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Jhajjar-Bahadurgarh News: 50 से अधिक सीसीटीवी पुलिस ने खंगाले, एक फुटेज में दिखा आरोपी
Tue, 27 Feb 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 27 Feb 2024 12:10 AM IST
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बहादुरगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपियों के खिलाफ कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। सोमवार को दिनभर पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इसमें हमलावरों का कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों की गाड़ी जरूर दिखाई दी, लेकिन उस पर लगी नंबर प्लेट फरीदाबाद की स्कूटी की निकली। पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ जरूर कर रही है लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सात दिन का समय मांगा है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी रविवार की शाम को आसौदा में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद लौट रहे थे। शाम 5 बजकर 10 मिनट पर बराही फाटक पर पहुंचे। इस दौरान फाटक बंद था। इसी बीच एक गाड़ी में सवार होकर आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ उन पर गोलियां बरसा दीं। इस हमले में नफे सिंह, उनके साथी कार्यकर्ता जयकिशन दलाल, गनमैन संजीत व गाड़ी चला रहा भांजा संजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। नफे सिंह के शरीर पर गोलियों के 11 निशान बताए गए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने पूर्व विधायक नरेश कौशिक, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन कर्मवीर राठी, कर्मवीर के पुत्र कमल राठी, मौजूदा चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी, पूर्व मंत्री मांगेराम के पुत्र सतीश नंबरदार, मांगेराम के पौत्र गौरव व राहुल राठी के नाम शामिल हैं।
मामले में आरोपी बनाए गए भाजपा नेताओं के दफ्तर सूने हैं। कुछ दफ्तरों पर ताले लटके हुए हैं। अभी इनमें से किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है, लेकिन कुछ लोगों से पूछताछ किए जाने की बात जरूर सामने आई है। इस वारदात को सुलझाने के लिए दो डीएसपी धर्मवीर सिंह और अखिल कुमार की अगुवाई में पांच टीमें गठित की गई हैं। हमला करने वाले बदमाशोें तक पहुंचने के लिए ये टीमें लगातार भागदौड़ कर रही हैं। सोमवार को भी दिनभर बराही सहित अन्य गांवों में कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। इस दौरान सीसीटीवी में गाड़ी सवार बदमाश भी पुलिस को दिखाई दिए, लेकिन जब गाड़ी का नंबर जांचा गया तो वह फर्जी निकला। हमलावरों की पहचान के भी पुलिस प्रयास कर रही है।
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वर्जन..
मामले में जो भी संदिग्ध हैं, उनसे पूछताछ चल रही है। जो भी मामले में शामिल मिलता है, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
-डॉ. अर्पित जैन, एसपी झज्जर
फोटो : बहादुरगढ़ में भाजपा नेता कर्मवीर राठी के कार्यालय पर लटका ताला।
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आरोपी बनाए गए सभी भाजपा नेता रहे हैं नफे सिंह के करीबी
बहादुरगढ़। हत्याकांड में आरोपी बनाए गए सभी भाजपा नेता किसी समय नफे सिंह राठी के करीबी रहे हैं। पूर्व विधायक नरेश कौशिक ने अपनी राजनीति की शुरुआत ही नफे सिंह राठी के मार्गदर्शन में की थी। वहीं पूर्व चेयरमैन कर्मवीर राठी पर भी लंबे समय तक नफे सिंह का हाथ रहा। कर्मवीर राठी इनेलो के राज में चेयरमैन रहे हैं। उस समय नफे सिंह राठी विधायक भी थे। इसी तरह नंबरदार परिवार से भी राठी की नजदीकी रहीं। राजनीतिक विचारधारा के चलते इनके बीच पैदा हुई खाई जमीन विवाद के चलते और गहरी हुई। सालभर पहले जब जगदीश नंबरदार की आत्महत्या मामले में पूर्व विधायक नफे सिंह को आरोपी बनाया गया तो तनातनी बढ़ गई। इसी बीच कर्मवीर पक्ष के साथ विवाद हुआ और नौबत केस दर्ज होने तक पहुंची। अब नफे सिंह की हत्या में इन्हीं नेताओं को आरोपी बनाया गया है।
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इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी रविवार की शाम को आसौदा में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद लौट रहे थे। शाम 5 बजकर 10 मिनट पर बराही फाटक पर पहुंचे। इस दौरान फाटक बंद था। इसी बीच एक गाड़ी में सवार होकर आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ उन पर गोलियां बरसा दीं। इस हमले में नफे सिंह, उनके साथी कार्यकर्ता जयकिशन दलाल, गनमैन संजीत व गाड़ी चला रहा भांजा संजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे। नफे सिंह के शरीर पर गोलियों के 11 निशान बताए गए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने पूर्व विधायक नरेश कौशिक, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन कर्मवीर राठी, कर्मवीर के पुत्र कमल राठी, मौजूदा चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी, पूर्व मंत्री मांगेराम के पुत्र सतीश नंबरदार, मांगेराम के पौत्र गौरव व राहुल राठी के नाम शामिल हैं।
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मामले में आरोपी बनाए गए भाजपा नेताओं के दफ्तर सूने हैं। कुछ दफ्तरों पर ताले लटके हुए हैं। अभी इनमें से किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है, लेकिन कुछ लोगों से पूछताछ किए जाने की बात जरूर सामने आई है। इस वारदात को सुलझाने के लिए दो डीएसपी धर्मवीर सिंह और अखिल कुमार की अगुवाई में पांच टीमें गठित की गई हैं। हमला करने वाले बदमाशोें तक पहुंचने के लिए ये टीमें लगातार भागदौड़ कर रही हैं। सोमवार को भी दिनभर बराही सहित अन्य गांवों में कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। इस दौरान सीसीटीवी में गाड़ी सवार बदमाश भी पुलिस को दिखाई दिए, लेकिन जब गाड़ी का नंबर जांचा गया तो वह फर्जी निकला। हमलावरों की पहचान के भी पुलिस प्रयास कर रही है।
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मामले में जो भी संदिग्ध हैं, उनसे पूछताछ चल रही है। जो भी मामले में शामिल मिलता है, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
-डॉ. अर्पित जैन, एसपी झज्जर
फोटो : बहादुरगढ़ में भाजपा नेता कर्मवीर राठी के कार्यालय पर लटका ताला।
आरोपी बनाए गए सभी भाजपा नेता रहे हैं नफे सिंह के करीबी
बहादुरगढ़। हत्याकांड में आरोपी बनाए गए सभी भाजपा नेता किसी समय नफे सिंह राठी के करीबी रहे हैं। पूर्व विधायक नरेश कौशिक ने अपनी राजनीति की शुरुआत ही नफे सिंह राठी के मार्गदर्शन में की थी। वहीं पूर्व चेयरमैन कर्मवीर राठी पर भी लंबे समय तक नफे सिंह का हाथ रहा। कर्मवीर राठी इनेलो के राज में चेयरमैन रहे हैं। उस समय नफे सिंह राठी विधायक भी थे। इसी तरह नंबरदार परिवार से भी राठी की नजदीकी रहीं। राजनीतिक विचारधारा के चलते इनके बीच पैदा हुई खाई जमीन विवाद के चलते और गहरी हुई। सालभर पहले जब जगदीश नंबरदार की आत्महत्या मामले में पूर्व विधायक नफे सिंह को आरोपी बनाया गया तो तनातनी बढ़ गई। इसी बीच कर्मवीर पक्ष के साथ विवाद हुआ और नौबत केस दर्ज होने तक पहुंची। अब नफे सिंह की हत्या में इन्हीं नेताओं को आरोपी बनाया गया है।