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Jhajjar-Bahadurgarh News: कवियों ने रचनाओं से लूटी वाहवाही
Tue, 02 Jan 2024 10:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 02 Jan 2024 10:20 PM IST
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बहादुरगढ़। काव्य शोध संस्थान द्वारा नव वर्ष के मौके पर निलोठी मोड़ पर काव्योत्सव का आयोजन किया गया। भोपाल के वरिष्ठ कलमकार कैलाश आदमी के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार डॉ. जय सिंह आर्य ने की। कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी व बृजेश गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच संचालन गुरुग्राम से आए गजलकार आशुकवि राजेन्द्र निगम राज ने किया।
कवयित्री इन्दु राज निगम की सरस्वती वंदना से शुरू हुए कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के कलमवीरों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान बांसुरीवादक कवि राजबीर देवसर ने जहां अपनी दोहरी भूमिका से प्रभावित किया। वहीं मुख्य अतिथि कैलाश के सहयोगी सुरेश खाण्डवेकर ने वाद्ययंत्रों के बिना ही अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध किया। डॉ. सीमा वत्स व सीमा रंगा इंदिरा ने पारिवारिक पृष्ठभूमि पर आधारित मुक्तकों से तालियां बटोरी। विनोद पाराशर व ओमप्रकाश कल्याणे ने रचनाओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
रमाशंकर व हरेन्द्र यादव फकीर की गजलें भी खूब सराही गईं। नवोदित किशोर कवि अंश की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने उसके भविष्य के प्रति आश्वस्त किया। प्रबल प्रताप राणा, अखिलेश अकेला, नाहर सिंह दहिया, मनोज गुप्ता ने भी प्रभावित किया। किंतु ओज के हस्ताक्षर मनोज मिश्रा कप्तान ने तो इस बार जाड़े की कविता के माध्यम से वाहवाही लूटी।
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कवयित्री इन्दु राज निगम की सरस्वती वंदना से शुरू हुए कार्यक्रम में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के कलमवीरों ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान बांसुरीवादक कवि राजबीर देवसर ने जहां अपनी दोहरी भूमिका से प्रभावित किया। वहीं मुख्य अतिथि कैलाश के सहयोगी सुरेश खाण्डवेकर ने वाद्ययंत्रों के बिना ही अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध किया। डॉ. सीमा वत्स व सीमा रंगा इंदिरा ने पारिवारिक पृष्ठभूमि पर आधारित मुक्तकों से तालियां बटोरी। विनोद पाराशर व ओमप्रकाश कल्याणे ने रचनाओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
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रमाशंकर व हरेन्द्र यादव फकीर की गजलें भी खूब सराही गईं। नवोदित किशोर कवि अंश की ओजपूर्ण प्रस्तुति ने उसके भविष्य के प्रति आश्वस्त किया। प्रबल प्रताप राणा, अखिलेश अकेला, नाहर सिंह दहिया, मनोज गुप्ता ने भी प्रभावित किया। किंतु ओज के हस्ताक्षर मनोज मिश्रा कप्तान ने तो इस बार जाड़े की कविता के माध्यम से वाहवाही लूटी।
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