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हड़ताल : दो दिनों से 105 राशन डिपो पर लटके हैं ताले, दो लाख लाभार्थी प्रभावित

Tue, 02 Jan 2024 09:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Tue, 02 Jan 2024 09:48 PM IST
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Strike: 105 ration depots are locked for two days, two lakh beneficiaries affected
बहादुरगढ़। नए साल की शुरूआत से ही राशन डिपो होल्डर हड़ताल पर हैं। पिछले दो दिनों से बहादुरगढ़ इलाके के 105 राशन डिपो नहीं खुले हैं। डिपो होल्डर सरकार द्वारा वर्ष 2022 में जारी किए गए नियमों से परेशान हैं और इनको बदलने की मांग उठा रहे हैं। सभी ने मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया है। जब तक डिपो होल्डरों की हड़ताल जारी रहेगी, तब तक बहादुरगढ़ के दो लाख से अधिक पात्र राशन से वंचित रहेेंगे। इस प्रदेशव्यापी हड़ताल का बहादुरगढ़ के डिपो होल्डरों ने पूर्ण समर्थन किया है।
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बहादुरगढ़ के 105 डिपो होल्डरों ने अपनी दुकानें दो दिनों से नहीं खोली हैं। बहादुरगढ़ में लगभग 53 हजार बीपीएल कार्ड और लगभग 1500 बीपीएल कार्ड हैं। इनके जरिये दो लाख से अधिक लोग रजिस्टर्ड हैं। सरकार की योजना के अनुसार, इन्हें अनाज मिलता है। एक से लेकर 15 तारीख तक राशन वितरण किया जाता है। अधिकांश डिपो पर सप्लाई आ चुकी है, लेकिन वितरण से पहले ही हड़ताल शुरू हो गई। जब तक हड़ताल जारी रहती है, राशन वितरण नहीं हो पाएगा। ऐसे में बहादुरगढ़ के दो लाख से अधिक लोग हड़ताल खत्म होने तक राशन से वंचित रह सकते हैं।
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वर्ष 2022 में जो नियम बनाए उनमें डिपो होल्डरों के हितों को किया गया नजरंदाज : अनूप सिंह

बहादुरगढ़ डिपो एसोसिएशन के प्रधान अनूप सिंह ने कहा कि वर्ष 2022 में जो नियम बनाए गए हैं, उनमें डिपो होल्डरों के हितों को नजरंदाज किया गया है। बेशक सरकार ने मार्जन मनी बढ़ाई, लेकिन उनके काम को कम किया जा रहा है। पहले एक डिपो पर 600 से 1200 कार्ड होल्डर थे, लेकिन अब नए नियम के अनुसार प्रत्येक पर 300 कार्ड की व्यवस्था होगी। यदि ऐसा होता है तो काम बिल्कुल खत्म हो जाएगा। इसके अलावा जनसंख्या के हिसाब से सप्लाई बढ़ाने की दरकार है, लेकिन कटौती की जा रही है। सरकार की योजना के मुताबिक, देश का कोई भी नागरिक कहीं से भी राशन ले सकता है। बहादुरगढ़ में प्रवासी लोगों की तादाद अधिक है। चूंकि सरकार ने गेहूं की मात्रा कम कर दी है तो ऐसे प्रवासी परिवारों को अधिक दिक्कतें होंगी। दरअसल, यहां गेहूं और बाजरा लोगों को दिया जाता है जबकि दूसरे प्रदेशों में बाजरा नहीं मिलता। सिस्टम के तहत इन प्रदेशों के कार्ड होल्डर्स को यहां बाजरा नहीं दे सकते। ऐसे में गेहूं की सप्लाई कम हुई है तो इन प्रवासियों पर इसका असर पड़ेगा। सरकार डिपो तथा कार्ड होल्डरों की समस्या को समझे। हमारी मांग मानी जाए। जब तक मांग नहीं पूरी होती, हड़ताल जारी रहेगी।
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