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Jhajjar-Bahadurgarh News: वायरल बुखार का बदला पैटर्न, शरीर और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीज
Mon, 01 Sep 2025 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 01 Sep 2025 02:29 AM IST
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-फोटो 60 : अस्पताल में ओपीडी कार्ड बनवाने वालों की लगी भीड़। संवाद
बहादुरगढ़। मौसम लगातार परिवर्तनशील बना हुआ है। बदलते मौसम में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस बार बुखार का पैटर्न भी बदला हुआ है। चिकनगुनिया जैसा शरीर-मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। नागरिक अस्पताल मेें इलाज के लिए काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। उधर, चिकित्सक लोगों से मच्छरों से बचने और ठंडा पानी न पीने की सलाह दे रहे हैं। बच्चे भी इस वायरल की चपेट में है।
नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. विनय देशवाल ने बताया कि इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। बीते 10-15 दिनों से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
अस्पताल में आने वाले लोगों में बुखार अधिक नहीं था, लेकिन हाथ-पैर, कमर, गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में दर्द अधिक बताया। ऐसा चिकनगुनिया में होता था। राहत की बात है कि समय पर दवाएं शुरू कराने में तीन से पांच दिन में ठीक हो रहा है।
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खांसी और खराश कई दिनों तक परेशान कर रही है। अगर बुखार आ रहा है तो दर्द है, लेकनि जुकाम-खांसी नहीं है तो डेंगू का खतरा है, ऐसे में इसकी जांच जरूर करवा लें। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज सिर में दर्द, मांसपेशियों में भी दर्द की परेशानी बता रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों को तेज बुखार और पेट में दर्द की परेशानी अधिक मिल रही है। अगर बुखार आ रहा है तो गुनगुने पानी से शरीर को पोछने पर रक्त नलिकाओं में सिकुड़न कम होती है और रक्त संचार तेजी से होने लगता है। शरीर पर लगा गुनगुना पानी भांप बनकर उड़ता है। इससे ताप भी कम होता है।
यह सावधानी बरतें
-ठंडा पानी पीने और ठंडी सामग्री खाने से बचें।
-मच्छरों से बचाव करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
-बुखार आने पर चिकित्सकीय परामर्श से दवा लें।
-घर में रखी दवाएं और सिरप डॉक्टरी परामर्श से लें।
-फोटो 60 : अस्पताल में ओपीडी कार्ड बनवाने वालों की लगी भीड़। संवाद
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नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ. विनय देशवाल ने बताया कि इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। बीते 10-15 दिनों से वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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अस्पताल में आने वाले लोगों में बुखार अधिक नहीं था, लेकिन हाथ-पैर, कमर, गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में दर्द अधिक बताया। ऐसा चिकनगुनिया में होता था। राहत की बात है कि समय पर दवाएं शुरू कराने में तीन से पांच दिन में ठीक हो रहा है।
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खांसी और खराश कई दिनों तक परेशान कर रही है। अगर बुखार आ रहा है तो दर्द है, लेकनि जुकाम-खांसी नहीं है तो डेंगू का खतरा है, ऐसे में इसकी जांच जरूर करवा लें। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज सिर में दर्द, मांसपेशियों में भी दर्द की परेशानी बता रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों को तेज बुखार और पेट में दर्द की परेशानी अधिक मिल रही है। अगर बुखार आ रहा है तो गुनगुने पानी से शरीर को पोछने पर रक्त नलिकाओं में सिकुड़न कम होती है और रक्त संचार तेजी से होने लगता है। शरीर पर लगा गुनगुना पानी भांप बनकर उड़ता है। इससे ताप भी कम होता है।
यह सावधानी बरतें
-ठंडा पानी पीने और ठंडी सामग्री खाने से बचें।
-मच्छरों से बचाव करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
-बुखार आने पर चिकित्सकीय परामर्श से दवा लें।
-घर में रखी दवाएं और सिरप डॉक्टरी परामर्श से लें।
-फोटो 60 : अस्पताल में ओपीडी कार्ड बनवाने वालों की लगी भीड़। संवाद