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Jhajjar-Bahadurgarh News: सावधानी से खेलें होली, नहीं तो हो जाएंगे बीमार
Fri, 14 Mar 2025 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 14 Mar 2025 12:29 AM IST
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बहादुरगढ़। होली रंगों का त्योहार है, लेकिन होली के उल्लास के साथ लोगों को सेहत का भी ध्यान रखना होगा। सांस के रोगी ज्यादा एहतियात बरतें। लापरवाही उन्हें बीमार बना सकती है। रंग में भंग न हो, इसलिए होली पर सेहत के प्रति सतर्क रहें। नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डॉ. सुंदरम कहते हैं कि जो लोग सांस के रोगी हैं वे ज्यादा देर तक पानी से होली खेलने से बचें। गुलाल से अस्थमा अटैक के साथ एलर्जी का भी खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि रंग खेलने से पहले त्वचा पर सरसों या नारियल का तेल लगाएं। सिर पर टोपी पहनें। जिससे बाल रंगों के दुष्प्रभाव से खराब न हों। रंग को एकदम से छुड़ाने और बार-बार साबुन लगाने से बचें। रंग छुड़ाने के लिए उबटन लगाएं।
उन्होंने होली खेलने के लिए हर्बल गुलाल का इस्तेमाल करने की सलाह दी। डॉ. सुंदरम ने रसायनिक रंगों से बचने की सलाह दी। वहीं नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका का कहना है कि होली खेलने के दौरान चश्मा जरूर लगाएं। बच्चों को गुब्बारों से खेलने के लिए उत्साहित न करें। गुब्बारे आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आंखों में अगर रंग चला जाए तो तुरंत पानी के छींटे मारें। आराम न मिले तो चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि गुलाल में छोटे-छोटे कण होते हैं, जो कॉनिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं
इन बातों का भी रखें ध्यान
रंग छुड़ाने के लिए सिर्फ ठंडे साफ पानी का ही इस्तेमाल करें।
रगड़कर रंग छुड़ाने का प्रयास न करें।
केमिकल युक्त साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
रंग छुड़ाने के लिए आंटे, दूध व तेल से बना हुआ उबटन इस्तेमाल करें।
नहाने के बाद शरीर पर जैतून या नारियल का तेल लगाएं।
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उन्होंने होली खेलने के लिए हर्बल गुलाल का इस्तेमाल करने की सलाह दी। डॉ. सुंदरम ने रसायनिक रंगों से बचने की सलाह दी। वहीं नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका का कहना है कि होली खेलने के दौरान चश्मा जरूर लगाएं। बच्चों को गुब्बारों से खेलने के लिए उत्साहित न करें। गुब्बारे आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आंखों में अगर रंग चला जाए तो तुरंत पानी के छींटे मारें। आराम न मिले तो चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने कहा कि गुलाल में छोटे-छोटे कण होते हैं, जो कॉनिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं
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इन बातों का भी रखें ध्यान
रंग छुड़ाने के लिए सिर्फ ठंडे साफ पानी का ही इस्तेमाल करें।
रगड़कर रंग छुड़ाने का प्रयास न करें।
केमिकल युक्त साबुन या डिटर्जेंट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
रंग छुड़ाने के लिए आंटे, दूध व तेल से बना हुआ उबटन इस्तेमाल करें।
नहाने के बाद शरीर पर जैतून या नारियल का तेल लगाएं।