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ओलंपिक पदक के लिए जज्बा: चोटिल हाथ से प्रैक्टिस कर रहे गूंगा पहलवान, अस्पताल से छुट्टी होते ही संभाला अखाड़ा
Tue, 05 Dec 2023 09:46 AM IST
नवीन दलाल
नरेश दहिया, साल्हावास (झज्जर)
नरेश दहिया, साल्हावास (झज्जर)
Published by: नवीन दलाल
Updated Tue, 05 Dec 2023 09:46 AM IST
सार
ओलंपिक के लिए गूंगा पहलवान चोटिल हाथ से प्रैक्टिस कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार पहलवान ने अस्पताल से छुट्टी मिलते ही अखाड़ा संभाल लिया था। वहीं, वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान पांच बार डेफ ओलंपिक खेल चुके हैं। वह तीन बार स्वर्ण और दो बार कांस्य पदक जीत चुके हैं।
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चोटिल हाथ से प्रैक्टिस कर रहा गूंगा पहलवान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झज्जर के सासरौली के लाडले वीरेंद्र उर्फ गूंगा पहलवान आज किसी परिचय के मोहताज नहीं। वे हमेशा मेहनत करने में विश्वास रखते हैं, चाहे परिस्थितियां कुछ भी हों। एक माह पहले वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप में कुश्ती लड़ते समय उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया, लेकिन अस्पताल से छुट्टी मिलते ही चोटिल हाथ से ही वीरेंद्र फिर से अखाड़े में अभ्यास करने में जुट गए हैं। उनका सपना चैंपियनशिप 2024 और डेफ ओलंपिक 2025 में देश को पदक दिलाना है।
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पांच बार खेल चुके डेफ ओलंपिक, तीन बार स्वर्ण, दो बार कांस्य पदक जीता
वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान पांच बार डेफ ओलंपिक खेल चुके हैं। वह तीन बार स्वर्ण और दो बार कांस्य पदक जीत चुके हैं। इतना ही नहीं वीरेंद्र सिंह की उपलब्धियों को देखते हुए केंद्र सरकार उन्हें भीम अवाॅर्ड, अर्जुन अवाॅर्ड, पदमश्री, नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित कर चुकी है। फिलहाल उन्होंने मेजर ध्यानचंद खेल रत्न के लिए नामांकन किया हुआ है। वीरेंद्र सिंह अपने भाई बलवान व अन्य परिजनों के साथ दिल्ली में ही रहते हैं।
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उपलब्धियों भरा रहा है वीरेंद्र का सफर
वीरेंद्र पहलवान 2014 से खेल विभाग में कोच की नौकरी कर रहे हैं। उनकी नियुक्ति करनाल में है, लेकिन हाथ में लगी चोट के कारण वे दो माह की छुट्टी पर चल रहे हैं। वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान ने 10 वर्ष की उम्र में कुश्ती खेलना शुरू किया था और पहले वे देहाती दंगल में कुश्ती किया करते थे, लेकिन धीरे-धीरे डेफ कुश्ती चैंपियनशिप में भी प्रतिभागी के तौर पर हिस्सा लेने लगे।
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2002 में किया था देश का प्रतिनिधित्व
साल 2002 में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। वर्ल्ड कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप 2002 के नेशनल में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। 2005 में ऑस्ट्रेलिया में हुए मूक बधिर ओलंपिक में स्वर्ण पदक, चीन में वर्ष 2009 में कांस्य पदक, बुल्गारिया के सोफिया में 2013 में स्वर्ण पदक, वर्ष 2017 में तुर्की में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में भी कई पदक जीत चुके हैं। मई 2022 में ब्राजील में आयोजित डेफ ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक प्राप्त करके देश को गौरवान्वित किया।