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Jhajjar-Bahadurgarh News: आंखों के लिए भी खतरा साबित हो रही तेज धूप
Wed, 05 Jun 2024 04:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 05 Jun 2024 04:26 AM IST
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बहादुरगढ़। भीषण गर्मी में लोगों को आंखों में जलन और दर्द की शिकायत मिल रही हैं। इसको लेकर लोग नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पताल में ड्राइनेस के मरीजों की संख्या में भी 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि तपती धूप में घर से बाहर निकलने से पहले काले चश्मे का इस्तेमाल जरूर करें। नागरिक अस्पताल में ही औसतन 150 मरीजों की ओपीडी में से करीब 25-30 केस इस तरह के मिल रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका बंसल ने बताया कि इन दिनों तापमान अधिक होने से ड्राइनेस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें अधिकांश वे लोग हैं जो ज्यादा देर तक धूप में काम करते हैं। उन्होंने सलाह देते हुए बताया कि पहले तो तेज धूप में कम निकलें। धूप से आने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोएं। धूप में सनग्लोसेस (काला चश्मा) जरूर लगाएं। डॉक्टरों के मुताबिक कंप्यूटर या मोबाइल पर बिना ब्रेक लिए घंटों तक पढ़ाई या काम करने से आंख में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम होता है। इससे आंख में जलन, दर्द और लाली की शिकायत होती है। अस्पताल में ऐसे मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों से अपील है कि उन्हें हर 20 से 25 मिनट के बाद स्क्रीन से कुछ देर के लिए दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस रिकार्ड तोड़ गर्मी में अगर कोई लंबे समय तक धूप में रहता है तो आशंका होती है कि उसे सफेद मोतियाबिंद समय से पहले या 50 साल की उम्र से पहले हो जाएगा।
डॉ. मालविका बंसल का कहना है कि इन समस्याओं से बचने के लिए बेहद जरूरी है कि लगातार और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने न रहें। ऐसे लोग कई तरह की एक्सरसाइज के जरिये अपनी आंखों को रिलेक्स करने की कोशिश करें। इसमें हर 20 मिनट में 20 सैकेंड के लिए कुछ दूर किसी चीज पर फोकस करने की कोशिश करें। ऐसा करने से आंखों में खून का संचार बेहतर होता है। कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षणों से तब भी ग्रस्त हो जाते हैं जब खासतौर पर रोशनी की स्थिति और बच्चे के बैठने की मुद्रा सही नहीं हो।
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नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका बंसल ने बताया कि इन दिनों तापमान अधिक होने से ड्राइनेस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें अधिकांश वे लोग हैं जो ज्यादा देर तक धूप में काम करते हैं। उन्होंने सलाह देते हुए बताया कि पहले तो तेज धूप में कम निकलें। धूप से आने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोएं। धूप में सनग्लोसेस (काला चश्मा) जरूर लगाएं। डॉक्टरों के मुताबिक कंप्यूटर या मोबाइल पर बिना ब्रेक लिए घंटों तक पढ़ाई या काम करने से आंख में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम होता है। इससे आंख में जलन, दर्द और लाली की शिकायत होती है। अस्पताल में ऐसे मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों से अपील है कि उन्हें हर 20 से 25 मिनट के बाद स्क्रीन से कुछ देर के लिए दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस रिकार्ड तोड़ गर्मी में अगर कोई लंबे समय तक धूप में रहता है तो आशंका होती है कि उसे सफेद मोतियाबिंद समय से पहले या 50 साल की उम्र से पहले हो जाएगा।
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डॉ. मालविका बंसल का कहना है कि इन समस्याओं से बचने के लिए बेहद जरूरी है कि लगातार और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने न रहें। ऐसे लोग कई तरह की एक्सरसाइज के जरिये अपनी आंखों को रिलेक्स करने की कोशिश करें। इसमें हर 20 मिनट में 20 सैकेंड के लिए कुछ दूर किसी चीज पर फोकस करने की कोशिश करें। ऐसा करने से आंखों में खून का संचार बेहतर होता है। कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षणों से तब भी ग्रस्त हो जाते हैं जब खासतौर पर रोशनी की स्थिति और बच्चे के बैठने की मुद्रा सही नहीं हो।
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