{"_id":"5e21f9ba8ebc3e4b237332e6","slug":"pwd-office-bahadurgarh-news-rtk5378097167","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सईएन आवास के बाद पीडब्ल्यूडी ऑफिस पर कब्जा लेने पहुंचे विधायक जून के भाई, पुलिस ने रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सईएन आवास के बाद पीडब्ल्यूडी ऑफिस पर कब्जा लेने पहुंचे विधायक जून के भाई, पुलिस ने रोका
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- फोटो : Bahadurgarh
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दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित लोक निर्माण विभाग भवन एवं सड़कें (पीडब्लयूडी बीएंडआर) के एक्सईएन के सरकारी आवास पर कोर्ट के आदेश के बाद विधायक राजेंद्र जून ने कब्जा लिया था। शुक्रवार को कोर्ट के आदेशानुसार ही विधायक राजेंद्र जून के भाई पीडब्ल्यूडी के आफिस को खाली कराने पहुंच गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों के अनुसार विधायक के भाई व समर्थकों ने कमरों में रखा सामान निकालकर बाहर रख दिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सामान बाहर रखने के काम को रुकवा दिया और बाहर निकाले गए सामान को अंदर रखवा दिया। ऑफिस से सामान बाहर रखने की जानकारी होने पर विभाग के एसई और एक्सईएन पहुंचे। विभाग की तरफ से कार्यालय को जबरदस्ती खाली कराने और तोड़फोड़ व सरकारी काम में बाधा के आरोप में शिकायत दी गई है।
बता दें कि सप्ताह भर पहले बीएंडआर आफिस के सामने स्थित एक्सईएन के सरकारी आवास पर कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र जून के परिवार को कब्जा दिलाया गया था। इस भवन में अब विधायक राजेंद्र जून का ऑफिस बन चुका है। एक्सईएन के सरकारी आवास पर कब्जा लेने के बाद लगभग इनती ही जमीन पर स्थित बीएंडआर के ऑफिस का भी कब्जा लिया जाना है। जिस दिन सरकारी आवास पर कब्जा लिया गया, उस दिन ऑफिस का कब्जा संबंधित पक्ष को नहीं दिया गया था। तब से ही विभाग में बेचैनी देखी जा रही थी। विभागीय अधिकारी बार-बार सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कह रहे थे। इस बीच शुक्रवार को यह मामला तूल पकड़ गया। आरोप है कि विधायक राजेंद्र जून के भाई अशोक और उनके पुत्र कुछ लोगों के साथ बीएंडआर कार्यालय में पहुंच गए और यहां से सामान निकलवाना शुरू कर दिया। जब पूरा सामान कमरों से निकालकर गेट के पास रखा जा चुका था, तब पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई को गलत ठहराया। पुलिस का तर्क था कि कानूनी रूप से ही कब्जा लिया जा सकता है और वह सक्षम अधिकारी की मौजूदगी में ही होना चाहिए। इस तरह से जबरन कार्यालय को खाली नहीं कराया जा सकता। संबंधित लोगों पर कार्यालय में तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने का भी आरोप है। पुलिस के पहुंचने के बाद विधायक के भाई व अन्य लोग वापस लौट गए। उधर, कार्यालय के कर्मचारियों ने वापस सामान को अंदर रख दिया। विभाग की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है।
कोर्ट के आदेश पर लिया जा रहा है कब्जा
हाईकोर्ट के आदेश से ही कब्जा लिया जा रहा है। विधायक के भाई अशोक जून ऑफिस पर कब्जा लेने गए थे। ऑफिस का सामना वहां मौजूद कर्मचारियों ने ही बाहर रखवाया है। जब ऑफिस से सामना बाहर निकाला जा रहा था तभी वहां पर एक्सईएन आ गए थे। पुलिस में जो भी शिकायत दी गई है उसका कोई भी आधार नहीं है, हमारी तरफ से कानूनी प्रक्रिया के तहत ही काम किया जा रहा है।
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- सुरेंद्र छिल्लर, सचिव, विधायक राजेंद्र जून।
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बता दें कि सप्ताह भर पहले बीएंडआर आफिस के सामने स्थित एक्सईएन के सरकारी आवास पर कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र जून के परिवार को कब्जा दिलाया गया था। इस भवन में अब विधायक राजेंद्र जून का ऑफिस बन चुका है। एक्सईएन के सरकारी आवास पर कब्जा लेने के बाद लगभग इनती ही जमीन पर स्थित बीएंडआर के ऑफिस का भी कब्जा लिया जाना है। जिस दिन सरकारी आवास पर कब्जा लिया गया, उस दिन ऑफिस का कब्जा संबंधित पक्ष को नहीं दिया गया था। तब से ही विभाग में बेचैनी देखी जा रही थी। विभागीय अधिकारी बार-बार सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात कह रहे थे। इस बीच शुक्रवार को यह मामला तूल पकड़ गया। आरोप है कि विधायक राजेंद्र जून के भाई अशोक और उनके पुत्र कुछ लोगों के साथ बीएंडआर कार्यालय में पहुंच गए और यहां से सामान निकलवाना शुरू कर दिया। जब पूरा सामान कमरों से निकालकर गेट के पास रखा जा चुका था, तब पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई को गलत ठहराया। पुलिस का तर्क था कि कानूनी रूप से ही कब्जा लिया जा सकता है और वह सक्षम अधिकारी की मौजूदगी में ही होना चाहिए। इस तरह से जबरन कार्यालय को खाली नहीं कराया जा सकता। संबंधित लोगों पर कार्यालय में तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा डालने का भी आरोप है। पुलिस के पहुंचने के बाद विधायक के भाई व अन्य लोग वापस लौट गए। उधर, कार्यालय के कर्मचारियों ने वापस सामान को अंदर रख दिया। विभाग की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है।
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कोर्ट के आदेश पर लिया जा रहा है कब्जा
हाईकोर्ट के आदेश से ही कब्जा लिया जा रहा है। विधायक के भाई अशोक जून ऑफिस पर कब्जा लेने गए थे। ऑफिस का सामना वहां मौजूद कर्मचारियों ने ही बाहर रखवाया है। जब ऑफिस से सामना बाहर निकाला जा रहा था तभी वहां पर एक्सईएन आ गए थे। पुलिस में जो भी शिकायत दी गई है उसका कोई भी आधार नहीं है, हमारी तरफ से कानूनी प्रक्रिया के तहत ही काम किया जा रहा है।
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- सुरेंद्र छिल्लर, सचिव, विधायक राजेंद्र जून।