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देश के चार गांवों में 200 साल बाद बनेंगे रिश्ते, खत्म हुआ अंग्रेजों के समय से चला आ रहा विवाद
Mon, 28 Sep 2020 03:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, बेरी(झज्जर)
अमर उजाला, बेरी(झज्जर)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 03:26 PM IST
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आपस में गले मिलते दोनों खापों के प्रधान
- फोटो : अमर उजाला
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बहराणा गांव के बाबा शीतल देव मंदिर में पांच गांवों की महापंचायत में रविवार को ऐतिहासिक फैसले के बाद चार गांवों में करीब 200 साल पुराना विवाद खत्म हो गया। अब रोहतक जिले के गांव इस्माईला व गिझी और झज्जर जिले के गांव डीघल व गंगटान के बीच सामाजिक सौहार्द कायम होने के साथ रिश्ते-नाते भी बनेंगे।
रोहतक जिले के इस्माईला व गिझी गांव जाट समाज के खत्री गोत्र बाहुल्य हैं। वहीं झज्जर जिले के डीघल व गंगटान गांव अहलावत गोत्र बाहुल्य हैं। हालांकि चारों गांवों में अन्य जाति एवं समुदाय के लोग भी रहते हैं। अंग्रेजी शासन काल के दौरान हुई एक घटना के बाद चारों गांवों के बीच सामाजिक रिश्ता टूट गया था। तब से ये गांव एक-दूसरे के यहां रिश्ता नहीं करते थे। इस्माईला व डीघल के बीच झज्जर जिले का बहराणा गांव पड़ता है, इसकी दूरी दोनों गांवों से बराबर है।
डेढ़ साल पहले बहराणा गांव के लोगों ने चारों गांवों के बीच भाईचारा कायम करने के लिए प्रयास शुरू किए और चारों गांवों के लोगों का मन टटोलना शुरू किया। प्रयास रंग लाए और रविवार को गांव के मंदिर में बहराणा के चंद्रराम की अध्यक्षता में पांचों गांवों की महापंचायत हुई। करीब तीन घंटे चली महापंचायत में फैसला लिया गया कि अब दोनों जिलों के गांव पुराने गिले-शिकवे भूलकर नए रिश्ते जोड़ेंगे। न केवल आपस में आना जाना शुरू होगा, बल्कि इस्माईला व गिझी और डीघल व गंगटान के लड़के और लड़कियों के रिश्ते भी हो सकेंगे।
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पंचायत में ही दिया दान
दो घंटे चली महापंचायत में इस्माईला और गिझी गांव की तरफ से डीघल गांव की गोशाला में 1.51 लाख रुपये दान के तौर पर दिए। साथ ही पंचायत ने बहराणा गांव के मंदिर के लिए 11 हजार रुपये दान दिए। डीघल और गांगटान गांव की ओर से भी मंदिर में 11 हजार रुपये दान किए।
दोनों पक्षों के बीच आपस में चल रहे मतभेद को दूर करने के लिए पहले प्रयास नहीं हुए। अब आपस में भाईचारे को कायम करने के लिए प्रयास हुआ तो सफलता मिली। भविष्य में इन गांवों में अब रिश्ते भी होंगे और भाईचारा भी कायम रहेगा। सर्व सहमति से सभी ने फैसले को स्वीकार कर लिया है।
- जयसिंह अहलावत, प्रधान, अहलावत खाप
पूर्व स्पीकर कादयान ने जताई खुशी
डीघल, गांगटान व ईस्माइला, गीझी गांव के बीच दो सौ साल से चले आ रहे विवाद को सुलझाने में बेरी हलके के गांव बरहाना की मध्यस्थता की पूर्व स्पीकर व हलके के विधायक डॉ. रघुबीर कादयान ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि विवाद को सुलझाने में गांव बहराणा व गांगटान के लोग तो तारीफ के काबिल है ही साथ में आपसी सुलह के लिए बड़ा दिल दिखाने में डीघल और ईस्माइला गांव की जितनी बढ़ाई की जाए उतनी कम है।
