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कोरोनाः बहादुरगढ़ अस्पताल में खुले में बनाई अस्थायी ओपीडी
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temporary OPD opened in karuna Badhurgarh Hospital
- फोटो : Bahadurgarh
कोरोना वायरस को लेकर हर दूसरा शख्स चिंतित है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के ट्रामा सेंटर के बाहर अलग से कैंप ओपीडी भी बनाई है। इसमें खांसी, जुकाम के अलावा अन्य बीमारियों के मरीजों की जांच पड़ताल की जाएगी। यहां पर तीन केबिन भी बनाए गए हैं। उनको तैयार किया जा रहा है।
कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग से ओपीडी तैयार की जा रही है। इसमें जुकाम, खांसी एवं बुखार के मरीजों का अन्य मरीजों से अलग रखने के लिए यह बनाई गई है। महामारी घोषित होने के बाद अब मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर भी अत्यंत सावधानी बरतने लगे हैं।
खुले में बनाई ओपीडी
जुकाम, खांसी एवं बुखार के मरीजों की जांच के लिए ओपीडी छत के नीचे बनाने की बजाय खुले स्थान पर बनाई गई है। चिकित्सकों के अनुसार छत के नीचे ओपीडी बनाने से वायरस दायरे में घूमता रहता है और सांस के जरिये सामान्य व्यक्ति में प्रवेश कर सकता है, लेकिन खुले आसमान में वायरस का संक्रमण कम रहता है और यह लोगों को प्रभावित भी नहीं करता है।
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उचित दूरी से देख रहे हैं मरीजों को
कोरोना का खौफ बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों में भी देखा जा सकता है। वह मरीजों को उचित दूरी से देख रहे हैं। उन्होंने मुंह पर मास्क एवं हाथों में दस्ताने भी पहने हुए हैं।
अस्थायी ओपीडी में की जाएगी मरीजों की जांच : डॉ. मेघा
नागरिक अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मेघा का कहना है कि फिलहाल ट्रामा सेंटर के बाहर बने पार्क में खांसी, जुकाम व बुखार के लिए आने वाले मरीजों की जांच के लिए एक अस्थायी तौर पर ओपीडी बनाई गई है। सोमवार को यह पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इसमें दो डॉक्टर मरीजों का उपचार करेंगे। खास बात यह है कि मरीजों की जांच के बाद उन्हें दवाई और कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे।
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कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग से ओपीडी तैयार की जा रही है। इसमें जुकाम, खांसी एवं बुखार के मरीजों का अन्य मरीजों से अलग रखने के लिए यह बनाई गई है। महामारी घोषित होने के बाद अब मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर भी अत्यंत सावधानी बरतने लगे हैं।
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खुले में बनाई ओपीडी
जुकाम, खांसी एवं बुखार के मरीजों की जांच के लिए ओपीडी छत के नीचे बनाने की बजाय खुले स्थान पर बनाई गई है। चिकित्सकों के अनुसार छत के नीचे ओपीडी बनाने से वायरस दायरे में घूमता रहता है और सांस के जरिये सामान्य व्यक्ति में प्रवेश कर सकता है, लेकिन खुले आसमान में वायरस का संक्रमण कम रहता है और यह लोगों को प्रभावित भी नहीं करता है।
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उचित दूरी से देख रहे हैं मरीजों को
कोरोना का खौफ बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों में भी देखा जा सकता है। वह मरीजों को उचित दूरी से देख रहे हैं। उन्होंने मुंह पर मास्क एवं हाथों में दस्ताने भी पहने हुए हैं।
अस्थायी ओपीडी में की जाएगी मरीजों की जांच : डॉ. मेघा
नागरिक अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. मेघा का कहना है कि फिलहाल ट्रामा सेंटर के बाहर बने पार्क में खांसी, जुकाम व बुखार के लिए आने वाले मरीजों की जांच के लिए एक अस्थायी तौर पर ओपीडी बनाई गई है। सोमवार को यह पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इसमें दो डॉक्टर मरीजों का उपचार करेंगे। खास बात यह है कि मरीजों की जांच के बाद उन्हें दवाई और कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे।