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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक चिता पर दो मासूमों का अंतिम संस्कार देख फफक पड़े ग्रामीण, आंखें हुई नम
Mon, 12 Jun 2023 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 12 Jun 2023 01:31 AM IST
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बादली। शनिवार शाम को बादली गांव के माइनर में डूबे एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत हो गई। दोनो चचेरे भाई थे। पुलिस ने स्टेट डिजास्टर रिपांस फोर्स (एसडीआरएफ) की मदद से रविवार सुबह दोनों के शव नहर से बरामद हो गए। अंतिम यात्रा में शामिल लोगाें की आंखें नम थी। दोनों एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ तो कई लोग फफक पड़े। परिजनों का तो बुरा हाल था।
बादली निवासी रामबीर अपने 9 वर्षीय पौत्र तरुण पुत्र मनजीत और 8 वर्षीय वंश पुत्र संजय साथ शनिवार शाम को खेतों में घूमने के लिए गए थे। वह दोनों पौत्रों को एनसीआर माइनर के पास छोड़कर पास में ही अपने खेत में काम में व्यस्त हो गए। इसी दौरान दोनों बच्चे एनसीआर माइनर में नहाने के लिए उतर गए। पानी का बहाव तेज होने की वजह से दोनों बच्चे माइनर में बह गए। रामबीर जब खेत देखकर वापिस आया तो बच्चे माइनर किनारे नहीं मिले। दोनों बच्चे माइनर में गिरने का अंदेशा लगाकर रामबीर भी माइनर में उतर गया। रामबीर ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को भी बुला लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों की तलाश शुरू की। मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया। रातभर बच्चों के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। सुबह करीब आठ बजे दोनों बच्चों के शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मिले। एक का शव 30 मीटर तो दूसरे का मिला 50 मीटर दूरी परपुलिस ने शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। संभावना जताई जा रही है नहर में पैर फिसलने की वजह से दोनों बच्चे खुद को संभाल नहीं सके और डूब गए।
बच्चों के डूबने की खबर पर ग्रामीण पीड़ित परिवार के यहां पहुंचने शुरू हो गए थे। दाेनों के शव घर पर पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम हो गई थी। महिलाएं विलाप कर रही थी। गांव की अन्य महिलाएं उन्हें दिलासा दे रही थी। दोनों की अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया तो कई लोग को यह दृश्य देखकर फूटफूटकर रोते देखे गए। उनके साथ खेलने वाले बच्चे भी मायूस थे।
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अपने माता-पिता की इकलौते पुत्र थे दोनों
माइनर में डूबे दोनों मासूम अपने माता पिता के एकलौते पुत्र थे। 9 वर्षीय तरुण अपने पिता मनजीत की एकलौता पुत्र था। 8 वर्षीय वंश पुत्र संजय भी अकेला था। घटना के गांव में शोक का माहौल था। पूरे गांव में इन दोनों बच्चों की चर्चा हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे हंसमुख और मिलनसार थे। दोनों में बेहद प्यार था और अक्सर एक साथ ही घूमने जाते थे। दोनो अपने दादा के लाडले थे। इस घटना के बाद दादा का रो रोकर बुरा हाल है। सदमे में बेहोश भी हो गए।
ग्रामीणों ने किया हंगामा, विधायक ने समझाया
रेस्क्यू अभियान पर रात को हंगामा रेस्क्यू अभियान को लेकर रात के समय माइनर किनारे ग्रामीणों ने हंगामा भी किया। ग्रामीणों का कहना था कि रेस्क्यू अभियान धीमा चलाया गया। बादली के विधायक कुलदीप वत्स और जजपा के जिला अध्यक्ष संजय कबलाना भी रात के समय ही घटना स्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया। प्रशासन की ओर से उपमंडल अधिकारी विशाल कुमार और पुलिस थाना प्रभारी प्रमोद कुमार भी मौके पर डटे रहे।
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बादली निवासी रामबीर अपने 9 वर्षीय पौत्र तरुण पुत्र मनजीत और 8 वर्षीय वंश पुत्र संजय साथ शनिवार शाम को खेतों में घूमने के लिए गए थे। वह दोनों पौत्रों को एनसीआर माइनर के पास छोड़कर पास में ही अपने खेत में काम में व्यस्त हो गए। इसी दौरान दोनों बच्चे एनसीआर माइनर में नहाने के लिए उतर गए। पानी का बहाव तेज होने की वजह से दोनों बच्चे माइनर में बह गए। रामबीर जब खेत देखकर वापिस आया तो बच्चे माइनर किनारे नहीं मिले। दोनों बच्चे माइनर में गिरने का अंदेशा लगाकर रामबीर भी माइनर में उतर गया। रामबीर ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को भी बुला लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों की तलाश शुरू की। मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम को भी बुला लिया गया। रातभर बच्चों के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। सुबह करीब आठ बजे दोनों बच्चों के शव घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मिले। एक का शव 30 मीटर तो दूसरे का मिला 50 मीटर दूरी परपुलिस ने शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। संभावना जताई जा रही है नहर में पैर फिसलने की वजह से दोनों बच्चे खुद को संभाल नहीं सके और डूब गए।
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बच्चों के डूबने की खबर पर ग्रामीण पीड़ित परिवार के यहां पहुंचने शुरू हो गए थे। दाेनों के शव घर पर पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम हो गई थी। महिलाएं विलाप कर रही थी। गांव की अन्य महिलाएं उन्हें दिलासा दे रही थी। दोनों की अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया तो कई लोग को यह दृश्य देखकर फूटफूटकर रोते देखे गए। उनके साथ खेलने वाले बच्चे भी मायूस थे।
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अपने माता-पिता की इकलौते पुत्र थे दोनों
माइनर में डूबे दोनों मासूम अपने माता पिता के एकलौते पुत्र थे। 9 वर्षीय तरुण अपने पिता मनजीत की एकलौता पुत्र था। 8 वर्षीय वंश पुत्र संजय भी अकेला था। घटना के गांव में शोक का माहौल था। पूरे गांव में इन दोनों बच्चों की चर्चा हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे हंसमुख और मिलनसार थे। दोनों में बेहद प्यार था और अक्सर एक साथ ही घूमने जाते थे। दोनो अपने दादा के लाडले थे। इस घटना के बाद दादा का रो रोकर बुरा हाल है। सदमे में बेहोश भी हो गए।
ग्रामीणों ने किया हंगामा, विधायक ने समझाया
रेस्क्यू अभियान पर रात को हंगामा रेस्क्यू अभियान को लेकर रात के समय माइनर किनारे ग्रामीणों ने हंगामा भी किया। ग्रामीणों का कहना था कि रेस्क्यू अभियान धीमा चलाया गया। बादली के विधायक कुलदीप वत्स और जजपा के जिला अध्यक्ष संजय कबलाना भी रात के समय ही घटना स्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान में सहयोग किया। प्रशासन की ओर से उपमंडल अधिकारी विशाल कुमार और पुलिस थाना प्रभारी प्रमोद कुमार भी मौके पर डटे रहे।