महापंचायत में डीघल गांव से अहलावत खाप के प्रधान चौधरी जयसिंह अहलावत, पूर्व सरपंच हंसराज, पूर्व सरपंच मागेराम, आनंद सिंह अहलावत, जय भगवान पहलवान, सतपाल, वेदपाल, ईस्माइला और गिझी गांव से प्रधान आजाद सिंह, भूप प्रधान, लीला प्रधान विनोद गिझी, बहराना के पूर्व संरपच जापान सिंह, राम सरपंच ,मास्टर श्रीओम अहलावत, बलवान, गोपी, प्रहलाद, चरणजीत सरपंच गांगटान, सतीश गोले पहलवान डीघल आदि मौजूद रहे। डीघल की आबादी करीब 15 हजार है और ईस्माइला की आबादी करीब 13 हजार है।
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रोहतक जिले के इस्माईला व गिझी गांव जाट समाज के खत्री गोत्र बाहुल्य हैं। वहीं झज्जर जिले के डीघल व गंगटान गांव अहलावत गोत्र बाहुल्य हैं। हालांकि चारों गांवों में अन्य जाति एवं समुदाय के लोग भी रहते हैं। अंग्रेजी शासन काल के दौरान हुई एक घटना के बाद चारों गांवों के बीच सामाजिक रिश्ता टूट गया था। तब से ये गांव एक-दूसरे के यहां रिश्ता नहीं करते थे। इस्माईला व डीघल के बीच झज्जर जिले का बहराणा गांव पड़ता है, इसकी दूरी दोनों गांवों से बराबर है।
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डेढ़ साल पहले बहराणा गांव के लोगों ने चारों गांवों के बीच भाईचारा कायम करने के लिए प्रयास शुरू किए और चारों गांवों के लोगों का मन टटोलना शुरू किया। प्रयास रंग लाए और रविवार को गांव के मंदिर में बहराणा के चंद्रराम की अध्यक्षता में पांचों गांवों की महापंचायत हुई। करीब तीन घंटे चली महापंचायत में फैसला लिया गया कि अब दोनों जिलों के गांव पुराने गिले-शिकवे भूलकर नए रिश्ते जोड़ेंगे। न केवल आपस में आना जाना शुरू होगा, बल्कि इस्माईला व गिझी और डीघल व गंगटान के लड़के और लड़कियों के रिश्ते भी हो सकेंगे।
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पंचायत में ही दिया दान
दो घंटे चली महापंचायत में इस्माईला और गिझी गांव की तरफ से डीघल गांव की गोशाला में 1.51 लाख रुपये दान के तौर पर दिए। साथ ही पंचायत ने बहराणा गांव के मंदिर के लिए 11 हजार रुपये दान दिए। डीघल और गांगटान गांव की ओर से भी मंदिर में 11 हजार रुपये दान किए।
दोनों पक्षों के बीच आपस में चल रहे मतभेद को दूर करने के लिए पहले प्रयास नहीं हुए। अब आपस में भाईचारे को कायम करने के लिए प्रयास हुआ तो सफलता मिली। भविष्य में इन गांवों में अब रिश्ते भी होंगे और भाईचारा भी कायम रहेगा। सर्व सहमति से सभी ने फैसले को स्वीकार कर लिया है।
- जयसिंह अहलावत, प्रधान, अहलावत खाप
पूर्व स्पीकर कादयान ने जताई खुशी
डीघल, गांगटान व ईस्माइला, गीझी गांव के बीच दो सौ साल से चले आ रहे विवाद को सुलझाने में बेरी हलके के गांव बरहाना की मध्यस्थता की पूर्व स्पीकर व हलके के विधायक डॉ. रघुबीर कादयान ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि विवाद को सुलझाने में गांव बहराणा व गांगटान के लोग तो तारीफ के काबिल है ही साथ में आपसी सुलह के लिए बड़ा दिल दिखाने में डीघल और ईस्माइला गांव की जितनी बढ़ाई की जाए उतनी कम है।
महापंचायत में डीघल गांव से अहलावत खाप के प्रधान चौधरी जयसिंह अहलावत, पूर्व सरपंच हंसराज, पूर्व सरपंच मागेराम, आनंद सिंह अहलावत, जय भगवान पहलवान, सतपाल, वेदपाल, ईस्माइला और गिझी गांव से प्रधान आजाद सिंह, भूप प्रधान, लीला प्रधान विनोद गिझी, बहराना के पूर्व संरपच जापान सिंह, राम सरपंच ,मास्टर श्रीओम अहलावत, बलवान, गोपी, प्रहलाद, चरणजीत सरपंच गांगटान, सतीश गोले पहलवान डीघल आदि मौजूद रहे। डीघल की आबादी करीब 15 हजार है और ईस्माइला की आबादी करीब 13 हजार है।