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Jhajjar-Bahadurgarh News: बंदरों के आतंक से शहर के लोग परेशान

Sat, 09 Dec 2023 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 09 Dec 2023 12:39 AM IST
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People of the city are troubled by the terror of monkeys.
08जेएनडी17: दीवार पर बैठे बंदर। संवाद
उचाना। शहर के लोग आज प्रशासन से एक ही बात पूछ रहे है कि आखिरी कब उचाना से बंदरों का आतंक खत्म होगा। लगातार बंदरों की संख्या बढ़ने से लोग परेशान है।
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सुबह से लेकर देर रात तक बंदरों की टोली कालोनियों, मकानों, गलियों की दीवारों पर नजर आती है। कई बार तो बंदरों की टोलियों में 50 से अधिक बंदर नजर आते है। अकेला व्यक्ति अगर घर से बाहर रात को निकल जाए तो उसे डर रहता है कि बंदर की टोली रास्ते में न मिल जाए। एसडीएम, नपा कार्यालय जाकर कई बार महिलाएं बंदरों को पकड़वाने की मांग भी कर चुकी है। बंदरों के आतंक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर रोज तीन से चार मरीज तो नागरिक अस्पताल में बंदर के काटे जाने के बाद रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे है। सबसे ज्यादा डर बुजुर्गों, बच्चों को लगता है। शाम को गली में बुजुर्ग अब बैठने से डरते है तो बच्चों को गली में उनके माता-पिता नहीं खेलने देते है। घर का दरवाजा अगर गलती से खुल रह जाए तो बंदर घर में घुस कर उत्पाद मचा देते है।
बढ़ रहा है बंदरों का आंतक

निरंतर शहर में बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। ऐसा कोई गली-मोहल्ला नहीं है जहां बंदरों के आतंक से लोग परेशान न हो। हर रोज किसी न किसी गली में बंदरों के काटने के मामले सामने आ रहे है।
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रेखा जैन, उचाना मंडी निवासी।

हजारों रुपये खर्च कर लगवा रहे है बंदर जाल

बंदरों के आतंक से बचने के लिए मकानों की छत्तों, मकानों के आगे हजारों रुपये खर्च करके बंदर जाल लगवाने को मजबूर हो रहे है। कई सालों से निरंतर बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। प्रशासन को चाहिए कि बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाए।
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शिव जैन, उचाना मंडी निवासी।

बंदरों को पकड़वाने के लिए नपा पार्षदों की मीटिंग में प्रस्ताव पारित हो चुका है। जो भी बंदरों को पकड़वाने के लिए जो प्रक्रिया है उसको पूरा करने के बाद टेंडर प्रक्रिया की जाएगी।

विक्रमजीत, सचिव नपा, उचाना।

नागरिक अस्पताल में हर रोज बंदर के काटे तीन से चार मरीज आ रहे है। बंदर के काटने के बाद रैबीज का इंजेक्शन लगवाना जरूरी होता है।

डॉ. सुशील गर्ग, सीएमओ, नागरिक अस्पताल उचाना।

08जेएनडी17: दीवार पर बैठे बंदर। संवाद

08जेएनडी17: दीवार पर बैठे बंदर। संवाद

08जेएनडी17: दीवार पर बैठे बंदर। संवाद

08जेएनडी17: दीवार पर बैठे बंदर। संवाद

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