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Jhajjar-Bahadurgarh News: श्रीराम ने ताड़का वध कर तोड़ा शिव धनुष
Wed, 24 Sep 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 24 Sep 2025 01:50 AM IST
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23jjrp22- झज्जर। श्री प्राचीन रामलीला में राम-सीता के स्वयंवर का दृश्य। स्रोत- आयोजक
झज्जर। बहादुरगढ़ रोड स्थित श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के ग्राउंड में मंगलवार को श्रीराम ने ताड़का वध कर भगवान शिव का धनुष तोड़ा। वह जनकपुरी में आयोजित स्वयंवर में पहुंचे थे। दर्शकों ने रामलीला में कलाकारों के अभिनय का आनंद लिया और रामायण के पात्रों से सीख ली।
रामलीला मंचन में दिखाया गया कि विश्वामित्र ताड़का से परेशान होकर राजा दशरथ से सहायता प्राप्त करने के लिए गए। इसके बाद राम और लक्ष्मण उनके साथ वन में गए और विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की। ताड़का द्वारा यज्ञ में बाधा डालने पर उसका वध किया। इसके बाद राम और लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ सीता स्वयंवर में चले गए। जहां पर उन्होंने शिव धनुष को तोड़ते हुए सीता से विवाह किया।
शहर के भगत चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में दूसरे दिन श्रवण कुमार के मातृ-पितृ भक्ति का मंचन किया गया। रामलीला मंचन में दिखाया गया कि श्रवण अपने अंधे माता-पिता की सेवा करता है। गलती से महाराज दशरथ का तीर श्रवण कुमार को लग जाता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। पुत्र वियोग में उनके माता-पिता भी दम तोड़ देते हैं और महाराज दशरथ को श्राप दे देते हैं।
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रामलीला मंचन में दिखाया गया कि विश्वामित्र ताड़का से परेशान होकर राजा दशरथ से सहायता प्राप्त करने के लिए गए। इसके बाद राम और लक्ष्मण उनके साथ वन में गए और विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा की। ताड़का द्वारा यज्ञ में बाधा डालने पर उसका वध किया। इसके बाद राम और लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ सीता स्वयंवर में चले गए। जहां पर उन्होंने शिव धनुष को तोड़ते हुए सीता से विवाह किया।
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शहर के भगत चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में दूसरे दिन श्रवण कुमार के मातृ-पितृ भक्ति का मंचन किया गया। रामलीला मंचन में दिखाया गया कि श्रवण अपने अंधे माता-पिता की सेवा करता है। गलती से महाराज दशरथ का तीर श्रवण कुमार को लग जाता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। पुत्र वियोग में उनके माता-पिता भी दम तोड़ देते हैं और महाराज दशरथ को श्राप दे देते हैं।

23jjrp22- झज्जर। श्री प्राचीन रामलीला में राम-सीता के स्वयंवर का दृश्य। स्रोत- आयोजक
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