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Jhajjar-Bahadurgarh News: गांव में अवारा कुत्तों का खौफ, बाहर निकलने से डर रहे लोग
Mon, 27 Oct 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 27 Oct 2025 01:12 AM IST
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26jjrp01- गांव में विचरण करते कुत्ते। स्रोत-ग्रामीण
साल्हावास। मातनहेल, साल्हावास क्षेत्र में अवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। झुंड बनाकर घूम रहे आवारा कुत्तों से लोग परेशान हैं। इन आवारा कुत्तों की वजह से बुजुर्ग, महिलाएं-बच्चे अकेले घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। अस्पताल में भी प्रतिदिन कुत्तों के काटने के मामले आ रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़कर गांव से बाहर करने की मांग भी की है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
गांव बहु, खानपुर कलां, खानपुर खुर्द, गोरिया, खोरडा, झामरी, झाड़ली गांव में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। कुत्तों के झुंड गलियों और सड़कों पर घूमते रहते हैं और राहगीरों को देखकर काटने के लिए उनके पीछे भागने लगते हैं।
लोग शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। दिन के समय में आवारा कुत्तों का झुंड गलियों में देखा जा सकता है। ग्रामीण रमेश शर्मा, अत्तर सिंह, राजेश, पवन गहलोत ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लोग आवारा कुत्तों के खौफ में जी रहे हैं। क्षेत्र के लोगों के लिए आवारा कुत्तों का खतरा हर साल बढ़ता जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लावारिस कुत्तों को पकड़कर गांव से बाहर ले जाने का प्रयास जन प्रतिनिधियों व जिम्मेदार लोगों की ओर से करवाया जाना चाहिए। गांव में जो लोग कुत्ते पालते हैं वह लोग अपने घरों में कुत्तों को बांधकर रखें। अगर कुत्ता खुला रहेगा तो वह किसी को भी काट सकता है।
पालतू कुत्ते का समय पर कराए टीकाकरण
इस संबंध में पशु विभाग के डॉ. बलजीत ने बताया कि पालतू कुत्ते का समय-समय पर टीकाकरण कराना पड़ता है। अगर समय पर टीकाकरण नहीं कराएंगे तो रैबीज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में टीकाकरण बहुत जरूरी है। कुत्ते को पालने के लिए अनुमति भी लेनी होती है जिसमें सभी मानकों को पूरा करना होता है। कुत्ता काट ले तो घरेलू उपचार की बजाय अस्पताल ले जाना चाहिए।
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गांव बहु, खानपुर कलां, खानपुर खुर्द, गोरिया, खोरडा, झामरी, झाड़ली गांव में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। कुत्तों के झुंड गलियों और सड़कों पर घूमते रहते हैं और राहगीरों को देखकर काटने के लिए उनके पीछे भागने लगते हैं।
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लोग शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। दिन के समय में आवारा कुत्तों का झुंड गलियों में देखा जा सकता है। ग्रामीण रमेश शर्मा, अत्तर सिंह, राजेश, पवन गहलोत ने बताया ग्रामीण क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लोग आवारा कुत्तों के खौफ में जी रहे हैं। क्षेत्र के लोगों के लिए आवारा कुत्तों का खतरा हर साल बढ़ता जा रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि लावारिस कुत्तों को पकड़कर गांव से बाहर ले जाने का प्रयास जन प्रतिनिधियों व जिम्मेदार लोगों की ओर से करवाया जाना चाहिए। गांव में जो लोग कुत्ते पालते हैं वह लोग अपने घरों में कुत्तों को बांधकर रखें। अगर कुत्ता खुला रहेगा तो वह किसी को भी काट सकता है।
पालतू कुत्ते का समय पर कराए टीकाकरण
इस संबंध में पशु विभाग के डॉ. बलजीत ने बताया कि पालतू कुत्ते का समय-समय पर टीकाकरण कराना पड़ता है। अगर समय पर टीकाकरण नहीं कराएंगे तो रैबीज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में टीकाकरण बहुत जरूरी है। कुत्ते को पालने के लिए अनुमति भी लेनी होती है जिसमें सभी मानकों को पूरा करना होता है। कुत्ता काट ले तो घरेलू उपचार की बजाय अस्पताल ले जाना चाहिए।