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टीकरी बार्डर पहुंचे बाजीगर बिरादरी के लोग

Mon, 19 Jul 2021 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 01:03 AM IST
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People of Baazigar fraternity reached Tikkari border
-फोटो 2
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किसान कमजोर हुए तो मजदूरों का गुजारा भी मुश्किल : बलविंदर सिंह
- पंजाब से टीकरी बार्डर पहुंचे बाजीगर बिरादरी के लोग, किसान आंदोलन को दिया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। पंजाब बाजीगर बिरादरी संघर्ष समिति के बैनर तले बाजीगर समाज के लोगो का समूह रविवार को टीकरी बार्डर पहुंचा और तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे आंदोलनकारी किसानों को समर्थन दिया।
बाजीगर समाज के लोगों ने नयागांव चौक के पास भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की सभा में पहुंच कर किसान एकता जिंदाबाद और तीनों कानून वापस लो के नारे लगाए। बाजीगर बिरादरी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बलविंदर सिंह, वकील सिंह मशाल और बलवीर सिंह ढाडे ने कहा कि वे हर दिन किसानों के खेतों में काम करते हैं और किसानों के खेतों से घास-फूंस लाकर अपने पशुधन को पालतेे हैं लेकिन अगर बीजेपी की नीतियों की वजह से किसानों की जमीन बड़े कॉरपोरेट घरानों को जाती है तो हमारे पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए अपने परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए हमने तन, मन और धन के साथ इस किसान संघर्ष में बराबर हिस्सा लेने का फैसला किया है ताकि हमारा जीवन सुखमय हो सके।
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इसी तरह कुलवंत सिंह सरपंच, पियारा लाल मांडवी और यूनियन के बठिंडा जिलाध्यक्ष हरभजन सिंह लालका ने कहा कि ये कृषि कानून हर वर्ग के लोगों के जीवन को दयनीय बना देंगे।
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प्रवीर कुमार धुरी और बरनाला जिला अध्यक्ष बलवीर सिंह ताजोके ने कहा, हम पिछले सैकड़ों वर्षों से गरीब लोगों को अपने घरों में रखते हैं क्योंकि एक समय था जब हमारे चेहरे टेढ़े थे और हमारी पीठ ढकी हुई थी। हमारे नेता गुरुनानक देव और रविदास भगत कबीर ने हमें इस तरह के अपमानजनक जीवन से निकालने के लिए कड़ी मेहनत की है। हम आज का फिजां में उनकी वजह से जी रहे हैं लेकिन इसके बावजूद हम अभी भी शासित हैं। शासकों ने हमारे साथ भेदभाव करना बंद नहीं किया। आज किसान संघर्ष ने हमें यह भी सिखाया है कि जीवन कैसे जीना है और अधिकार कैसे प्राप्त करना है। इसलिए हमने किसान संघर्ष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खुद को मानसिक रूप से तैयार किया है। सभा में बब्बू बलजोत, बाबा निशान सिंह, सुरजीत सिंह, रुलदू राम और बाजीगर समुदाय के काफी लोग शामिल हुए।

कुलदीप कौर कुस्सा, हरियाणा की मीना राठी के नेतृत्व में महिलाओं ने भूमि बचाओ संघर्ष को मजबूत करने के लिए क्रांतिकारी संघर्ष के लिए तैयार रहने का संकल्प लिया। सभा में मौजूद किसान आंदोलनकारियों ने कृषि कानूनों को जनविरोधी बताते हुए कानूनों के खिलाफ नारे लगाए और क्रांतिकारी गीत गाए। किसान संघर्ष को और मजबूत करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम शुरू किया गया।
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