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Jhajjar-Bahadurgarh News: प्रगतिशील महिला किसान बनारसी देवी और रेणु सम्मानित
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फोटो 11: राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित करते अधिकारी। स्रोत: व
नारनौल। प्रदेश सरकार ने कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत वीरवार को जींद जिले के गांव हमेठी में अंतरराष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें जिले से कृषि विभाग की महिला नोडल अधिकारी एवं कृषि विकास अधिकारी सोनिया के नेतृत्व में प्रगतिशील महिला किसानों ने भाग लिया।
जिले की ओर से गांव बवानिया की प्रगतिशील महिला किसान बनारसी देवी और रेणु कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, कृषि विभाग की योजनाओं के तहत प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुभाष ने बताया कि प्राकृतिक खेती गाय आधारित खेती है। इसमें गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व घनजीवामृत तैयार किए जाते हैं, जिससे मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों की लागत घटती है और भूमि की सेहत में सुधार होता है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गाय खरीदने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
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कार्यक्रम के अंत में सभी महिला नोडल अधिकारियों और प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने के बाद बनारसी देवी ने कहा कि जिले की महिला किसान समूह बनाकर बाजरे सहित अन्य प्रमुख फसलों से विभिन्न उत्पाद तैयार कर सकती हैं। इन उत्पादों को बाजार में बेचकर वे अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं।
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जिले की ओर से गांव बवानिया की प्रगतिशील महिला किसान बनारसी देवी और रेणु कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, कृषि विभाग की योजनाओं के तहत प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया गया।
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इस अवसर पर डॉ. सुभाष ने बताया कि प्राकृतिक खेती गाय आधारित खेती है। इसमें गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व घनजीवामृत तैयार किए जाते हैं, जिससे मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों की लागत घटती है और भूमि की सेहत में सुधार होता है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गाय खरीदने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
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कार्यक्रम के अंत में सभी महिला नोडल अधिकारियों और प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने के बाद बनारसी देवी ने कहा कि जिले की महिला किसान समूह बनाकर बाजरे सहित अन्य प्रमुख फसलों से विभिन्न उत्पाद तैयार कर सकती हैं। इन उत्पादों को बाजार में बेचकर वे अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं।