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Jhajjar-Bahadurgarh News: महेंद्रगढ़ मंडी में खुले में रखा बाजरा, धीमे उठान से बारिश में खराब होने की संभावना
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महेंद्रगढ़। शहर स्थित अनाज मंडी में वीरवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी के कारण मंडी में खुले में रखा बाजरा भीगने की कगार आ चुका है। आढ़ती और किसान अपने स्तर पर तिरपाल से बचाव कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर एसडीएम की ओर से आढ़तियों की बैठक लेकर बारिश से बचाव के निर्देश दिए गए। हालांकि मार्केट कमेटी की ओर से न तो यहां पर शेड की व्यवस्था की गई और न ही आवक रखने के लिए पर्याप्त जगह-जगह मिल पा रही है।
किसानों को सुबह चार बजे से आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। शहर में वीरवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। आढ़ती और किसान अपने स्तर पर ही बाजरे को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। तिरपाल ही उनके बचाव का एकमात्र सहारा बने हुए हैं। मंडी में वाहन खड़ा करने की जगह भी नहीं है और न ही अनाज बचाने की कोई उचित व्यवस्था है। महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में वीरवार को 5545 क्विंटल बाजरे की आवक हुई जबकि निजी खरीद के बाजरे का उठान 18,910 क्विंटल हुआ है। इसके लिए 224 गेटपास जारी किए गए हैं।
सरकारी उठान की धीमी गति
अब तक केवल 33.50 क्विंटल सरकारी बाजरे का उठान हुआ है। मंडी में बाजरे के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है। किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित रखने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
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एसडीएम भी दे रहे आढ़तियों को निर्देश
एसडीएम योगेश सैनी ने वीरवार को आढ़तियों से बातचीत की और उनको बोगस खरीद न करने के निर्देश दिए। साथ ही बाजरा को बारिश से बचाव के लिए तिरपाल से ढककर रखने और बाजरा खरीद के बाद उसके उठान की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
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किसानों को सुबह चार बजे से आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। शहर में वीरवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। आढ़ती और किसान अपने स्तर पर ही बाजरे को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। तिरपाल ही उनके बचाव का एकमात्र सहारा बने हुए हैं। मंडी में वाहन खड़ा करने की जगह भी नहीं है और न ही अनाज बचाने की कोई उचित व्यवस्था है। महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में वीरवार को 5545 क्विंटल बाजरे की आवक हुई जबकि निजी खरीद के बाजरे का उठान 18,910 क्विंटल हुआ है। इसके लिए 224 गेटपास जारी किए गए हैं।
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सरकारी उठान की धीमी गति
अब तक केवल 33.50 क्विंटल सरकारी बाजरे का उठान हुआ है। मंडी में बाजरे के बचाव की कोई व्यवस्था नहीं दिख रही है। किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित रखने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
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एसडीएम भी दे रहे आढ़तियों को निर्देश
एसडीएम योगेश सैनी ने वीरवार को आढ़तियों से बातचीत की और उनको बोगस खरीद न करने के निर्देश दिए। साथ ही बाजरा को बारिश से बचाव के लिए तिरपाल से ढककर रखने और बाजरा खरीद के बाद उसके उठान की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।