{"_id":"691cde3711c343149502485e","slug":"stf-takes-major-action-two-members-of-rohit-godara-gang-arrested-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-118988-2025-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, रोहित गोदारा गैंग के दो सदस्य काबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, रोहित गोदारा गैंग के दो सदस्य काबू
Wed, 19 Nov 2025 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 19 Nov 2025 02:29 AM IST
विज्ञापन
फोटो 76: एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए अजय और हेमंत। स्रोत पुलिस
बहादुरगढ़। ऑपरेशन ट्रैक डाउन के दौरान एसटीएफ यूनिट बहादुरगढ़ ने थाना सदर बहादुरगढ़ में दर्ज मामले में रोहित गोदारा गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में करनाल का रहने वाला अजय और चरखी दादरी का हेमंत उर्फ हैप्पी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा गया है।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अजय ने गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के सदस्य विक्रम के कहने पर पानीपत से अवैध हथियार लाकर रोहतक बस स्टैंड पर आरोपी विजय को सप्लाई किया था। वहीं दूसरे आरोपी हेमंत ने वांछित आरोपी मनोज पांचाल के निर्देश पर घंटाघर चौक भिवानी स्थित एसबीआई बैंक एटीएम पर बड़ी भूमिका निभाई।
हेमंत ने मनोज द्वारा भेजे गए लड़के आशीष उर्फ गोलू (जो पहले ही एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है) के साथ मिलकर एसबीआई की सीडीएम मशीन में करीब 30 लाख रुपये गैंग के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में जमा करवाए थे।एसटीएफ यूनिट बहादुरगढ़ प्रभारी राकेश ने बताया कि मामले की तफ्तीश गंभीरता से की जा रही है।
विज्ञापन
मामले की शुरूआत 2025 में हुई
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर बहादुरगढ़ में दर्ज मुकदमे में कार्रवाई की गई है। मामले की शुरुआत 22 मई 2025 को हुई थी, जब गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के सदस्य सौलधा निवासी विजय और राजस्थान के धौलपुर निवासी रामदत्त को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया था। तफ्तीश के दौरान गैंग के कई और सदस्यों की गिरफ्तारी हुई। इनमें विक्रम, नीरज, सुनील, शुभम, हैप्पी, हिमांशु और आशीष उर्फ गोलू शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक करनाल के गांव कोहंड निवासी अजय और चरखी दादरी के गांव सारंगपुर निवासी हेमंत उर्फ हैप्पी शामिल हैं। एसटीएफ जांच में खुलासा हुआ था कि गैंगस्टर रोहित गोदारा ने अपने सदस्यों को फाइनेंस करने के लिए रुपये भेजे थे। आरोपी आशीष उर्फ गोलू ने गैंग के सदस्य सोनीपत के पीपली खेड़ा निवासी हैप्पी के खाते में भिवानी के घंटाघर चौक स्थित सीडीएम मशीन के माध्यम से रुपये जमा करवाए थे। यह लेन-देन गैंग के वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य हथियारों की खरीद और गैंग गतिविधियों को जारी रखना था। आशीष को सीडीएम मशीन नहीं चलानी आती थी। ऐसे में उसने हेमंत की मदद से सीडीएम मशीन चलाकर पैसे गैंग के अन्य सदस्यों के अकाउंट में डाले थे। पुलिस ने अब हेमंत को भी पकड़ लिया है। एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया था कि हैप्पी ने यह राशि गैंग के सदस्य सोनीपत के मयूर विहार निवासी अरुण और रोहतक के गांव काहनी निवासी रविंद्र को दी थी। जिन्होंने फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग की थी। इस मामले में इन दोनों आरोपियों का गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में पुलिस एनकाउंटर हो चुका है।
विज्ञापन
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अजय ने गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग के सदस्य विक्रम के कहने पर पानीपत से अवैध हथियार लाकर रोहतक बस स्टैंड पर आरोपी विजय को सप्लाई किया था। वहीं दूसरे आरोपी हेमंत ने वांछित आरोपी मनोज पांचाल के निर्देश पर घंटाघर चौक भिवानी स्थित एसबीआई बैंक एटीएम पर बड़ी भूमिका निभाई।
विज्ञापन
हेमंत ने मनोज द्वारा भेजे गए लड़के आशीष उर्फ गोलू (जो पहले ही एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है) के साथ मिलकर एसबीआई की सीडीएम मशीन में करीब 30 लाख रुपये गैंग के अन्य सदस्यों के बैंक खातों में जमा करवाए थे।एसटीएफ यूनिट बहादुरगढ़ प्रभारी राकेश ने बताया कि मामले की तफ्तीश गंभीरता से की जा रही है।
विज्ञापन
मामले की शुरूआत 2025 में हुई
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर बहादुरगढ़ में दर्ज मुकदमे में कार्रवाई की गई है। मामले की शुरुआत 22 मई 2025 को हुई थी, जब गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के सदस्य सौलधा निवासी विजय और राजस्थान के धौलपुर निवासी रामदत्त को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया था। तफ्तीश के दौरान गैंग के कई और सदस्यों की गिरफ्तारी हुई। इनमें विक्रम, नीरज, सुनील, शुभम, हैप्पी, हिमांशु और आशीष उर्फ गोलू शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों में एक करनाल के गांव कोहंड निवासी अजय और चरखी दादरी के गांव सारंगपुर निवासी हेमंत उर्फ हैप्पी शामिल हैं। एसटीएफ जांच में खुलासा हुआ था कि गैंगस्टर रोहित गोदारा ने अपने सदस्यों को फाइनेंस करने के लिए रुपये भेजे थे। आरोपी आशीष उर्फ गोलू ने गैंग के सदस्य सोनीपत के पीपली खेड़ा निवासी हैप्पी के खाते में भिवानी के घंटाघर चौक स्थित सीडीएम मशीन के माध्यम से रुपये जमा करवाए थे। यह लेन-देन गैंग के वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य हथियारों की खरीद और गैंग गतिविधियों को जारी रखना था। आशीष को सीडीएम मशीन नहीं चलानी आती थी। ऐसे में उसने हेमंत की मदद से सीडीएम मशीन चलाकर पैसे गैंग के अन्य सदस्यों के अकाउंट में डाले थे। पुलिस ने अब हेमंत को भी पकड़ लिया है। एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया था कि हैप्पी ने यह राशि गैंग के सदस्य सोनीपत के मयूर विहार निवासी अरुण और रोहतक के गांव काहनी निवासी रविंद्र को दी थी। जिन्होंने फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग की थी। इस मामले में इन दोनों आरोपियों का गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में पुलिस एनकाउंटर हो चुका है।