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Jhajjar-Bahadurgarh News: 48 दिन बाद भी बसों की नहीं हुई पासिंग, अब 10 बसें नूहं डिपो को होंगी ट्रांसफर
Thu, 26 Oct 2023 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 26 Oct 2023 12:15 AM IST
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झज्जर कार्यशाला में खड़ी नई रोडवेज बसें।संवाद
झज्जर। एरिया के हिसाब से प्रदेश के सबसे बड़े रोडवेज डिपो की 34 बसों की 48 दिन बाद भी पासिंग नहीं हो सकी है। पासिंग के अभाव में बसें रोडवेज वर्कशाप में धूल फांक रही हैं। अब इनमें से 10 बसों को नूहं रोडवेज को ट्रांसफर किया जाएगा।
नूहं रोडवेज के पास बसों की कमी थी, जिसके चलते उन्होंने रोड़वेज मुख्यालय से बसों की डिमांड की थी। इसके चलते 24 नई बसें झज्जर रोडवेज के पास रह जाएंगी, जिनकी पासिंग होना बाकी होगी। पासिंग न होने के कारण यात्रियों को भी इन बसों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बसों की पासिंग होने के बाद लंबे रूटों पर चलाया जाएगा, जिससे दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर सहित अन्य दूर स्थानों के यात्रियों को लाभ हो सकेगा।
प्रतिदिन साढ़े 15 लाख का राजस्व कमाती है बसें
झज्जर डिपो की बसें प्रतिदिन साढ़े 15 लाख रुपये का राजस्व कमाती है। नई बसों के शुरू होने पर राजस्व में भी इजाफा हो सकेगा। इस समय रोडवेज के पास लगभग 92 बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर चलती हैं।
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सितंबर के पहले सप्ताह में आई थी नई बसें
झज्जर डिपो को सितंबर माह के पहले सप्ताह में 34 नई बसें मिली थी, लेकिन पासिंग न होने के कारण अब सभी बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। यही नहीं डिपो को अभी एसी बसें भी मिलनी हैं।
वर्जन
पिछले माह नई बसें आई थी, लेकिन पासिंग न होने के कारण अब तक बसें रूट पर नहीं दौड़ सकी है। पासिंग होते ही बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा।
प्रमोद, बस अड्डा इंचार्ज, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो
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नूहं रोडवेज के पास बसों की कमी थी, जिसके चलते उन्होंने रोड़वेज मुख्यालय से बसों की डिमांड की थी। इसके चलते 24 नई बसें झज्जर रोडवेज के पास रह जाएंगी, जिनकी पासिंग होना बाकी होगी। पासिंग न होने के कारण यात्रियों को भी इन बसों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बसों की पासिंग होने के बाद लंबे रूटों पर चलाया जाएगा, जिससे दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर सहित अन्य दूर स्थानों के यात्रियों को लाभ हो सकेगा।
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प्रतिदिन साढ़े 15 लाख का राजस्व कमाती है बसें
झज्जर डिपो की बसें प्रतिदिन साढ़े 15 लाख रुपये का राजस्व कमाती है। नई बसों के शुरू होने पर राजस्व में भी इजाफा हो सकेगा। इस समय रोडवेज के पास लगभग 92 बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर चलती हैं।
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सितंबर के पहले सप्ताह में आई थी नई बसें
झज्जर डिपो को सितंबर माह के पहले सप्ताह में 34 नई बसें मिली थी, लेकिन पासिंग न होने के कारण अब सभी बसें वर्कशाप में खड़ी हैं। यही नहीं डिपो को अभी एसी बसें भी मिलनी हैं।
वर्जन
पिछले माह नई बसें आई थी, लेकिन पासिंग न होने के कारण अब तक बसें रूट पर नहीं दौड़ सकी है। पासिंग होते ही बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा।
प्रमोद, बस अड्डा इंचार्ज, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो