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पुलिस ने किया बिजली तार चोर गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार
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बिजली तार चोरी के मामले का आरोपी बहादुरगढ़ की हिरासत में।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। पुलिस ने बिजली तार चोरी के आरोप में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए व्यक्ति के कब्जे से भारी मात्रा में बिजली की तारें बरामद की गई हैं।
सीआईए प्रथम बहादुरगढ़ में तैनात सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि शाखा की टीम ने बिजली निगम की तार चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बिजली के तारों के बंडलों से भरे एक कैंटर को पकड़ा गया है। इस कैंटर से लगभग 70 क्विंटल बिजली की तारें बरामद हुई हैं। एल्युमिनियम स्क्रैप की आड़ में बिजली की नई तारों को छिपाकर कहीं ले जाया जा रहा था। तारों से भरे कैंटर के साथ गाड़ी के चालक को काबू किया गया।
उन्होंने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक तेन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम रोहतक-दिल्ली रोड पर थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ के एरिया में गश्त पर थी। टीम ने संदेह के आधार पर एक कैंटर को रुकवाया। कैंटर चालक ने अपना नाम अमित निवासी बिहार बताया। पूछने पर उसने कहा कि गाड़ी में एल्युमिनियम स्क्रैप भरा हुआ है। टीम ने जांच की तो ऊपर कुछ एल्युमिनियम के तार दिखाई दिए। लेकिन जब उन्हें हटाकर देखा तो स्क्रैप के नीचे बिजली की तारों के बंडल पाए गए। आरोपी चालक अमित तारों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद बिल्टी, धर्मकांटा पर्ची आदि की जांच की गई। कांटे की पर्ची में गाड़ी का भार 12095 किलो व तारों का भार 7190 किलो दर्ज पाया गया। बिल्टी जेजेएस शर्मा ट्रांसपोर्ट नाम से कटी थी। तमाम दस्तावेजों में माल एल्युमिनियम स्क्रैप चढ़ाया गया था। माल जीएस ट्रेडिंग कंपनी दिल्ली से आया और भगवती रिसाइक्लिंग कंपनी बेरी जाना दिखाया गया है।
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आरोपी अमित से प्राथमिक पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ये तारों के बंडल शाहबाद डेयरी दिल्ली के नजदीक स्थित एक गोदाम से राजेंद्र गर्ग ने लोड कराए थे। राजेंद्र ने ही बिल्टी व अन्य दस्तावेज दिए। उन्होंने बताया कि सीआईए ने बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। बिजली विभाग के अधिकारियों ने तारों के बंडलों को देखकर कहा कि ये बड़ी टावर लाइन में इस्तेमाल होने वाली तारें हैं। कागजात में बेशक स्क्रैप लिखा है, लेकिन इन तारों का अभी इस्तेमाल नहीं हुआ है। ये यह तारें बिल्कुल नई हैं और इन्हें कहीं से चोरी किया गया है। इसके बाद सीआईए टीम ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए उपरोक्त मामले के आरोपी राजेंद्र को राई जिला सोनीपत के एरिया से काबू किया। थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी राजेंद्र को अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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सीआईए प्रथम बहादुरगढ़ में तैनात सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि शाखा की टीम ने बिजली निगम की तार चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बिजली के तारों के बंडलों से भरे एक कैंटर को पकड़ा गया है। इस कैंटर से लगभग 70 क्विंटल बिजली की तारें बरामद हुई हैं। एल्युमिनियम स्क्रैप की आड़ में बिजली की नई तारों को छिपाकर कहीं ले जाया जा रहा था। तारों से भरे कैंटर के साथ गाड़ी के चालक को काबू किया गया।
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उन्होंने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक तेन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम रोहतक-दिल्ली रोड पर थाना सेक्टर 6 बहादुरगढ़ के एरिया में गश्त पर थी। टीम ने संदेह के आधार पर एक कैंटर को रुकवाया। कैंटर चालक ने अपना नाम अमित निवासी बिहार बताया। पूछने पर उसने कहा कि गाड़ी में एल्युमिनियम स्क्रैप भरा हुआ है। टीम ने जांच की तो ऊपर कुछ एल्युमिनियम के तार दिखाई दिए। लेकिन जब उन्हें हटाकर देखा तो स्क्रैप के नीचे बिजली की तारों के बंडल पाए गए। आरोपी चालक अमित तारों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद बिल्टी, धर्मकांटा पर्ची आदि की जांच की गई। कांटे की पर्ची में गाड़ी का भार 12095 किलो व तारों का भार 7190 किलो दर्ज पाया गया। बिल्टी जेजेएस शर्मा ट्रांसपोर्ट नाम से कटी थी। तमाम दस्तावेजों में माल एल्युमिनियम स्क्रैप चढ़ाया गया था। माल जीएस ट्रेडिंग कंपनी दिल्ली से आया और भगवती रिसाइक्लिंग कंपनी बेरी जाना दिखाया गया है।
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आरोपी अमित से प्राथमिक पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ये तारों के बंडल शाहबाद डेयरी दिल्ली के नजदीक स्थित एक गोदाम से राजेंद्र गर्ग ने लोड कराए थे। राजेंद्र ने ही बिल्टी व अन्य दस्तावेज दिए। उन्होंने बताया कि सीआईए ने बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। बिजली विभाग के अधिकारियों ने तारों के बंडलों को देखकर कहा कि ये बड़ी टावर लाइन में इस्तेमाल होने वाली तारें हैं। कागजात में बेशक स्क्रैप लिखा है, लेकिन इन तारों का अभी इस्तेमाल नहीं हुआ है। ये यह तारें बिल्कुल नई हैं और इन्हें कहीं से चोरी किया गया है। इसके बाद सीआईए टीम ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए उपरोक्त मामले के आरोपी राजेंद्र को राई जिला सोनीपत के एरिया से काबू किया। थाना सेक्टर-6 बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी राजेंद्र को अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।