौनक करीब खत्म ही हो चुकी है। पिछले त्योहारी सीजन भी कोरोना की भेंट चढ़ चुके हैं। वहीं फिलहाल पांच प्रतिशत जीएसटी रेडीमेड कपड़ों पर सरकार की ओर से तय की गई है जिसके कारण भी ग्राहकों को कपड़े खरीदने से पहले सौ बार सोचना पड़ रहा है। यदि जीएसटी 12 प्रतिशत लगा दी गई तो कपड़ा व्यवसाय पर आर्थिक संकट आएगा। लघु उद्योगों पर 12 प्रतिशत जीएसटी का प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ने वाला है। एक हजार रुपये के कपड़े की खरीद पर करीब पांच प्रतिशत टैक्स सरकार की ओर से वसूला जा रहा है। वहीं छोटे शहरों के कपड़ा व्यापारियों के लिए जीएसटी मुसीबत का सबब बन सकता है क्योंकि बाजार में ग्राहकी न के बराबर है। रोटी, कपड़ा और मकान को तो सरकार की और से जीएसटी, वेट आदि करों से दूर ही रखना चाहिए ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन

रेडीमेड कपड़ों पर बारह प्रतिशत जीएसटी से आम ग्राहक व कपड़ा व्यापारी दोनों को ही नुकसान है। सरकार को जीएसटी बढ़ाने के फैसले पर दोबारा से सोचना चाहिए। कोरोना के बाद बाजार में ग्राहकी काफी घट चुकी है। सरकार की तरफ से लागू की जा रही जीएसटी का विरोध किया जाएगा। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के नेताओं से बात करके आगामी रणनीति जीएसटी को लेकर बनाई जाएगी। - राकेश अरोड़ा, अध्यक्ष, शहर व्यापार मंडल।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार का काम मधुमक्खी की तरह होना चाहिए, फूल से जितने शहद की जरूरत हो उतना ही शहद लेना चाहिए, न कि फूल को ही तोड़ दे। फूल तोड़ने से सरकार को कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है। - कपड़ा व्यापारी, वीरेंद्र खुराना, झज्जर।
पहले से ही कपड़ा नहीं बिक रहा है। कपड़े से जीएसटी को हटा देना चाहिए क्योंकि सभी लोगों की मूलभूत आवश्यकता है। सरकार रेडीमेड गारमेंटस पर जीएसटी बढ़ाती है तो पुरजोर विरोध किया जाएगा। -सुनील खत्री, झज्जर।

झज्जर शहर छोटा शहर है ओर शहर में काम है ही नही। सरकार के इस फैसले से ग्राहक काफी परेशान हो जाएगा। - नरेश सोनी, कपड़ा व्यावसायी, झज्जर।
5 प्रतिशत जीएसटी से ही ग्राहकों व दुकानदारों को परेशानी हो रही है। कोरोना के बाद से दुकानों में ग्राहकी नही हो रही है। 12 प्रतिशत जीएसटी से ग्राहकों व कपड़ा व्यवसाय की कमर ही टूट जाएगी। - कुलदीप, कपड़ा व्यापारी, झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed