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परम सुख के लिए त्याग जरूरी : दीपक जैन
Sun, 15 Sep 2024 11:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 15 Sep 2024 11:06 PM IST
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-फोटो 58 : दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन मंदिर में पूजा अर्चना करते जैन समाज के लोग।
बहादुरगढ़। दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन शहर के जैन मंदिरों में उत्तम त्याग धर्म की पूजा की गई। जिनेंद्र भगवान के अभिषेक, नित्य पूजा पाठ व जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा की गई। किला मोहल्ला स्थित दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज के प्रवक्ता दीपक जैन ने बताया कि संसार में कोई भी व्यक्ति तब तक सुखी नहीं हो सकता, जब तक उसको किसी भी चीज की आकुलता है।
आकुलता तब तक नष्ट नहीं हो सकती जब तक उसके पास कुछ भी परिग्रह है। इसलिए परम सुख के लिए त्याग की आवश्यकता होती है। शांतिनाथ भगवान को नमन करते हुए पर्युषण पर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म और रत्नत्रय की पूजा के साथ मनाया गया। इसमें उत्तम त्याग धर्म की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि आधी आय परिवार, एक चौथाई आपत्ति के लिए एवं एक चौथाई का दान ही उत्तम त्याग है।
किला मोहल्ला में स्थित जैन मंदिर में श्रेीजी के अभिषेक और शांतिधारा के पश्चात महावीर पूजा, आदिनाथ पूजा, सोलहकरण पूजा, पंचमेरू पूजा, दशलक्षण पूजा, उत्तम त्याग धर्म की पूजा मुख्य रूप से की गई। शास्त्री ने त्याग, दान, धर्म के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर आनेंद जैन, मुनीष जैन, सचिन, मनीष, नवीन, अमन, मोना जैन, राजबाला, शैला जैन, उर्मिला जैन, विद्या जैन, मोनिका आदि उपस्थित रहीं।
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आकुलता तब तक नष्ट नहीं हो सकती जब तक उसके पास कुछ भी परिग्रह है। इसलिए परम सुख के लिए त्याग की आवश्यकता होती है। शांतिनाथ भगवान को नमन करते हुए पर्युषण पर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म और रत्नत्रय की पूजा के साथ मनाया गया। इसमें उत्तम त्याग धर्म की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया कि आधी आय परिवार, एक चौथाई आपत्ति के लिए एवं एक चौथाई का दान ही उत्तम त्याग है।
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किला मोहल्ला में स्थित जैन मंदिर में श्रेीजी के अभिषेक और शांतिधारा के पश्चात महावीर पूजा, आदिनाथ पूजा, सोलहकरण पूजा, पंचमेरू पूजा, दशलक्षण पूजा, उत्तम त्याग धर्म की पूजा मुख्य रूप से की गई। शास्त्री ने त्याग, दान, धर्म के महत्व के बारे में बताया। इस मौके पर आनेंद जैन, मुनीष जैन, सचिन, मनीष, नवीन, अमन, मोना जैन, राजबाला, शैला जैन, उर्मिला जैन, विद्या जैन, मोनिका आदि उपस्थित रहीं।
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