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घंटों लाइन में लगकर मां भीमेश्वरी देवी के किए दर्शन
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चांदी के सिंहासन पर आरूढ़ मां भीमेश्वरी देवी की पोशाक कोलकाता से बनकर आई है। नवरात्रि पर माता इस बार भक्तों को यही पोशाक पहनकर दर्शन दे रही हैं। माता के दरबार को विभिन्न प्रकार फूलों से सजाया गया है। शनिवार को भक्तों ने माता के दर्शन कर मनौती मांगीं।
नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर मन्नत मांगी। मंगला आरती के बाद भक्तों ने लिया माला का आशीर्वाद लिया। अनेक श्रद्धालु बाहर से यहां पूरे नवरात्रों के दौरान माता की शरण में आकर पूरे नौ दिन तक माता के मंदिर में ही पूजा-अर्चना करते हैं। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में सप्तमी और अष्टमी के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इसलिए मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुुओं को जिग-जैग सिस्टम से भेजा जाता है। मंदिर के चारों और के सड़क मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिए जाते है और केवल पैदल रास्ता होता है।
बेरी में माता भीमेश्वरी देवी के दो मंदिर स्थित हैं जिनका वर्षों पुराना इतिहास एक-दूसरे से संबधित है। सांध्यकालीन स्तर में माता की पूजा-अर्चना कस्बे के अंदर स्थित मंदिर में होती है। अल सुबह प्रतिदिन शुभ मुहुर्त में माता की प्रतिमा को बस स्टैंड के पीछे बने मंदिर में लाया जाता है। इसके बाद पुजारी प्रतिदिन विधि विधान से माता की पूजा करते हैं।
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मां भीमेश्वरी देवी मेले में सप्तमी व अष्टमी के दिन देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुुंचते है। मेले में किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसके लिए सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है, यातायात व अन्य पहलुओं को लेकर भी किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए पूर्ण व्यवस्था की गई है।
नवरात्र में हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों के लोग दूर-दराज से मां भीमेश्वरी के दर्शनों के लिए पूरे नौ दिन तक बेरी में प्रवास करते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ब्राह्मण धर्मशाला, अग्रवाल धर्मशाला, कुम्हार धर्मशाला, खटीक धर्मशाला, जाट धर्मशाला, ईमली वाला बाबा की धर्मशाला, जांगड़ा धर्मशाला, जयराम आश्रम समेत सभी धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गर्ई है।
नवरात्र के तीसरे दिन बाहर मंदिर पुलिस व्यवस्था बनाने की बजाए बिगाड़ रही है, ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला कि बाहर मंदिर में जाने के लिए प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को फूट ओवर ब्रिज से भेजा जाता है, लेकिन मंदिर के मेन रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद किया हुआ। बैरीकेड लगाकर बंद किए रास्ते से पुलिसकर्मियों के आगे ही श्रद्धालु बैरिकेड के ऊपर से जाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस मंदिर में व्यवस्था बनाने के लिए कितनी गंभीर है। वर्जन मंदिर के पास बैरिकेड के रास्ते पुलिस द्वारा व्यवस्था बिगड़ने का मामला संज्ञान में आया है। नवरात्र को लेकर मंदिर में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। थाना प्रभारी सुंदरपाल ने बताया कि मंदिर में पुलिस की ओर से व्यवस्था बिगड़ने वाले कर्मचारियों को हिदायत दे दी गई है कि ड्यूटी में किसी प्रकार की कोताही ना बरतें।
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नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेककर मन्नत मांगी। मंगला आरती के बाद भक्तों ने लिया माला का आशीर्वाद लिया। अनेक श्रद्धालु बाहर से यहां पूरे नवरात्रों के दौरान माता की शरण में आकर पूरे नौ दिन तक माता के मंदिर में ही पूजा-अर्चना करते हैं। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में सप्तमी और अष्टमी के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इसलिए मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुुओं को जिग-जैग सिस्टम से भेजा जाता है। मंदिर के चारों और के सड़क मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिए जाते है और केवल पैदल रास्ता होता है।
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बेरी में माता भीमेश्वरी देवी के दो मंदिर स्थित हैं जिनका वर्षों पुराना इतिहास एक-दूसरे से संबधित है। सांध्यकालीन स्तर में माता की पूजा-अर्चना कस्बे के अंदर स्थित मंदिर में होती है। अल सुबह प्रतिदिन शुभ मुहुर्त में माता की प्रतिमा को बस स्टैंड के पीछे बने मंदिर में लाया जाता है। इसके बाद पुजारी प्रतिदिन विधि विधान से माता की पूजा करते हैं।
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मां भीमेश्वरी देवी मेले में सप्तमी व अष्टमी के दिन देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुुंचते है। मेले में किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसके लिए सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है, यातायात व अन्य पहलुओं को लेकर भी किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए पूर्ण व्यवस्था की गई है।
नवरात्र में हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों के लोग दूर-दराज से मां भीमेश्वरी के दर्शनों के लिए पूरे नौ दिन तक बेरी में प्रवास करते हैं। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ब्राह्मण धर्मशाला, अग्रवाल धर्मशाला, कुम्हार धर्मशाला, खटीक धर्मशाला, जाट धर्मशाला, ईमली वाला बाबा की धर्मशाला, जांगड़ा धर्मशाला, जयराम आश्रम समेत सभी धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गर्ई है।
नवरात्र के तीसरे दिन बाहर मंदिर पुलिस व्यवस्था बनाने की बजाए बिगाड़ रही है, ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला कि बाहर मंदिर में जाने के लिए प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को फूट ओवर ब्रिज से भेजा जाता है, लेकिन मंदिर के मेन रास्ते को बैरिकेड लगाकर बंद किया हुआ। बैरीकेड लगाकर बंद किए रास्ते से पुलिसकर्मियों के आगे ही श्रद्धालु बैरिकेड के ऊपर से जाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस मंदिर में व्यवस्था बनाने के लिए कितनी गंभीर है। वर्जन मंदिर के पास बैरिकेड के रास्ते पुलिस द्वारा व्यवस्था बिगड़ने का मामला संज्ञान में आया है। नवरात्र को लेकर मंदिर में सैकड़ों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई हुई है। थाना प्रभारी सुंदरपाल ने बताया कि मंदिर में पुलिस की ओर से व्यवस्था बिगड़ने वाले कर्मचारियों को हिदायत दे दी गई है कि ड्यूटी में किसी प्रकार की कोताही ना बरतें।