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Jhajjar-Bahadurgarh News: आग में घिरे थे प्रदीप... बचा लो, बचा लो की आ रही थीं आवाजें
Sat, 21 Dec 2024 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 21 Dec 2024 01:16 AM IST
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-फोटो 61 : घटना स्थल पर सबूत ढूंढते बम स्कवॉड का दस्ता। संवाद
बहादुरगढ़।
नजफगढ़ रोड स्थित मधु गन हाउस में बुधवार की रात 11:22 बजे धमाका हुआ था। धमाके के बाद पूरा गन हाउस आग की लपटों में घिर गया था। हादसे के वक्त मकान मालिक जयप्रकाश पास ही मौजूद थे। उन्होंने आग में घिरे प्रदीप को पुलिस व अन्य लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया था। हालांकि उनकी जान नहीं बच सकी थी।
मकान मालिक जयप्रकाश ने धमाके के बाद का आंखों देखा मंजर बताया। उन्होंने बताया बुधवार रात जब धमाका हुआ, तब वे अपनी बिल्डिंग के नजदीक ही थे। धमाका बेहद जोरदार था। उन्हें लगा कोई सिलिंडर फटा है। फिर उन्होंने देखा तो उनकी बिल्डिंग में संचालित गन हाउस में ही धमाका हुआ था। दुकान में भंयकर आग लगी हुई थी। उन्होंने आसपास की दुकानों से पानी का पाइप लेकर आग बुझानी शुरू की तो पता चला दुकान मालिक प्रदीप अंदर ही फंसे हुए हैं। प्रदीप जोर-जोर से बचा लो, बचा लो चिल्ला रहे थे। देखते ही देखते मौके पर काफी लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस की गाड़ी भी नजदीक थी। उन्होंने प्रदीप को तुरंत बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस की गाड़ी में एक निजी अस्पताल भिजवाया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया गया।
जांच टीमों को नहीं मिला धमाके से जुड़ा सबूत
मधु गन हाउस में हुए धमाके और संचालक की मौत के मामले में शुक्रवार को रोहतक से बम व डॉग स्क्वाड दस्ता जांच के लिए शहर पहुंचा। एफएसएल टीम ने भी सबूत तलाशने की कोशिश की। हालांकि शाम तक टीम को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे जांच आगे बढ़ सके। बुधवार की रात हुए धमाके में गन हाउस संचालक प्रदीप की मौत हो गई थी। शुक्रवार को अलग-अलग टीमों ने गन हाउस में अपने यंत्रों से जांच की। आग और धमाके के कारणों का टीम को अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। टीम में 5 से 6 कर्मचारी शामिल रहे। जांच के बाद टीम अधिकारियों ने अंदर पड़े मलबे को बाहर निकलवाना शुरू किया। देर रात तक मलबा निकाला जा सका। जिस दुकान में यह धमाका हुआ वह लगभग 30 गज की है।
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नजफगढ़ रोड स्थित मधु गन हाउस में बुधवार की रात 11:22 बजे धमाका हुआ था। धमाके के बाद पूरा गन हाउस आग की लपटों में घिर गया था। हादसे के वक्त मकान मालिक जयप्रकाश पास ही मौजूद थे। उन्होंने आग में घिरे प्रदीप को पुलिस व अन्य लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया था। हालांकि उनकी जान नहीं बच सकी थी।
मकान मालिक जयप्रकाश ने धमाके के बाद का आंखों देखा मंजर बताया। उन्होंने बताया बुधवार रात जब धमाका हुआ, तब वे अपनी बिल्डिंग के नजदीक ही थे। धमाका बेहद जोरदार था। उन्हें लगा कोई सिलिंडर फटा है। फिर उन्होंने देखा तो उनकी बिल्डिंग में संचालित गन हाउस में ही धमाका हुआ था। दुकान में भंयकर आग लगी हुई थी। उन्होंने आसपास की दुकानों से पानी का पाइप लेकर आग बुझानी शुरू की तो पता चला दुकान मालिक प्रदीप अंदर ही फंसे हुए हैं। प्रदीप जोर-जोर से बचा लो, बचा लो चिल्ला रहे थे। देखते ही देखते मौके पर काफी लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस की गाड़ी भी नजदीक थी। उन्होंने प्रदीप को तुरंत बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस की गाड़ी में एक निजी अस्पताल भिजवाया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया गया।
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जांच टीमों को नहीं मिला धमाके से जुड़ा सबूत
मधु गन हाउस में हुए धमाके और संचालक की मौत के मामले में शुक्रवार को रोहतक से बम व डॉग स्क्वाड दस्ता जांच के लिए शहर पहुंचा। एफएसएल टीम ने भी सबूत तलाशने की कोशिश की। हालांकि शाम तक टीम को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे जांच आगे बढ़ सके। बुधवार की रात हुए धमाके में गन हाउस संचालक प्रदीप की मौत हो गई थी। शुक्रवार को अलग-अलग टीमों ने गन हाउस में अपने यंत्रों से जांच की। आग और धमाके के कारणों का टीम को अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है। टीम में 5 से 6 कर्मचारी शामिल रहे। जांच के बाद टीम अधिकारियों ने अंदर पड़े मलबे को बाहर निकलवाना शुरू किया। देर रात तक मलबा निकाला जा सका। जिस दुकान में यह धमाका हुआ वह लगभग 30 गज की है।

-फोटो 61 : घटना स्थल पर सबूत ढूंढते बम स्कवॉड का दस्ता। संवाद
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