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अब बिरधाना और बराहना में हो सकेंगी रिश्तेदारी
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आपस में दोनों गांवों बुजुर्गों के हाथ मिलवाते अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह।
- फोटो : Jhjhar
बेरी। डीघल और रोहतक जिले के इस्माईला गांव की दो सौ साल पुरानी रंजिश खत्म करा कर इतिहास रचने वाली अहलावत खाप 27 ने अब दूसरा फैसला लेकर इतिहास रचा है। यह फैसला है बिरधाना और बरहाना गांव के बीच आपसी रिश्तेदारी कायम करने का। इसी सिलसिले में रविवार को सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने की दृष्टि से डीघल गांव की गोशाला में एक पंचायत का आयोजन किया गया।
पंचायत में अहलावत खाप 27 के प्रधान जय सिंह, पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल के प्रधान रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता बिजेन्द्र अहलावत, आनंद चेयरमैन, जयभगवान पहलवान, श्रीओम बरहाना, पूर्व सरपंच नरेंद्र, जयपाल बरहाना ने मुख्य रूप से शिरकत की। काफी देर तक चली इस पंचायत में इस बात पर काफी देर तक मंत्रणा चली कि बिरधाना और बरहाना गांव का पिछले ढाई सौ साल से एक ही तपा के आने की वजह से आपसी भाईचारा था। लेकिन मौजूदा हालात में जो स्थिति है उसे देखते हुए इसे रिश्तेदारी में तबदील किया जाए। इस पर सभी ने हामी भरी। बाद में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित का इस फैसले पर मुहर लगा दी गई। अब बरहाना और बिरधाना गांव के आपसी रिश्ते हो पाएंगे। इस फैसले के बाद दोनों ही गांवों ने खुशी जताई। दोनों गांवों के बुजुर्गों के हाथ भी मिलवाए और गले भी मिलवाया।
दोनों गांवों के बीच 10 से 12 किलोमीटर की दूरी
अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह अहलावत ने बताया कि दोनों गांव के बीच करीब 10 से 12 किलोमीटर की दूरी है। इतना ही नहीं मुख्य कारण दोनों गांवों के लोगों के गोत्र भी नहीं मिलते हैं। बराहना गांव का अहलावत गोत्र है और बिरधाना गांव का दहिया गोत्र है। बीच की दूरी में दो गांव पड़ते हैं। इनमें मदाना और मेहराणा रिश्ते पहले इसलिए नहीं होते थे। क्योंकि दोनों खापों में बिरधना गांव आता था। लेकिन अब बिरधाना आता है। खाप के अनुसार अब भाईचारे के बजाए आपस में रिश्ते होंगे।
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ये रहे मौजूद
पंचायत में गोपी, प्रहलाद बरहाना, बिरधाना से महासिंह ठेकेदार पूर्व सरपंच मांगे अहलावत , अंगद अहलावत , पूर्व सरपंच हंसा डीघल, रमेश पहलवान, जगत पहलवान, बलराज पहलवान (बल्लू) डीघल भी मौजूद रहे।
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पंचायत में अहलावत खाप 27 के प्रधान जय सिंह, पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल के प्रधान रह चुके वरिष्ठ अधिवक्ता बिजेन्द्र अहलावत, आनंद चेयरमैन, जयभगवान पहलवान, श्रीओम बरहाना, पूर्व सरपंच नरेंद्र, जयपाल बरहाना ने मुख्य रूप से शिरकत की। काफी देर तक चली इस पंचायत में इस बात पर काफी देर तक मंत्रणा चली कि बिरधाना और बरहाना गांव का पिछले ढाई सौ साल से एक ही तपा के आने की वजह से आपसी भाईचारा था। लेकिन मौजूदा हालात में जो स्थिति है उसे देखते हुए इसे रिश्तेदारी में तबदील किया जाए। इस पर सभी ने हामी भरी। बाद में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित का इस फैसले पर मुहर लगा दी गई। अब बरहाना और बिरधाना गांव के आपसी रिश्ते हो पाएंगे। इस फैसले के बाद दोनों ही गांवों ने खुशी जताई। दोनों गांवों के बुजुर्गों के हाथ भी मिलवाए और गले भी मिलवाया।
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दोनों गांवों के बीच 10 से 12 किलोमीटर की दूरी
अहलावत खाप के प्रधान जयसिंह अहलावत ने बताया कि दोनों गांव के बीच करीब 10 से 12 किलोमीटर की दूरी है। इतना ही नहीं मुख्य कारण दोनों गांवों के लोगों के गोत्र भी नहीं मिलते हैं। बराहना गांव का अहलावत गोत्र है और बिरधाना गांव का दहिया गोत्र है। बीच की दूरी में दो गांव पड़ते हैं। इनमें मदाना और मेहराणा रिश्ते पहले इसलिए नहीं होते थे। क्योंकि दोनों खापों में बिरधना गांव आता था। लेकिन अब बिरधाना आता है। खाप के अनुसार अब भाईचारे के बजाए आपस में रिश्ते होंगे।
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ये रहे मौजूद
पंचायत में गोपी, प्रहलाद बरहाना, बिरधाना से महासिंह ठेकेदार पूर्व सरपंच मांगे अहलावत , अंगद अहलावत , पूर्व सरपंच हंसा डीघल, रमेश पहलवान, जगत पहलवान, बलराज पहलवान (बल्लू) डीघल भी मौजूद रहे।