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Jhajjar-Bahadurgarh News: झज्जर से डीघल 17 किलोमीटर के बीच नेशनल हाईवे पर महज दो पुलिस गाड़ी खड़ी मिली, नहीं दिखी पैट्रोलिंग

Wed, 03 Dec 2025 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Wed, 03 Dec 2025 01:49 AM IST
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Only two police vehicles were found parked on the 17-km stretch of the national highway between Jhajjar and Dighal, and no patrolling was seen.
02jjrp04- डीघल टोल पर तैनात एंबुलेंस और क्रेन। संवाद
झज्जर। रोहतक से रेवाड़ी नेशनल हाईवे 352 स्थित डीघल टोल प्लाजा पर केवल एक एंबुलेंस तैनात है। यह रोहतक के गांव मायना से लेकर झज्जर-रेवाड़ी रोड पर पड़ने वाले दादनपुर गांव तक का एरिया कवर करती है जोकि 35 किलोमीटर है। एनएचएआई के टोल फ्री नंबर-1033 पर कॉल आने के बाद इसे मौके पर भेजा जाता है। इसके अलावा झज्जर से डीघल 17 किलोमीटर में महज दो पुलिस की गाड़ी खड़ी मिली।
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आने वाले दिनों में कोहरा छाने पर सड़क पर चालकों की सुरक्षा जानने के लिए अमर उजाला की संवाद टीम ने मंगलवार को झज्जर से डीघल तक लगभग 17 किलोमीटर का सफर तय कर एंबुलेंस, पुलिस पैट्रोलिंग की स्थिति जानी। 17 किलोमीटर के सफर में केवल दो जगहों पर ही पुलिस की गाड़ी खड़ी नजर आई।
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पुलिस की एक गाड़ी दुजाना थाने के बाहर खड़ी थी जबकि एक ईआरवी दुजाना चौक पर खड़ी थी। इसके अलावा दोनों तरफ से 34 किलोमीटर के सफर में कहीं भी पेट्रोलिंग गाड़ी नहीं दिखी। जब टीम डीघल टोल पर पहुंची तो वहां एनएचएआई की तरफ से तैनात की गई एंबुलेंस खड़ी मिली। वहीं पर क्रेन भी खड़ी थी जबकि पैट्रोलिंग पार्टी सिलानी गांव के ओवरब्रिज के पास गई हुई थी। बताया गया कि ओवरब्रिज वन-वे होने के कारण वहां दुर्घटना की संभावना रहती है, इसलिए पैट्रोलिंग टीम को भेजा गया है।
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झज्जर-गुरुग्राम रोड पर भी नहीं दिखी पुलिस
झज्जर-गुरुग्राम रोड स्टेट हाईवे के अधीन आता है। यहां राव तुलाराम चौक से लेकर गुरुग्राम बाईपास तक कोई पुलिस तैनात नहीं दिखी। केवल पुलिस की एक ईआरवी लघु सचिवालय के पास तैनात थी। इसके अलावा कहीं भी कोई राइडर व अन्य पुलिस कर्मचारी नहीं दिखे और न ही कोई एंबुलेंस तैनात थी।

35 किलोमीटर के लिए एक ही एंबुलेंस
जिले का नेशनल हाईवे 352 तीन जिलों को कवर करता है, जिसमें रोहतक, झज्जर और रेवाड़ी शामिल हैं, लेकिन नेशनल हाईवे पर सड़क दुर्घटना को लेकर केवल एक ही एंबुलेंस तैनात की गई है, जिसे डीघल टोल पर खड़ा किया जाता है। कॉल आने पर यहीं से एंबुलेंस एनएच का लगभग 35 किलोमीटर का एरिया कवर करती है। एंबुलेंस पर दो ड्राइवर और तीन ईएमटी तैनात किए गए हैं। ड्राइवर की शिफ्ट 12-12 घंटे और ईएमटी की शिफ्ट 8-8 घंटे की है। इसके अलावा एक क्रेन भी तैनात की गई है, जो हादसों के बाद वाहनों को हटाने के लिए है।

स्वास्थ्य विभाग की 22 में से तीन एंबुलेंस ऑफ रोड, एंबुलेंस का रिएक्शन टाइम-15 मिनट
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 22 एंबुलेंस हैं, जिसमें से केवल 19 ऑन रोड चल रही हैं। तीन की रिपेयरिंग का काम चल रहा है। इसमें से 2 एएलएस और सात बीएलएस गाड़ियां हैं। इन 22 एंबुलेंस पर कुल 65 चालक है और 26 ईएमटी तैनात हैं। गाड़ियों के मुकाबले ईएमटी की संख्या कम है। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस का घटनास्थल पर पहुंचने का रियल टाइल 14 से 15 मिनट तक है।


कोहरे को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) ने जारी किए निर्देश
वाहनों चालकों की तरफ से लापरवाही एवं कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम किए जाने को लेकर सहायक पुलिस आयुक्त यातायात अखिल कुमार ने सभी सड़क एजेंसियों और पुलिस थाना व चौकी प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कहा गया है कि यातायात का सुव्यवस्थित रूप से संचालन के लिए बाहर से आने वाले वाहनों की चैकिंग की जाए। सुबह चालकों की तेज गति, गलत दिशा में चलना, अनावश्यक पार्किंग और ओवरलोडिंग आदि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की संख्या और बढ़ जाती है।


यह दिए गए निर्देश
- वाहनों पर विशेष निगरानी रखते हुए निर्धारित मार्ग एवं समय का पालन अनिवार्य कराया जाए।
- नो–पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों पर चालान व कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- गलत दिशा में चलने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
- बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
- दुर्घटना–प्रभावित, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए।
- संबंधित दुग्ध डेयरियों, स्थानों के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर यातायात नियमों के पालन के निर्देश दिए जाए।

कोहरे की स्थिति में....
- हेडलाइट, डिपर व इंडिकेटर का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित कराया जाए।
- वाहनों की अधिक गति पर रोक लगाते हुए स्पीड जांच बढ़ाई जाए।
- दृश्यता कम होने पर संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर लगाए जाए।
- सुबह के समय स्कूल जाने वाले हिस्सों में पैदल यात्री नियंत्रण एवं सतर्कता बढ़ाई जाए।


स्टेट या नेशनल हाईवे पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस तैनात नहीं रहती। उनकी गाड़ियां डायल 112 से जुड़ी हैं। 112 पर कॉल आने पर उसकी जानकारी हमारे पास पहुंच जाती है। इसके बाद एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेज दिया जाता है। एंबुलेंस का रियल टाइम 14 से 15 मिनट का है।
- यशपाल मोमिया, उप सिविल सर्जन

02jjrp04- डीघल टोल पर तैनात एंबुलेंस और क्रेन। संवाद

02jjrp04- डीघल टोल पर तैनात एंबुलेंस और क्रेन। संवाद

02jjrp04- डीघल टोल पर तैनात एंबुलेंस और क्रेन। संवाद

02jjrp04- डीघल टोल पर तैनात एंबुलेंस और क्रेन। संवाद

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