फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Rama went in pursuit of the golden deer; the moment the

Jhajjar-Bahadurgarh News: स्वर्ण मृग के पीछे गए राम, लक्ष्मण रेखा लांघते ही हर ले गया सीता को रावण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:57 PM IST
विज्ञापन
Rama went in pursuit of the golden deer; the moment the
फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत
महेंद्रगढ़। श्री हनुमान रामलीला में सीताहरण की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्री राम जब पंचवटी विश्राम करते है तब सूर्पणखा नाम की राक्षसी उनके पास जाती है। और राम से विवाह करने की बात करती है। लेकिन राम सूर्पणखा को लक्ष्मण के पास भेज देते है। लक्ष्मण सूर्पणखा की नाक काट देते है। जिसको लेकर वह खर और दूषण के पास जाती है। युद्ध में खर दूषण की मौत हो जाती है। उसके उपरांत सूर्पणखा रावण के पास जाती है और अपनी सारी कहानी बताती है। जब राव को गुस्सा आता है और वह अपने मारीच के पास जाते है। मरीच स्वर्ण मृग का रूप धारण करके राम के सामने जाता है। तब सीता राम से कहती है कि मुझे ये स्वर्ण मृग चाहिए। राम उसके पीछे चला जाता है। उसके उपरांत राव पंचवटी में प्रवेश करता है और सीता से भीक्षा मांगता है। लक्ष्मण की ओर से लक्ष्मण रेखा जाने के कारण रावण अंदर नहीं पहुंच पाता। जब सीता रावण को भीक्षा देने के लिए लक्ष्मण रेखा से बाहर आती है तब रावण सीता का हरण कर लेता है। रामलीला के प्रधान राजेश सैनी ने बताया कि राम के अभिनय में रेविन गोरा, लक्ष्मण प्रथम भारद्वाज, सूर्पणखा डॉ. मोनू सैन, रावण भूप सिंह सोनी, सीता जितेंद्र वर्मा, मारीच संजय बाछोदिया, खर शेरसिंह मोयल, दूषण संजय बाछोदिया ने निभाया।
विज्ञापन

----------

-सीता हरण की लीला का हुआ भावपूर्ण मंचन

महेंद्रगढ़। श्री आदर्श रामलीला कमेटी के मंच पर सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। लीला के दौरान सूर्पणखा शुभम तिवारी विवाह का प्रस्ताव लेकर श्रीराम और लक्ष्मण के पास जाती हैं। लेकिन दोनों उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं। इसके बाद सीता का अपमान करने पर लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे नवीन कुमार सूर्पणखा की नाक काट देते हैं। इसके बाद शूर्पणखा खर, दूषण के पास जाकर अपनी आपबीती सुनाती हैं। श्रीराम खर-दूषण के बीच भीषण युद्ध होता है, जिसमें श्रीराम के हाथों खर-दूषण वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं।
विज्ञापन

सूर्पणखा रावण के पास जाकर श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा किए गए अपने अपमान का पूरा वृतांत सुनाती हैं। रावण मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण करने के लिए कहता है। स्वर्ण मृग के रूप में मारीच का पंचवटी पहुंचता है। माता सीता स्वर्ण मृग को देखकर श्रीराम से उसे लाने का आग्रह करती हैं। श्रीराम मृग के पीछे चले जाते हैं और बाद में लक्ष्मण भी कुटिया से दूर हो जाते हैं। रावण साधु का वेश धारण कर आता है और छलपूर्वक माता सीता का हरण कर लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लीला में शूर्पणखा, शुभम तिवारी, खर केशव अग्रवाल, रावण ललित एडवोकेट, मारीच भगवान दास सैनी, दूषण पंकज सैनी, जटायु केशव अग्रवाल, सुतीक्ष्ण प्रकाश सैनी ने निभाई। राम पवन चौहान, लक्ष्मण नवीन कुमार ने निभाई।
----------

-रामलीला परिषद में दशरथ मरण और भरत मिलाप की मार्मिक लीला का हुआ मंचन:
महेंद्रगढ़। श्री रामलीला परिषद के रंगमंच पर सप्तम रजनी में बुधवार रात दशरथ मरण और भरत-राम मिलाप की लीला का मंचन किया गया। राम के वनवास से व्याकुल महाराज दशरथ ने कौशल्या को श्रवण कुमार वध का प्रसंग सुनाया और पुत्र वियोग के श्राप को याद कर पश्चाताप किया। महाराज दशरथ बने सुधीर दीवान ने हाय राम, हाय राम पुकारते हुए प्राण त्यागने के दृश्य को सजीव कर दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद भरत मिलाप और केवट प्रसंग का मंचन हुआ, जिसमें प्रेम, त्याग और भक्ति की अनूठी मिसाल देखने को मिली। भरत बने रवि सैनी, राम बने विकास भारद्वाज और केवट बने सतीश श्रवण के मार्मिक अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। निषाद राज बने कमल डागर ने भी उत्कृष्ट अभिनय किया। लीला में लक्ष्मण विनय भारद्वाज, सीता राजवन सैनी, कैकई अनुष्का दलाल, कौशल्या विक्की प्रजापति, गुरु वशिष्ठ राहुल गर्ग, सुमंत ललित खोरीवाल व शत्रुघ्न यश शर्मा ने अपने पात्रों को बखूबी निभाया।

----------

-राम-भरत मिलाप और राजा दशरथ के अंतिम समय की लीला ने दर्शकों को रुलाया:

कनीना। श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से कनीना में आयोजित रामलीला के आठवें दिन राजा दशरथ के अंतिम समय, राम-भरत मिलाप और केवट प्रसंग का भावुक मंचन किया गया। राजा दशरथ के अंतिम समय के प्रसंग में पहली बार पर्दे पर श्रवण कुमार और उनके माता-पिता की आत्मा का दृश्य दिखाया गया, जिसे देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत, मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया और नारनौल से पहुंचे चौधरी विकास जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राजा दशरथ डॉ. राहुल शर्मा, भरत पिनाक भारद्वाज, भगवान श्रीराम शिवकुमार शर्मा, लक्ष्मण प्रवक्ता सचिन शर्मा, सीता शुभम रहे। राम वनवास की लीला के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन के साथ केवट प्रसंग का मंचन भी किया गया। केवट हेडमास्टर सत्यप्रकाश महरौलिया, कैकई मुकेश कपूर, माता कौशल्या अमित जांगड़ा रहे।

फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत

फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत

फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत

फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत

फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत

फोटो संख्या:70- हनुमान रामलीला कमेटी के रंगमंच पर वनवास के दौरान आश्रम में विश्राम करते राम-सीत

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed