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अस्पताल में जहां जगह मिली वहीं लेट रहे मरीज, बेड की नहीं ऑक्सीजन की कर रहे मांग

Sat, 08 May 2021 01:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 01:07 AM IST
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Patients were lying in the hospital where they were found, demanding oxygen rather than beds
झज्जर। सामान्य अस्पताल के आपातकालीन व सामान्य वार्ड में बेड तक खाली नहीं हैं। कोविड वार्ड के हालात कुछ ठीक हैं। लेकिन कोरोना संक्र मण के अलावा इसके लक्षण वाले मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं। आपातकालीन कक्ष में मरीज जमीन पर गद्दे लगाकर लेटे हुए हैं। वहीं मरीजों को जहां स्थान मिल रहा है, वहीं ऑक्सीजन लगा कर लेट रहे हैं। चाहे उन्हें स्ट्रैचर, जमीन, स्लैब व बेंच या फिर किसी बेड पर लेटने की जगह मिल रही है वहीं पर वे ऑक्सीजन लगवा कर लेटे हुए नजर आ रहे हैं। मरीजों व उनके साथ आने वाले परजिनों का कहना है कि मरीज की जान से बढ़कर सुविधाएं नहीं हैं। अब इस हालात में तो मरीज की जान बचाना सबसे पहला काम है। विभाग की तरफ से कम से कम ऑक्सीजन तो समय पर मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही है। फिलहाल दवाई के साथ-साथ ऑक्सीजन ही संजीवनी का काम कर रही है। डॉक्टर व कर्मचारी मरीजों के बीच रह कर उनकी जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं। काफी मरीज ठीक होकर घर जा रहे हैं। वहीं जिनकी हालत गंभीर है उन्हें भर्ती भी रखा जा रहा है।
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कहीं जगह खाली नहीं, फर्श पर ही गद्दा डाल मरीजों को लेटा रहे
शुक्रवार को सामान्य अस्पताल के आपातकालीन विभाग की हालत यह थी कि एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाया गया था। स्ट्रैचर व बेंच ही नहीं लोगों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सी सीट तक खाली नहीं थी। मरीजों को जमीन में गद्दा डालकर भी लेटा रहे थे। लोग अपने घरों से गद्दे मंगवाकर अपने मरीजों को अस्पताल में ऑक्सीजन पर रख रहे हैं, ताकि ऑक्सीजन के सहारे उनके प्राण बच सकें।
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दूसरे जिलों से भी पहुंच रहे मरीज
बुखार व शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण झज्जर से ही नहीं दूसरे जिलों से भी मरीज यहां पर आ रहे हैं। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व गुरुग्राम जिले से भी कई मरीज अस्पताल में पहुंचे और उनके परिजनों का कहना था कि उनके क्षेत्र में ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। उसके बाद पता चला कि झज्जर अस्पताल में ऑक्सीजन है तो मरीजों को यहां लेकर आए हैं। अस्पताल में बेड खाली नहीं हैं, लेकिन ऑक्सीजन मिलने से मरीज के प्राण बच रहे हैं, यही काफी है। मरीजों को इंजेक्शन देकर पहले उनका ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया जा रहा था और बाद में उन्हें ऑक्सीजन पर रखा जा रहा है।
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छोटे सिलिंडर से एक को, बड़े से दो मरीजों को दी जा रही ऑक्सीजन
सामान्य अस्पताल में छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर से एक-एक मरीज व बड़े से दो-दो मरीजों को जुगाड़ बना कर ऑक्सीजन दी जा रही है। स्टैथोस्कॉप में ऑक्सीजन की नलकी लगाकर जुगाड़ बनाया जा रहा है। उसके सहारे एक की बजाए दो-दो मरीजों को ऑक्सीजन देकर उनके प्राणों की रक्षा की जा रही है, ताकि सभी मरीजों को ऑक्सीजन की पूर्ति की जा सके।

सामान्य अस्पताल में बुखार व ऑक्सीजन की कमी वाले मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं। चिकित्सक व पूरा स्टाफ मरीजों के इलाज में जुटे हुए हैं। मरीज अधिक आएं हैं तो बेड की कमी खल रही है। मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है। प्रयास किए जा रहे हैं कि मरीज ठीक हों और काफी मरीज ठीक होकर घर भी लौट चुके हैं।
- डॉ. संजय सचदेवा, एसएमओ, झज्जर
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