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फसल बेचने के बाद भी नहीं हो रहा भुगतान
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बाजरे का उठान करते श्रमिक।
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। सात अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद का कार्य चल रहा है। जिला में 18 हजार एमटी से अधिक बाजरे खरीद हो चुकी है। करीब 14 हजार एमटी बाजरे का उठान भी हो चुका है। लेकिन किसानों को बाजरे की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे किसानों को आढ़तियों व खरीद एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं भुगतान नहीं होने से किसानों के आवश्यक कार्य रुक गए हैं। करीब 300 से अधिक किसान भुगतान के इंतजार में हैं। सरकार के नियमानुसार अनाज गोदाम में पहुंचने के 48 घंटे बाद राशि किसान के खाते में आ जानी चाहिए।
मेरे परिवार के तेरह गेट पास हैं। इन गेट पास के अंदर से एक का भी नंबर नहीं आया है। मेरे परिवार में तीन बेटियों की शादी है। ऐसे में परेशानी होना लाजिमी है। शादी कार्यक्रम को निपटाने के लिए पैसों की जरूरत है। बार-बार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। एप्लीकेशन लिखकर लेकर आया हूं और सचिव ने कहा कि तुम किसान तो नहीं लगते और एप्लीकेशन फेंक दी। हमारा 15 एकड़ का बाजरा है।
- रामवीर गांव भदानी।
हमें पैसे की जरूरत है और अगली बुवाई के लिए पैसे नहीं है। अब तक हमारे खाते में पैसे नहीं आए हैं। खाद-बीज भी लेकर आना था। अब अधिकारियों को भी कहा है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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- बिजेंद्र गांव बिरधाना किसान।
दो महीने पहले पंजीकरण कराया था। अब तक प्रशासन के चक्कर काट रहा हूं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ब्याज पर पैसा उठा रखा था। उसका भी टाइम पूरा हो चुका है। ऊपर से अगली बिजाई भी शुरू हो गई।
- लखबीर सिंह, खेड़ी होशियरपुर।
किसानों को हरासमेंट किया जा रहा है। उनके खाते में पैसे नहीं डलवाए जा रहे हैं। एक तारीख के बाद अब तक एक भी किसान के खाते में पैसा नहीं आया है। रोज किसान पैसे के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब अगली बिजाई के लिए भी किसान के पास पैसा नहीं है और तीस परसेंट किसान का ही बाजरा मंडी में पहुंच पाया है।
- संदीप कुमार, आढ़ती।
आठ तारीख को बाजरा डाला था। अब तक पेमेंट नहीं मिली है। घर में शादी है और पेमेंट ना होने की वजह से दिक्कत आ रही है। कभी कहते हैं शनिवार को हो जाएगी पेमेंट, कभी सोमवार को। लेकिन अब तक पेमेंट नहीं हुई है।
-किसान धर्मेंद्र गांव खुड्डन।
मेरे पास ढाई सौ किसानों का बाजरा पड़ा हुआ है। हर रोज किसान मेरे पास आते हैं। किसी के घर में शादी है तो किसी को बच्चों की फीस देनी है। सरकार से अपील करते हैं कि किसानों का भुगतान समय से करवाया जाए।
- आढ़ती सतपाल।
सभी के कागजात पूरे करके भेजे जा चुके हैं। किसानों की समस्या का समाधान किया जा रहा है।
- सविता सैनी, सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर।
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मेरे परिवार के तेरह गेट पास हैं। इन गेट पास के अंदर से एक का भी नंबर नहीं आया है। मेरे परिवार में तीन बेटियों की शादी है। ऐसे में परेशानी होना लाजिमी है। शादी कार्यक्रम को निपटाने के लिए पैसों की जरूरत है। बार-बार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। एप्लीकेशन लिखकर लेकर आया हूं और सचिव ने कहा कि तुम किसान तो नहीं लगते और एप्लीकेशन फेंक दी। हमारा 15 एकड़ का बाजरा है।
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- रामवीर गांव भदानी।
हमें पैसे की जरूरत है और अगली बुवाई के लिए पैसे नहीं है। अब तक हमारे खाते में पैसे नहीं आए हैं। खाद-बीज भी लेकर आना था। अब अधिकारियों को भी कहा है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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- बिजेंद्र गांव बिरधाना किसान।
दो महीने पहले पंजीकरण कराया था। अब तक प्रशासन के चक्कर काट रहा हूं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ब्याज पर पैसा उठा रखा था। उसका भी टाइम पूरा हो चुका है। ऊपर से अगली बिजाई भी शुरू हो गई।
- लखबीर सिंह, खेड़ी होशियरपुर।
किसानों को हरासमेंट किया जा रहा है। उनके खाते में पैसे नहीं डलवाए जा रहे हैं। एक तारीख के बाद अब तक एक भी किसान के खाते में पैसा नहीं आया है। रोज किसान पैसे के लिए चक्कर काट रहे हैं। अब अगली बिजाई के लिए भी किसान के पास पैसा नहीं है और तीस परसेंट किसान का ही बाजरा मंडी में पहुंच पाया है।
- संदीप कुमार, आढ़ती।
आठ तारीख को बाजरा डाला था। अब तक पेमेंट नहीं मिली है। घर में शादी है और पेमेंट ना होने की वजह से दिक्कत आ रही है। कभी कहते हैं शनिवार को हो जाएगी पेमेंट, कभी सोमवार को। लेकिन अब तक पेमेंट नहीं हुई है।
-किसान धर्मेंद्र गांव खुड्डन।
मेरे पास ढाई सौ किसानों का बाजरा पड़ा हुआ है। हर रोज किसान मेरे पास आते हैं। किसी के घर में शादी है तो किसी को बच्चों की फीस देनी है। सरकार से अपील करते हैं कि किसानों का भुगतान समय से करवाया जाए।
- आढ़ती सतपाल।
सभी के कागजात पूरे करके भेजे जा चुके हैं। किसानों की समस्या का समाधान किया जा रहा है।
- सविता सैनी, सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर।