फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Panchayat election, two nomitation cancel

दो के नामांकन रद होने पर विवाद, नामांकन से वंचित महिलाओं का हंगामा

Tue, 05 Jan 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर Updated Tue, 05 Jan 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
Panchayat election, two nomitation cancel

पंचायत चुनाव में दूसरे चरण के लिए नामांकन जमा कराने का तिथि सोमवार को खत्म हो गई। अंतिम दिन कागजात पूरे करने में हुई लेट लतीफी के चलते दो महिलाओं का नामांकन न होने पर बेरी में उन्होंने बवाल काटा।

विज्ञापन


वहीं दूसरी तरफ झज्जर में प्रथम चरण के चुनाव में सरपंच के पद के लिए मैदान में उतरी एक महिला व पुरुष प्रत्याशी के नामांकन रद होने पर विवाद खड़ा हुआ है। चुनाव से जुड़े अधिकारियों ने दोनों ही मामलों में तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया है।
विज्ञापन


मामला-1
महाराष्ट्र में एससी, यहां रिजर्व सीट पर नामांकन रद

नामांकन दाखिल करने वाले ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की ठानी

गांव धौड़ में सरपंच का पद इस बार एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। गांव का रामबीर सामान्य वर्ग में आता है और सरपंच का सपना पाल रखा है।

उसकी शादी महाराष्ट्र निवासी चंदा के साथ हुई है। चंदा महार जाति से है और महाराष्ट्र में यह एससी वर्ग में है। सरपंच का पदा एससी के लिए आरक्षित हुआ तो उसने पत्नी चंदा के एससी होने के सर्टीफिके ट महाराष्ट्र से बनवाए और नामांकन जमा कर दिया। 30 दिसंबर को नामांकनों की जांच हुई तो चुनाव अधिकारी ने चंदा का नामांकन रद कर दिया। सरपंच के लिए लड़ाई धरी की धरी रह गई तो रामबीर हताश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह नामांकन रद होने के बाद से ही अधिकारियों के चक्र काट अपनी बात रख रहा है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। अब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की ठानी है। उसका आरोप है कि प्रशासन ने उसे गुमराह किया है। नामांकन से पहले ही वह पत्नी के जाति संबंधी कागजात दिखा कर राया ले चुका था। तब उनको सही बताया गया, लेकिन बाद में नामांकन रद कर दिया।

चंदा महारा जाति से है। यह जाति हरियाणा में आरक्षित वर्ग में नहीं आती है। पूरी पड़ताल व अधिकारियों से मार्ग दर्शन लेने के बाद ही नामांकन रद किया गया है। कार्रवाई कायदे कानून से हुई और इसमें कोई अन्य रीजन नहीं है।
विशाल, डीडीपीओ

मामला-2 :चुनाव चिह्न लेने गया, नामांकन रद मिला
गांव रोहद का ओमप्रकाश आरक्षित वर्ग से है, लेकिन गांव में सामान्य वर्ग के हिस्से आई सरपंची के चुनाव में कूद गया। 1 जनवरी को वह बीडीपीओ कार्यालय में चुनाव चिह्न लेने गया, लेकिन पता चला कि उसका तो 30 दिसंबर को नामांकन रद हो चुका है।

कारण पूछा, लेकिन बताने को तैयार नहीं। अब वह रिटर्निंग अधिकारी पर आरोप जड़ रहा है। सोमवार को मामले की शिकायत डीसी व अन्य अधिकारियों को की। रोहद निवासी ओमप्रकाश का कहना है कि उसका नामांकन सही तरीके से भरा था, चुनाव लड़ने की शर्त वह पूरी कर रहा था और इससे जुड़े सारे कागजात उसने पूरे कर नामांकन के साथ लगाए थे। उसका आरोप है कि जानबूझ कर नामांकन रद किया गया है।

असल में गांव में आरक्षित वर्ग से 3 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। दो ने उनको समर्थन दे दिया था। दूसरे वर्ग के प्रत्याशियों ने जानबूझ कर उसका नामांकन रद कराया है। रिटर्निंग अधिकारी ने उसको चुनाव चिह्न देने के लिए रिश्वत के साथ बहादुरगढ़ बुलाया था। आरोप ये भी है कि उसने गांव में अवैध कब्जों को उजागर करने के लिए आरटीआई लगाई थी, तभी से अधिकारी व ग्रामीण उससे खफा हैं। डीसी ने मामले की जांच कराने की बात कही है।

मामला-3 : दो महिलाएं नहीं कर पाई नामांकन, काटा बवाल
बेरी ब्लॉक में नामांकन दाखिल करने का सोमवार को आखिरी दिन था। नामांकन भरने से वंचित रहीं इन महिलाओं को जब समय बीतने के साथ ही उनका नामांकन लिए जाने से इन्कार कर दिया गया तो इन दोनों ही महिला प्रत्याशियों ने चुनाव अधिकारी के सामने ही जमकर हंगामा किया।


दोनों महिलाओं ने लगभग आधें घटें तक एसडीएम कार्यालय में हंगामा किया। बाद में कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने दोनों महिलाओं को समझाया और शांत किया।

नामांकन के आखिरी दिन वार्ड नंबर छह के लिए अनीता व विजय नामक दो महिलाएं अपना नामांकन दाखिल करने के लिए चुनाव अधिकारी के कार्यालय में सोमवार को आई थी। लेकिन कागजात में कमी होने के चलते इन्हें वहां से वापिस जाना पड़ा। लेकिन जब यह दोनों ही महिलाएं अपने कागजात पूरे कराकर अपना नामांकन दाखिल करने के लिए एसडीएम के सामने पहुंची तो तब तक  नामांकन दाखिल करने का समय बीत चुका था।

यहीं वजह रहीं कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने इनका नामांकन लेने से इन्कार कर दिया। जैसे ही इन महिलाओं को समय बीतने का पता चला तो इन दोनों ही महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले में हसतक्षेप कर इन महिलाओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया।

बेरी के एसडीएम अजय मलिक का कहना था कि बेरी ब्लॉक समीति के नामांकन प्रक्रिया का अंतिम दिन था। वार्ड छह की महिलाएं नामांकन दर्ज करवाने के लिए आई थी तो महिलाओं के कागजात पूरे नही थे और बाद जब दोनों महिलाएं अपने कागजातों को पूरा करके नामांकन दर्ज करवाने आई तो तब तक नामांकन दर्ज करने का समय पूरा हो गया था और समय के बाद नामांकन दर्ज करना संभव नही होता है। इसी दौरान महिलाओं ने हंगामा किया है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed