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Jhajjar-Bahadurgarh News: कामयाबी की मिसाल बनी निलाहेडी की पूजा आर्या

Sun, 21 Jan 2024 02:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 21 Jan 2024 02:31 AM IST
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Pooja Arya of Nilahedi became an example of success
अपने भाई सूर्य प्रकाश के साथ पूजा आर्या।
साल्हावास। जिले के गांव निलाहेडी की बेटी पूजा आर्या कामयाबी की मिसाल बनी हुई है। वह आज युवाओं की प्रेरणास्रोत रही है। पूजा आर्या ने इस बार भी यूजीसी नेट की परीक्षा में कमाल कर दिया है। पूजा आर्या हैडमास्टर ओम प्रकाश की सुपुत्री हैं। उन्होंने यूजीसी नेट दिसंबर 2023 की परीक्षा में लगातार तीसरे विषय में जेआरएफ उत्तीर्ण कर कीर्तिमान रच दिया है।
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पूजा ने दिसंबर 2019 की परीक्षा में साइकोलॉजी विषय में जेआरएफ उत्तीर्ण किया था। वर्ष 2022 में उन्होंने सोशियोलॉजी में ये यह उपलब्धि हासिल की थी और इस बार उन्होंने योग में जेआरएफ उत्तीर्ण कर रिकॉर्ड बनाया है। पूजा ने बताया कि साइकोलॉजी में जेआरएफ करने के बाद उन्होंने अपने भाई योगाचार्य सूर्यप्रकाश के साथ एक नए विषय की योजनाबद्ध तरीके से पढ़ाई शुरू की और दोनों ने एक साथ प्रथम प्रयास में ही सोशियोलॉजी में जेआरएफ कर दिया। इसके बाद अगले वर्ष पूजा का रुझान योग विषय की तरफ आकर्षित हुआ, क्योंकि योग ने पूजा के जीवन को पूर्णत: बदल दिया था। हरिद्वार स्थित बाबा रामदेव के पतंजलि विश्वविद्यालय में शोध कार्य कर रही पूजा ने प्राणायाम और ध्यान की शक्ति द्वारा अपनी शारीरिक दिव्यांगता को हरा दिया। मन को इतना मजबूत कर लिया कि अब कोई भी चुनौती सहर्ष स्वीकार है। भाई सूर्यप्रकाश के साथ यूट्यूब चैनल के माध्यम से यूजीसी नेट की ऑनलाइन कोचिंग देना शुरू कर दिया। पूजा ने दिन-रात योग एवं आध्यात्मिक विचारों का श्रवण एवं मनन करने का स्वभाव बना लिया था। परिणामत: इस बार की परीक्षा में पहली बार में ही जेआरएफ हासिल कर अपने संघर्ष की कहानी में सफलता का नया अध्याय जोड़ दिया। वह स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अपना आदर्श मानती हैं।
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2014 में हुई थी समस्या
पूजा की वर्ष 2014 में पांचवी मंजिल से सिर पर ईंटें गिर जाने से रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। सरवाईकल लेवल पर ऑपरेशन के बाद वह जिंदा तो बच गई लेकिन शारीरिक समस्याओं के कारण व्हीलचेयर पर आश्रित हैं। भाई सूर्य प्रकाश ने साथ दिया तो नई राह मिली। पूजा का सपना है कि वह योग-मनोविज्ञान में रिसर्च कर समाज को मानसिक एवं शारीरिक बीमारियों से निपटने का हॉलिस्टिक पैकेज तैयार करेंगी।
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