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सीएम के आने पर प्रशासन ने ली बजरंग पूनिया के गांव की सुध
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समारोह स्थल के साथ पंप सेट लगा कर की जा रही पानी की निकासी।
- फोटो : Jhjhar
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टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले पहवान बजरंग पूनिया के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना प्रशासन को मिली तो उनके गांव व आसपास क्षेत्र में भरे पानी की निकासी में तेजी आ गई है। दो दिन में सिंचाई विभाग की तरफ से समारोह स्थलों के आसपास 10 पंप सेट लगाकर तेजी से पानी निकाला जा रहा है। इससे पहले 18 स्थानों पर पंप सेट लगए गए थे। दो दिन में दस पंप सेट और बढ़ा दिए गए हैं। जबकि खुड्डन गांव की करीब 15 हजार व आसपास के करीब दस हजाए एकड़ भूमि की फसलें रखाब हो चुकी हैं।
प्रशासनिक स्तर पर गांव की भूमि में भरे पानी की निकासी की ठोस व्यवस्था ना होने से प्रशासन के प्रति ग्रामीण पहले ही नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अकेले खुड्डन गांव में 17000 एकड़ भूमि है जिसमें से साढ़े 15 हजार एकड़ भूमि में बारिश का पानी भरा हुआ है और प्रशासन की तरफ से पानी की निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। किसानों को अपने हाल पर ही छोड़ दिया था। जब गांव में मुख्यमंत्री के आगमन का कार्यक्रम बना तो विभाग को गांव के पानी की निकासी की याद आई है।
गांव में पानी की निकासी के लिए 28 पंप लगा दिए गए हैं। एक स्थायी पंप भी लगाया गया है। 18 पंप सेट डीजल इंजन वाले और 9 पंप सेट बिजली की मोटर से चलने वाले लगाए गए हैं। दो दिन में दस पंप सेट और बढ़ा दिए गए हैं।
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- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।
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प्रशासनिक स्तर पर गांव की भूमि में भरे पानी की निकासी की ठोस व्यवस्था ना होने से प्रशासन के प्रति ग्रामीण पहले ही नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अकेले खुड्डन गांव में 17000 एकड़ भूमि है जिसमें से साढ़े 15 हजार एकड़ भूमि में बारिश का पानी भरा हुआ है और प्रशासन की तरफ से पानी की निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। किसानों को अपने हाल पर ही छोड़ दिया था। जब गांव में मुख्यमंत्री के आगमन का कार्यक्रम बना तो विभाग को गांव के पानी की निकासी की याद आई है।
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गांव में पानी की निकासी के लिए 28 पंप लगा दिए गए हैं। एक स्थायी पंप भी लगाया गया है। 18 पंप सेट डीजल इंजन वाले और 9 पंप सेट बिजली की मोटर से चलने वाले लगाए गए हैं। दो दिन में दस पंप सेट और बढ़ा दिए गए हैं।
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- सतीश कुमार जनावा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।