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Jhajjar-Bahadurgarh News: शहर के पार्कों में लगाए जाएंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
Sat, 28 Dec 2024 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 28 Dec 2024 01:15 AM IST
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27jjrp05- झज्जर। शहर का टाउन पार्क जहां पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। संवाद
झज्जर। जल संरक्षण के लिए कदम बढ़ाते हुए नगर परिषद शहर के पार्कों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का काम करेगा। अगले साल मानसून से पहले यह लगने की उम्मीद है।
हर साल बारिश में लाखों लीटर पानी शहर के सीवरेज में व्यर्थ बह जाता है। भूमिगत पानी रिचार्ज नहीं होने से जहां जलस्तर लगातार गिर रहा है। वहीं, जो पानी जमीन से सबमर्सिबल के माध्यम से निकाल रहे हैं, उसमें टीडीएस की मात्रा ज्यादा होने से वह पीने लायक नहीं है। इससे लगातार जल संकट बढ़ रहा है। मजबूरीवश लोगों ने घरों में कैंपर रखवाने शुरू कर दिए हैं या फिर आरओ सिस्टम लगवा रखे हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से नगर परिषद लाखों लीटर पानी का संचय करेगी, जिससे भूमिगत पानी में भी सुधार होगा। एक पार्क में एक रेन वाटर सिस्टम पर लगभग दो से तीन लाख रुपये राशि खर्च होगी। शहर के बड़े पार्कों में तीन से चार और छोटे पार्कों में एक से दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। शहर के शहीदी पार्क, मंगलीराम पार्क, मातूराम पार्क, अग्रसेन पार्क, नैष्ठिक पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
बारिश के सीजन में बन जाती है चुनौती
बारिश के सीजन में पानी निकासी भी बड़ी चुनौती रहती है। शहर की कॉलोनियों में कई फीट तक पानी भर जाता है। वहीं पार्क भी तालाब का रूप ले लेते हैं। कई जगहों पर तो बारिश के दो-तीन दिन बाद भी पानी भरा रहता है। रिचार्ज सिस्टम से पानी जमीन के अंदर चला जाएगा, जिससे पार्कों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या से निजात मिल सकती है।
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एनजीटी के भी हैं आदेश
लगातार गिरते जल स्तर को लेकर सरकार व एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) भी इसको लेकर गंभीर हैं। इसके लिए जल शक्ति अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत यह रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
वर्जन
पार्कों में जल्द ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि बरसाती पानी का संचय जमीन में हो सके। इस पर जल्द काम शुरू करवाया जाएगा।
जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर
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हर साल बारिश में लाखों लीटर पानी शहर के सीवरेज में व्यर्थ बह जाता है। भूमिगत पानी रिचार्ज नहीं होने से जहां जलस्तर लगातार गिर रहा है। वहीं, जो पानी जमीन से सबमर्सिबल के माध्यम से निकाल रहे हैं, उसमें टीडीएस की मात्रा ज्यादा होने से वह पीने लायक नहीं है। इससे लगातार जल संकट बढ़ रहा है। मजबूरीवश लोगों ने घरों में कैंपर रखवाने शुरू कर दिए हैं या फिर आरओ सिस्टम लगवा रखे हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से नगर परिषद लाखों लीटर पानी का संचय करेगी, जिससे भूमिगत पानी में भी सुधार होगा। एक पार्क में एक रेन वाटर सिस्टम पर लगभग दो से तीन लाख रुपये राशि खर्च होगी। शहर के बड़े पार्कों में तीन से चार और छोटे पार्कों में एक से दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। शहर के शहीदी पार्क, मंगलीराम पार्क, मातूराम पार्क, अग्रसेन पार्क, नैष्ठिक पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
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बारिश के सीजन में बन जाती है चुनौती
बारिश के सीजन में पानी निकासी भी बड़ी चुनौती रहती है। शहर की कॉलोनियों में कई फीट तक पानी भर जाता है। वहीं पार्क भी तालाब का रूप ले लेते हैं। कई जगहों पर तो बारिश के दो-तीन दिन बाद भी पानी भरा रहता है। रिचार्ज सिस्टम से पानी जमीन के अंदर चला जाएगा, जिससे पार्कों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या से निजात मिल सकती है।
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एनजीटी के भी हैं आदेश
लगातार गिरते जल स्तर को लेकर सरकार व एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) भी इसको लेकर गंभीर हैं। इसके लिए जल शक्ति अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत यह रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
वर्जन
पार्कों में जल्द ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे ताकि बरसाती पानी का संचय जमीन में हो सके। इस पर जल्द काम शुरू करवाया जाएगा।
जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर