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अध्यापक न होने से छात्रों का भविष्य अंधकारमय
ब्यूरो/झज्जर,अमर उजाला
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:56 AM IST
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दादरी तोए में अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। छात्रों ने अपने स्तर पर प्राचार्य और ग्राम पंचायत को गई बार अवगत करवाया है मगर अध्यापकों की कमी पूरी नहीं हो रही।
ट्यूशन भी असंभव
दादरी तोए स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र अमित, अनिल, हरीश, योगेश, दीपक, आरती और सुमित का कहना है कि स्कूल में पिछले तीन माह से एकाउंट और बिजनेस विषय के अध्यापक नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण और कठिन विषय होने के कारण छात्रों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। गांव में एकाउंट विषय पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है, इसलिए विद्यार्थी ट्यूशन भी नहीं पढ़ सकते। जबकि शहरों में इसकी फीस ज्यादा है और आने-जाने में समय खराब होता है। ऐसे में वे अन्य विषयों को समय नहीं दे सकते। नवंबर माह चल रहा है और अर्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं मगर उनका सिलेबस पूरा न होने के चलते भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है।
केवल आश्वासन
छात्रों का कहना है कि उन्होंने एकाउंट अध्यापक की मांग को लेकर प्राचार्य से बातचीत की मगर केवल आश्वासन मिला है। दादरी तोए स्कूल में दादरी तोए से अलग, कुताना-कुतानी और याकूबपुर के छात्र भी पढ़ते हैं। छात्रा आरती और सुमित का कहना है कि सरकार एक तरफ तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जोर दे रही है वहीं बेटियों को स्कूलों में शिक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने में असफल साबित हो रही है। स्कूल के छात्रों ने एक बार फिर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से एकाउंट अध्यापक नियुक्त कराने की मांग की है ताकि उनके पढ़ाई बाधित न हो।
ट्यूशन भी असंभव
दादरी तोए स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र अमित, अनिल, हरीश, योगेश, दीपक, आरती और सुमित का कहना है कि स्कूल में पिछले तीन माह से एकाउंट और बिजनेस विषय के अध्यापक नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण और कठिन विषय होने के कारण छात्रों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है। गांव में एकाउंट विषय पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है, इसलिए विद्यार्थी ट्यूशन भी नहीं पढ़ सकते। जबकि शहरों में इसकी फीस ज्यादा है और आने-जाने में समय खराब होता है। ऐसे में वे अन्य विषयों को समय नहीं दे सकते। नवंबर माह चल रहा है और अर्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं मगर उनका सिलेबस पूरा न होने के चलते भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है।
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केवल आश्वासन
छात्रों का कहना है कि उन्होंने एकाउंट अध्यापक की मांग को लेकर प्राचार्य से बातचीत की मगर केवल आश्वासन मिला है। दादरी तोए स्कूल में दादरी तोए से अलग, कुताना-कुतानी और याकूबपुर के छात्र भी पढ़ते हैं। छात्रा आरती और सुमित का कहना है कि सरकार एक तरफ तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जोर दे रही है वहीं बेटियों को स्कूलों में शिक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने में असफल साबित हो रही है। स्कूल के छात्रों ने एक बार फिर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से एकाउंट अध्यापक नियुक्त कराने की मांग की है ताकि उनके पढ़ाई बाधित न हो।
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