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Jhajjar-Bahadurgarh News: माइनर किनारे होती पूजा
Fri, 24 Oct 2025 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 24 Oct 2025 01:59 AM IST
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फोटो नंबर 71: छठ पूजा की तैयारी में खरीदारी करते श्रमिक।
- फोटो : स्रोत: विधायक कार्यालय
बादली। छठ पूजा पर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इसके लिए सभी लोग घाट पर जाते हैं ताकि सूर्य देव को अर्घ्य दिया जा सके। क्षेत्र में श्रमिकों के लिए कोई घाट सुविधा नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में श्रमिक एनसीआर माइनर किनारे पहुंचकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। जहां हादसों का डर भी रहता है।
दिवाली के बाद छठ पूजा का इंतजार : अब सिर्फ बिहार या यूपी में ही नहीं बल्कि बादली में भी बड़ी धूमधाम से किया जाता है। यहां सैकड़ों ईंट-भट्ठें हैं, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल मूल के हजारों श्रमिक मजदूरी करते हैं। सभी अपनी कर्म भूमि पर ही सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित यह पर्व मनाते हैं।
स्थानीय श्रमिक सीताराम, रामरति और केशव नाथ का कहना है कि क्षेत्र में घाट नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने भट्ठा मलिकों और प्रशासन से छठ पूजा के लिए घाट निर्माण की मांग की है।
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ऐसे में श्रमिक एनसीआर माइनर किनारे पहुंचकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। जहां हादसों का डर भी रहता है।
दिवाली के बाद छठ पूजा का इंतजार : अब सिर्फ बिहार या यूपी में ही नहीं बल्कि बादली में भी बड़ी धूमधाम से किया जाता है। यहां सैकड़ों ईंट-भट्ठें हैं, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल मूल के हजारों श्रमिक मजदूरी करते हैं। सभी अपनी कर्म भूमि पर ही सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित यह पर्व मनाते हैं।
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स्थानीय श्रमिक सीताराम, रामरति और केशव नाथ का कहना है कि क्षेत्र में घाट नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने भट्ठा मलिकों और प्रशासन से छठ पूजा के लिए घाट निर्माण की मांग की है।
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