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यस बैंक के वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत की मौत के मामले का रिकॉर्ड पुलिस ने सीबीआई को सौंपा
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झज्जर। डीघल गांव निवासी व गुरुग्राम में यस बैंक में वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत की मौत के मामले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। शुक्रवार को झज्जर पुलिस ने मामले की जांच रिपोर्ट व रिकॉर्ड भी शुक्रवार को सीबीआई को सौंप दिए।
बता दें कि अहलावत खाप के पदाधिकारी व मृतक के परिजन मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे। प्रदेश सरकार ने 17 अक्टूबर 2020 को मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी। केंद्र सरकार ने 6 जनवरी को प्रदेश सरकार की सिफारिश मंजूर कर ली थी। इसके बाद सीबीआई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। सीबीआई के अधिकारी शुक्रवार को एडीजीपी कार्यालय पहुंचे। जहां पर एसआईटी में शामिल रहे डीएसपी राहुल देव व एसआईटी ने जांच रिपोर्ट और रिकॉर्ड सीबीआई को सौंप दिया।
5 अगस्त को संदिग्ध हालात में गायब हुए थे धीरज अहलावत
यस बैंक में वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत 5 अगस्त को घर से टहलने के लिए निकले थे। शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो उनके परिजनों ने गुरुग्राम पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस को दो दिन बाद उनका शव दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र की नहर में मिला था।
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गुरुग्राम के सेक्टर 45 में रहते थे धीरज अहलावत
यस बैंक के वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहते थे। 38 वर्षीय धीरज अहलावत पिछले साल 5 अगस्त को घर से बाहर घूमने गए थे। लेकिन वो वापस घर नहीं आए। उनके परिवार ने तब आरोप लगाया था कि साजिश के तहत पहले उनका अपहरण किया गया और बाद में हत्या कर दी गई, क्योंकि वह कॉरपोरेट लोन डील कर रहे थे। बता दें कि धीरज यस बैंक के कॉरपोरेट बैंकिंग विभाग में बतौर वाइस प्रेसिडेंट कार्यरत थे।
राखी से की थी शव की पहचान
सात अगस्त 2020 को दिल्ली के रोहिणी की नहर में धीरज का शव मिला था। उनके परिवार ने देखा था कि उनकी कलाई पर राखी बंधी है, जो उनकी बहन ने बांधी थी। जिसके आधार पर शव की पहचान की गई थी।
नेशनल हाईवे किया था जाम
धीरज की मौत के बाद जब मामले की जांच आगे नहीं बढ़ी और परिजनों ने जिन लोगों पर शक जताया उनके खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो यह मामला परिवार के लोगों ने पंचायत के सामने रखा। उसके बाद अक्तूबर में नेशनल हाईवे- 71 को डीघल गांव में जाम कर दिया गया था। उस समय जब लोगों ने झज्जर पुलिस के अधिकारियों के कहने पर जाम नहीं खोला तो चरखी दादरी के एसपी बलवान सिंह राणा, झज्जर के उपायुक्त जितेंद्र कुमार व एडीजीपी संदीप खिरवार मौके पर पहुंचे थे। एडीजीपी ने लोगों को विश्वास दिलाया था कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और इसकी जांच रोहतक रेंज की एसआईटी करेंगी। उस समय भी ग्रामीणों ने सीबीआई जांच की मांग की थी।
प्रदेश सरकार की सिफारिश पर धीरज अहलावत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को चली गई है। शुक्रवार को पुलिस ने सारा रिकॉर्ड व जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है।
- राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।
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बता दें कि अहलावत खाप के पदाधिकारी व मृतक के परिजन मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे। प्रदेश सरकार ने 17 अक्टूबर 2020 को मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी। केंद्र सरकार ने 6 जनवरी को प्रदेश सरकार की सिफारिश मंजूर कर ली थी। इसके बाद सीबीआई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। सीबीआई के अधिकारी शुक्रवार को एडीजीपी कार्यालय पहुंचे। जहां पर एसआईटी में शामिल रहे डीएसपी राहुल देव व एसआईटी ने जांच रिपोर्ट और रिकॉर्ड सीबीआई को सौंप दिया।
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5 अगस्त को संदिग्ध हालात में गायब हुए थे धीरज अहलावत
यस बैंक में वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत 5 अगस्त को घर से टहलने के लिए निकले थे। शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो उनके परिजनों ने गुरुग्राम पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस को दो दिन बाद उनका शव दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र की नहर में मिला था।
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गुरुग्राम के सेक्टर 45 में रहते थे धीरज अहलावत
यस बैंक के वाइस प्रेसिडेंट धीरज अहलावत गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहते थे। 38 वर्षीय धीरज अहलावत पिछले साल 5 अगस्त को घर से बाहर घूमने गए थे। लेकिन वो वापस घर नहीं आए। उनके परिवार ने तब आरोप लगाया था कि साजिश के तहत पहले उनका अपहरण किया गया और बाद में हत्या कर दी गई, क्योंकि वह कॉरपोरेट लोन डील कर रहे थे। बता दें कि धीरज यस बैंक के कॉरपोरेट बैंकिंग विभाग में बतौर वाइस प्रेसिडेंट कार्यरत थे।
राखी से की थी शव की पहचान
सात अगस्त 2020 को दिल्ली के रोहिणी की नहर में धीरज का शव मिला था। उनके परिवार ने देखा था कि उनकी कलाई पर राखी बंधी है, जो उनकी बहन ने बांधी थी। जिसके आधार पर शव की पहचान की गई थी।
नेशनल हाईवे किया था जाम
धीरज की मौत के बाद जब मामले की जांच आगे नहीं बढ़ी और परिजनों ने जिन लोगों पर शक जताया उनके खिलाफ गुरुग्राम पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो यह मामला परिवार के लोगों ने पंचायत के सामने रखा। उसके बाद अक्तूबर में नेशनल हाईवे- 71 को डीघल गांव में जाम कर दिया गया था। उस समय जब लोगों ने झज्जर पुलिस के अधिकारियों के कहने पर जाम नहीं खोला तो चरखी दादरी के एसपी बलवान सिंह राणा, झज्जर के उपायुक्त जितेंद्र कुमार व एडीजीपी संदीप खिरवार मौके पर पहुंचे थे। एडीजीपी ने लोगों को विश्वास दिलाया था कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और इसकी जांच रोहतक रेंज की एसआईटी करेंगी। उस समय भी ग्रामीणों ने सीबीआई जांच की मांग की थी।
प्रदेश सरकार की सिफारिश पर धीरज अहलावत की मौत के मामले की जांच सीबीआई को चली गई है। शुक्रवार को पुलिस ने सारा रिकॉर्ड व जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है।
- राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।