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Jhajjar-Bahadurgarh News: दादी के लिए श्रवण कुमार बने विशाल और जतिन
Wed, 10 Jul 2024 05:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 10 Jul 2024 05:52 AM IST
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। 75 वर्षीया दादी की इच्छा पूरी करने के लिए दो भाइयों ने दादी को कांवड़ में बैठाकर यात्रा शुरू की है। हरिद्वार से झज्जर के लिए बढ़ रहे शिवभक्तों ने बताया कि इस बार की कांवड़ अपनी दादी के लिए लाए हैं।
हरियाणा झज्जर के गांव बहादुरगढ़ निवासी मजदूर विशाल कुमार और जतिन कुमार मंगलवार को कस्बे में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से कांवड़ ला रहे हैं। दादी राजबाला ने कई बार साथ आने की बात कही थी, लेकिन संयोग नहीं बन पाया। इस बार दादी को साथ लेकर आए हैं। एक जुलाई को हरकी पौड़ी हरिद्वार से एक तरफ कांवड़ में दादी को बैठाया और दूसरी तरफ दादी के वजन के बराबर गंगा जल भरकर कांवड़ उठाई थी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सात से आठ किमी का सफर आराम से तय कर लेते हैं। गांव के शिव मंदिर में ही जलाभिषेक करेंगे। उधर, राजबाला ने कहा कि मेरे लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है, कि मेरे पोतों ने मुझे कांवड़ यात्रा कराई। मेरा बहुत पुराना सपना पूरा हो गया है।
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हरियाणा झज्जर के गांव बहादुरगढ़ निवासी मजदूर विशाल कुमार और जतिन कुमार मंगलवार को कस्बे में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से कांवड़ ला रहे हैं। दादी राजबाला ने कई बार साथ आने की बात कही थी, लेकिन संयोग नहीं बन पाया। इस बार दादी को साथ लेकर आए हैं। एक जुलाई को हरकी पौड़ी हरिद्वार से एक तरफ कांवड़ में दादी को बैठाया और दूसरी तरफ दादी के वजन के बराबर गंगा जल भरकर कांवड़ उठाई थी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सात से आठ किमी का सफर आराम से तय कर लेते हैं। गांव के शिव मंदिर में ही जलाभिषेक करेंगे। उधर, राजबाला ने कहा कि मेरे लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है, कि मेरे पोतों ने मुझे कांवड़ यात्रा कराई। मेरा बहुत पुराना सपना पूरा हो गया है।
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